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: छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक: बेलगाम गजराजों ने किया बेघर, ग्रामीण बोले- हम कहां जाएं साहब ?

MP CG Times / Sun, Sep 1, 2024

Fear Of Elephants In Manendragarh: छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के केल्हारी और बिहारपुर गांव में हाथियों का एक समूह परेशानी का सबब बन गया है। इन इलाकों में रात के समय हाथियों के हमले बढ़ जाते हैं।

Fear Of Elephants In Manendragarh: भोजन की तलाश में हाथी जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच गए हैं। शनिवार की रात हाथियों ने दो घरों में तोड़फोड़ की और लोगों को बेघर कर दिया। ग्रामीण परेशान हैं और हाथियों के डर से रात में जागने को मजबूर हैं। हाथियों के डर से हम कहां जाएं साहब? Fear Of Elephants In Manendragarh: केल्हारी और बिहारपुर गांव के लोगों ने मीडिया से कहा कि "हाथियों के डर से जीना मुश्किल हो गया है। रात के समय हाथियों का डर बढ़ जाता है। हम सुरक्षित हैं लेकिन हम अपना घर कहां लेकर जाएं साहब, बेकाबू हाथियों ने हमें बेघर कर दिया है। Fear Of Elephants In Manendragarh: हमारी आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी, अब हाथियों के हमले ने हमारी परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में अब हम कहां जाएं साहब?" पिछले चार दिनों से हाथियों का उत्पात जारी है Fear Of Elephants In Manendragarh: केल्हारी और बिहारपुर के घुटरा में हाथियों ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। यहां के निवासी लालजी यादव का घर हाथियों ने तोड़ दिया। Fear Of Elephants In Manendragarh:इसके बाद हाथियों ने उनके खेत में लगी फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। गांव के अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार रात को हाथियों ने कुल दो घरों को तोड़ दिया। "हमारी टीम हाथियों की आवाजाही पर नजर रख रही है। हम समय-समय पर ग्रामीणों को सचेत कर रहे हैं। लोगों को जंगल की ओर जाने से मना किया जा रहा है। उम्मीद है कि ग्यारह हाथियों का दल अब अमृत धारा की ओर बढ़ेगा": रामसागर कुर्रे, वन परिक्षेत्र अधिकारी, मनेंद्रगढ़ वन मंडल हाथियों के हमले से हुए नुकसान का वन विभाग ने निरीक्षण किया Fear Of Elephants In Manendragarh: हाथियों के हमले से हुए नुकसान का वन विभाग ने निरीक्षण किया है। हाथी प्रभावित लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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