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: पुष्पराजगढ़ में 'मौत' बनकर झूलते तार: बिजली हॉफ और वसूली फुल, आंख मूंदे बैठे जिम्मेदार, खाली बिल के लिए चूसते हैं खून, बड़ी अनहोनी का इंतजार ?

आशीष सेन, अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ के राजेंद्रग्राम अंतर्गत भेजरी में इन दिनों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का सड़क पर निकलना मतलब जान हथेली पर रखकर घूमने के समान हो चुका है, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदारों की आंखें तो किसी बड़े हादसे के बाद ही खुलेगी, क्योंकि खतरनाक स्थिति में लटकते बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं. ग्रामीणों की शिकायत को विभाग हवा में ले लेता है, बस बिजली बिल के नाम पर हर महीने गरीबों का खून चूसते हैं. जिम्मेदार अपने अफसरशाही में डूबे रहते हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. CM हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हो सका. ग्रामीण अब थक हारकर MP-CG टाइम्स से गुहार लगाई है. दरअसल, भेजरी में महज 6 फीट में ही बिजली की नंगी तार झूल रही है. विभाग को बड़े हादसे का इंतजार है. की यूं कहें बिजली का तार जी का जंजाल बन गया है. भमरिया फीडर से भेजरी पंचायत में बिजली सप्लाई होती है, जिसमें 11kv की लाइन है. गांव में 6 ट्रांस्फर हैं. इतना ही नहीं लाइट ऑफ और बिजली बिल फुल आती है. कम वोल्टेज की सप्लाई से लोग हलाकान रहते हैं. लाखों वसूली और खर्च फिर भी कोताही ? हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है. नतीजा गांव में झूलते बिजली के तार जानलेवा स्थिति बना रहे हैं. आए दिन टूटने वाले तार से परेशान लोगों की शिकायतों पर भी बिजली कंपनी सुधार नहीं कर रही है. सड़क के किनारे झूले तार MP-CG टाइम्स से बातचीत में भेजरी के लोगों ने कहा कि गांव में झूलते विद्युत तार जानलेवा बन रहे हैं. आए दिन टूटने वाले तारों को लेकर परेशान लोगों की शिकायतों पर भी विभाग नजर अंदाज करता दिखाई दे रहा है. ऐसा लगता है कि शायद उन्हें हादसों का इंतजार है. कई जगहों पर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं. सड़क के किनारे में तार झूल रहे हैं, जिसमें कोई भी कभी भी फंस सकता है. भेजरी सरपंच ने कहा कि इसकी शिकायत कई मर्तबा की गई, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया. बांस बल्ली के सहारे चल रही बिजली आपूर्ति गांव के तमाम मोहल्लों में बिजली आपूर्ति आज भी बांस बल्ली पर चल रही है. गांव में तमाम जगहों पर विद्युत तार बांस बल्ली के सहारे टिके हैं. बरसात के मौसम में झूलते तारों और जर्जर विद्युत पोल से हादसों का खतरा बढ़ जाता है. पानी में करंट फैलने की भी आशंका बनी रहती है. गांव के लोगों ने जानिए क्या कहा ? गांव में झूलते बिजली के तार आफत का सबब बन रहे हैं. इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं. झूलते बिजली के तारों से हादसों का डर बना रहता है. विद्युत निगम को इसकी पहल करनी चाहिए. गांव के लोग दहशत में रहते हैं, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, बस बिजली बिल समय पर लेने आ जाते हैं.

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