अमरकंटक में नर्मदा तट के 300 मीटर दायरे में नए निर्माण पर रोक : मंदिर परिसर से हटेंगी कंक्रीट-टाइल्स, मांस-मदिरा पर सख्त प्रतिबंध, नया एग्जिट गेट बनेगा
MP CG Times / Sun, Sep 27, 2026
अमरकंटक/अनूपपुर। पवित्र नगरी अमरकंटक को उसके वास्तविक, प्राकृतिक और स्वच्छ स्वरूप में बनाए रखने के लिए अनूपपुर जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। नर्मदा समग्र मिशन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने स्पष्ट किया कि अमरकंटक के पर्यावरण और धार्मिक पवित्रता की रक्षा करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि नर्मदा नदी के तट से 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सभी तरह के अवैध अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नर्मदा मंदिर में बदलाव: हटेगी कंक्रीट, बिछेगा पारंपरिक पत्थर; बनेगा नया एग्जिट गेट
धार्मिक नगरी के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
पारंपरिक पत्थरों से सजेगा परिसर: मां नर्मदा मंदिर परिसर में बिछाई गई कंक्रीट और आधुनिक टाइल्स को उखाड़कर अमरकंटक की ऐतिहासिक पहचान के अनुकूल पारंपरिक पत्थर लगाए जाएंगे।
नया निकासी (Exit) द्वार: पर्व-त्योहारों पर जुटने वाली भारी भीड़ और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मंदिर में मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा एक नया निकासी द्वार तैयार किया जाएगा।
नो-पार्किंग जोन: मंदिर परिसर के आसपास किसी भी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह बैन रहेगी, ताकि वहां का माहौल शांत और सुगम बना रहे।

नदियों में नहीं बहेगा गंदा पानी: महीने में 2 बार होगी नर्मदा जल की टेस्टिंग
होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए PHE और नगर पालिका को कड़े निर्देश दिए गए हैं:
रजिस्टर में दर्ज होगी जल जांच: नर्मदा नदी के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पीएचई (PHE) विभाग महीने में कम से कम 2 बार वाटर टेस्टिंग करेगा और इसका रिकॉर्ड आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज होगा।
वाटर ट्रीटमेंट अनिवार्य: होटल और धर्मशालाओं का दूषित पानी सीधे नदियों या जल स्रोतों में बहाने पर रोक रहेगी। सभी प्रतिष्ठानों को वाटर ट्रीटमेंट की व्यवस्था करनी होगी।
कचरे से बनेगी खाद: शहर के लिए नई डंपिंग साइट चिह्नित की जाएगी और गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार कर स्थानीय बगीचों में उपयोग किया जाएगा।
मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, वेंडर्स के लिए बनेगा हॉकर्स जोन
कपिलधारा, सोनमुड़ा और नर्मदा मंदिर के आसपास फैली अवैध दुकानों को हटाया जाएगा, लेकिन छोटे व्यापारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाएगा।
हॉकर्स जोन और लोन: बेदखल होने वाले छोटे कारोबारियों को हॉकर्स जोन में शिफ्ट किया जाएगा और 'पीएम स्वनिधि योजना' के तहत वित्तीय मदद दी जाएगी।
मीट-शराब की बिक्री पर पूरी रोक: नगर पालिका अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पूरे अमरकंटक क्षेत्र में मांस और मदिरा (शराब) की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है और इसका शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है।
इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी, डीएफओ डेविड व्यंकटराव चनाप, एसडीएम वसीम अहमद भट और नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते समेत प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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