Logo
Breaking News Exclusive
Ramkrishna Hospital में गटर बना मौत का कुंआ, तड़प-तड़पकर मरे 3, रोते-बिलखते रहे परिजन तांत्रिक बोले- 1 लाख में गर्लफ्रेंड आएगी, 5 लाख में मां का काम तमाम, कमिश्नर को भी पैरालाइज्ड कर देंगे BJP नेता समेत 3 की मौत, 30 मिनट तक कार में तड़पते रहे, कांच फोड़कर सिर बाहर आए 28 हजार महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, ‘उजास’ पत्रिका का विमोचन खेतों में बिछी सफेद चादर, किसानों की फसल चौपट, अब बीमारी का खतरा Heatwave में घर पर बनाएं Drinks & Snacks, जानिए Juices और Fresh Fruits के Healthy Recipes गर्मी में बढ़ा बिजली बिल, ये 7 Smart Tips अपनाकर करें आधा खर्च Weather Alert India, 17 राज्यों में बारिश- ओले बरस रहे; अब बढ़ेगी भीषण गर्मी ! गरियाबंद में 43 करोड़ बिजली बिल बकाया, जानिए कैसे और कौन करा सकते हैं माफ ? गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ? Ramkrishna Hospital में गटर बना मौत का कुंआ, तड़प-तड़पकर मरे 3, रोते-बिलखते रहे परिजन तांत्रिक बोले- 1 लाख में गर्लफ्रेंड आएगी, 5 लाख में मां का काम तमाम, कमिश्नर को भी पैरालाइज्ड कर देंगे BJP नेता समेत 3 की मौत, 30 मिनट तक कार में तड़पते रहे, कांच फोड़कर सिर बाहर आए 28 हजार महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, ‘उजास’ पत्रिका का विमोचन खेतों में बिछी सफेद चादर, किसानों की फसल चौपट, अब बीमारी का खतरा Heatwave में घर पर बनाएं Drinks & Snacks, जानिए Juices और Fresh Fruits के Healthy Recipes गर्मी में बढ़ा बिजली बिल, ये 7 Smart Tips अपनाकर करें आधा खर्च Weather Alert India, 17 राज्यों में बारिश- ओले बरस रहे; अब बढ़ेगी भीषण गर्मी ! गरियाबंद में 43 करोड़ बिजली बिल बकाया, जानिए कैसे और कौन करा सकते हैं माफ ? गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ?

: CRPF: 17 वर्ष बाद नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुआ ये इलाका, अब एशिया का बड़ा 'इमली' बाजार लेगा नई करवट

News Desk / Wed, Feb 1, 2023


CRPF: 165वीं बटालियन

CRPF: 165वीं बटालियन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय सुरक्षा बल 'सीआरपीएफ' की 165वीं बटालियन ने छत्तीसगढ़ पुलिस को साथ लेकर एक ऐसा मुश्किल कार्य, संभव कर दिखाया है जिसका इंतजार 2006 से हो रहा था। सफलता की इस दहलीज तक पहुंचने के लिए सीआरपीएफ को कई बड़े जोखिमों से गुजरना पड़ा है, नक्सलियों के अनेक हमलों को नाकाम किया गया। 17 वर्ष के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सैंकड़ों छोटे-बड़े ऑपरेशन किए गए। 2006 से पहले इमली मार्केट को लेकर जिस क्षेत्र की एशिया में तूती बोलती थी, नक्सलियों ने उसे बंद कर दिया था। सीआरपीएफ ने पुलिस के सहयोग से अब बीजापुर और दंतेवाड़ा को जोड़ने वाले व्यापार मार्ग को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त करा दिया है। इतना ही नहीं, महज तीस दिन के भीतर वहां पर दो फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) भी स्थापित कर दिए। ये एफओबी 'बेडरे' और 'कुंदर' में तैयार किए गए हैं। इसके चलते एशिया का सबसे बड़ा 'इमली' बाजार, अब एक नई करवट लेने की राह पर चल पड़ा है।

विकासात्मक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस को साथ लेकर माओवादियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीआरपीएफ और राज्य पुलिस द्वारा, नक्सलियों को खदेड़ कर वहां फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) स्थापित किए जा रहे हैं। ये बेस न केवल रणनीतिक तौर पर, अपितु आसपास के क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को भी पूरी तरह से खत्म करने में सहायक होंगे। इन कैंपों के जरिए स्थानीय निवासियों का भी आत्मविश्वास बढ़ जाता है। लंबे समय तक नक्सलियों के प्रभाव को झेल चुके स्थानीय लोग, अब विकास का नया सवेरा देखना चाहते हैं। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में वहां बहुप्रतीक्षित विकासात्मक गतिविधियों को भी अब रफ्तार मिलने लगी है।

नक्सलियों ने सड़कें खोदी तो नष्ट किए बिजली उपकरण

सीआरपीएफ की 165वीं बटालियन ने लोकल पुलिस को साथ लेकर इमली बाजार के रूट को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त कराने की रणनीति बनाई। 2006 के बाद जिला मुख्यालय बीजापुर और दंतेवाड़ा को जोड़ने वाला पुराना व्यापार मार्ग बाधित हो गया था। एशिया के सबसे बड़े इमली बाजार पर इसका व्यापक असर देखने को मिला। आंध्र प्रदेश, केरल व तमिलनाडु सहित कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी खत्म हो गई। माओवादियों ने एक रणनीति के तहत यहां की सड़कों को खोद दिया। उन्हें बीच से काट दिया। गहरी खाई खोदी गई। बिजली उपकरणों को नष्ट कर दिया गया। इस इलाके में नक्सलियों ने सरकारी योजनाओं का रास्ता रोक दिया। यहां तक कि कौन किसके साथ शादी करेगा, कुछ जगहों पर नक्सली इस हस्तक्षेप तक भी पहुंच गए थे। वे अपनी अघोषित सरकार चलाने लगे। सरकारी स्कीम के तहत कोई विकास कार्य जैसे तालाब खुदाई का कार्य होता तो उसमें से 20 फीसदी राशि ले लेते थे।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन