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अनूपपुर में 800 बच्चों के PM-Shri स्कूल के पास धंसी जमीन : खदान की माइंस के पास दिखा भयानक नजारा; आसपास दरारें, दहशत में ग्रामीण
Tue, Jul 14, 2026
अनूपपुर (मध्य प्रदेश)। एसईसीएल (SECL) जमुना कोतमा क्षेत्र की बरतराई भूमिगत कोयला खदान से सटे ग्राम मलगा में एक खौफनाक हादसा होने से बाल-बाल बच गया। गांव में स्थित पीएमश्री स्कूल (PM Shri School) से बिल्कुल सटकर अचानक जमीन धंस गई। इस स्कूल में करीब 800 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं।
स्कूल की दीवार के इतने करीब जमीन धंसने और बड़ी-बड़ी दरारें आने की घटना से बच्चों, शिक्षकों और पूरे गांव में भारी दहशत और चिंता का माहौल है।
प्रबंधन बोला— यह 'डेवलपमेंट एरिया' है, गड्ढा भरकर लगाएंगे चेतावनी बोर्ड
जमीन धंसने की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही बरतराई खदान के प्रबंधक अनिल कुमार यादव और माइनिंग सरदार अपनी टेक्निकल टीम के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने धंसे हुए इलाके का मुआयना करने के बाद ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश की।
खदान प्रबंधन का दावा है कि यह खदान का 'डेवलपमेंट एरिया' है और फिलहाल यहां कोई 'गोफ' (बड़ा खाली अंडरग्राउंड गैप) नहीं बना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गड्ढे को जल्द से जल्द मलबे से भरकर वहां फेंसिंग की जाएगी और सुरक्षा के लिहाज से चेतावनी बोर्ड भी लगा दिया जाएगा।
जमीन में दिखने लगीं गहरी दरारें, बड़े हादसे की आशंका से सहमे लोग
खदान प्रबंधन के आश्वासनों के बावजूद ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ का डर दूर नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से जमीन अचानक धंसी है और उसके आसपास के बड़े भू-भाग में गहरी व खतरनाक दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, उससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अगर बच्चों के स्कूल में रहने के दौरान जमीन का बड़ा हिस्सा नीचे धंस गया, तो भारी तबाही मच सकती है।
पटवारी के न आने पर फूटा गुस्सा, भू-वैज्ञानिक सर्वे की उठी मांग
इतनी गंभीर घटना होने के बाद भी हल्का पटवारी के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
जिला प्रशासन और खनन विभाग के उच्च अधिकारी खुद मौके पर आकर जमीनी हकीकत का मुआयना करें।
स्कूल परिसर और आसपास के पूरे आवासीय इलाके का तत्काल भू-वैज्ञानिक (Geological) सर्वे कराया जाए।
उच्च स्तरीय जांच कर यह तय किया जाए कि अंडरग्राउंड माइनिंग से पीएमश्री स्कूल और गांव के घरों को कितना खतरा है।