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: MP News: PFI के चारों नेताओं को जेल, रिमांड के बाद कोर्ट में पेश करते समय दिखाया 'विक्ट्री' साइन

News Desk / Fri, Sep 30, 2022


कोर्ट में पीएफआई के आरोपी ने विक्ट्री साइन बताया (फाइल फोटो)

कोर्ट में पीएफआई के आरोपी ने विक्ट्री साइन बताया (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

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टेरर फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में इंदौर और उज्जैन से गिरफ्तार किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार लीडर्स को भोपाल जिला कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एमपी एटीएस ने आरोपियों को 30 सितंबर तक रिमांड पर लिया था। चारों आरोपियों को जिला अस्पताल में पेश किया गया। एटीएस ने इस दौरान आरोपियों का रिमांड नहीं मांगा।

मध्यप्रदेश एटीएस और नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें इंदौर निवासी आरोपी अब्दुल करीम बेकरीवाला पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष है। अब्दुल खालिद जनरल सेक्रेटरी, मोहम्मद जावेद प्रदेश कोषाध्यक्ष है। उज्जैन का जमील शेख संगठन का प्रदेश सचिव है। आरोपियों के खिलाफ आईपीएसी की धारा 121ए, 153ए, 120बी, 13[1बी] और यूएपीए एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, देश-विरोधी दस्तावेज और डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। एजेंसियों के इनपुट के अनुसार पीएफआई के सदस्य दूसरे राज्यों से आकर मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ रहे थे। यह युवाओं को जोड़कर देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे। इनका मकसद लोगों को भड़काकर भारत में इस्लामिक शरिया कानून लागू करना था।

विस्तार

टेरर फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में इंदौर और उज्जैन से गिरफ्तार किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार लीडर्स को भोपाल जिला कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एमपी एटीएस ने आरोपियों को 30 सितंबर तक रिमांड पर लिया था। चारों आरोपियों को जिला अस्पताल में पेश किया गया। एटीएस ने इस दौरान आरोपियों का रिमांड नहीं मांगा।

मध्यप्रदेश एटीएस और नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें इंदौर निवासी आरोपी अब्दुल करीम बेकरीवाला पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष है। अब्दुल खालिद जनरल सेक्रेटरी, मोहम्मद जावेद प्रदेश कोषाध्यक्ष है। उज्जैन का जमील शेख संगठन का प्रदेश सचिव है। आरोपियों के खिलाफ आईपीएसी की धारा 121ए, 153ए, 120बी, 13[1बी] और यूएपीए एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, देश-विरोधी दस्तावेज और डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। एजेंसियों के इनपुट के अनुसार पीएफआई के सदस्य दूसरे राज्यों से आकर मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ रहे थे। यह युवाओं को जोड़कर देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे। इनका मकसद लोगों को भड़काकर भारत में इस्लामिक शरिया कानून लागू करना था।


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