Logo
Breaking News Exclusive
12 पसलियां टूटीं, दिल-फेफड़े फटे, प्राइवेट-पार्ट में डाली प्लास्टिक की बोतल, 6 साल का रिश्ता, शक बना मौत की वजह रेप के बाद बोरे में भर कुएं के पास फेंका, हालत स्थिर, चॉकलेट दिलाने के बहाने वारदात को दिया अंजाम नंदकुमार साय के बयान पर सियासत गरमाई, सीएम बोले- यह उनके निजी विचार, कांग्रेस ने घेरा शादी से लौटते समय दो कारों की टक्कर, पत्नी, दामाद-बहन और भांजे की गई जान कहता था- तेरा कन्यादान मैं खुद करूंगा, कैप्टन बाबा पर 12 FIR, 150+ महिलाएं हो सकती हैं शिकार 254 मौतें, 1100+ जख्मी; Ceasefire के बीच सबसे बड़ा हमला, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ? 12 पसलियां टूटीं, दिल-फेफड़े फटे, प्राइवेट-पार्ट में डाली प्लास्टिक की बोतल, 6 साल का रिश्ता, शक बना मौत की वजह रेप के बाद बोरे में भर कुएं के पास फेंका, हालत स्थिर, चॉकलेट दिलाने के बहाने वारदात को दिया अंजाम नंदकुमार साय के बयान पर सियासत गरमाई, सीएम बोले- यह उनके निजी विचार, कांग्रेस ने घेरा शादी से लौटते समय दो कारों की टक्कर, पत्नी, दामाद-बहन और भांजे की गई जान कहता था- तेरा कन्यादान मैं खुद करूंगा, कैप्टन बाबा पर 12 FIR, 150+ महिलाएं हो सकती हैं शिकार 254 मौतें, 1100+ जख्मी; Ceasefire के बीच सबसे बड़ा हमला, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ?

: MP के इस गांव में सदियों पुरानी परंपरा: बेटियों का यहीं मायका और यहीं होता है ससुराल, गांव के बाहर नहीं होती शादियां

Marriages of boys and girls do not take place outside Choli village of Khargone.मध्यप्रदेश में आधुनिकता के इस दौर में भी कई गांव ऐसे हैं, जो आज भी सदियों पुरानी परंपराओं को निभा रहे हैं। खरगोन जिले का चोली गांव भी उनमें से एक है। आज भी बेटे-बेटियों की शादियां गांव में ही होती हैं। गांव से बाहर शादियां नहीं की जातीं। घर के बड़े-बुजुर्ग चौपालों पर बैठकर चाय की चुस्की लेते हुए रिश्ते तय करते हैं। दरअसल, चोली में सबसे बड़ी आबादी यदुवंशी ठाकुर समाज की है। यहां करीब 600 घर ठाकुर समुदाय के हैं। गांव वालों का मानना है कि शादियां गांव में ही होती हैं क्योंकि वे बचपन से ही लड़के-लड़कियों को बड़े होते हुए देखते हैं। उनके व्यवहार से भलीभांति परिचित हैं. परिवार को भी अच्छे से जानते हैं। गांव में अधिकांश समाज के घर हैं गांव की आबादी करीब 7 हजार है। यहां सभी समुदाय के लोग रहते हैं, लेकिन ज्यादातर घर ठाकुर समुदाय के हैं। इस समाज में आज भी 90 फीसदी शादियां गांवों में होती हैं। यहां समाज का हर व्यक्ति एक-दूसरे का रिश्तेदार है। समाज में लगभग 18 गोत्र हैं। विवाह चार गोत्रों के अंतराल पर तय किये जाते हैं। आज भी रिश्ते बुजुर्ग तय करते हैं गांव के पंडित जगदीश चंद्र पाराशर ने बताया कि गांव में कोई किसी का मामा होता है। कोई चाचा है, कोई जीजा है, कोई फूफा है, कोई चाची है। इस प्रकार सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर कोई एक-दूसरे को जानता है, इसलिए बुजुर्ग अपने बच्चों की शादी तय करते हैं। यहां तक कि उनके बच्चे भी उनके इस फैसले से इनकार नहीं करते। शादी में सभी रस्में निभाएं। दूल्हा गाँव में जुलूस लेकर दुल्हन के घर आता है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन