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: Kuno National Park: कूनो की जमीन को लेकर सुनवाई 20 दिन आगे बढ़ी, अब 18 अक्टूबर सुना जाएगा मामला

News Desk / Thu, Sep 29, 2022


कूनो की जमीन का मामला अब 18 अक्टूबर को सुना जाएगा।

कूनो की जमीन का मामला अब 18 अक्टूबर को सुना जाएगा। - फोटो : फाइल फोटो

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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क की जमीन के मामले में विजयपुर सेशन कोर्ट में सुनवाई जारी है। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। सरकारी वकील की तबीयत बिगड़ने से वे कोर्ट नहीं पहुंचे थे, इसलिए सुनवाई 20 दिन के लिए आगे बढ़ा दी गई। अब इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।

जानकारी के अनुसार श्योपुर में पालपुर राजघराने की ओर से श्योपुर जिले के विजयपुर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना संबंधी याचिका दायर की गई है। जिसकी सुनवाई विजयपुर सेशन कोर्ट में चल रही है। राजघराने के वंशज कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया है कि जमीन गुजरात के शेरों को बसाने के नाम पर ली गई थी, पर अब चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम के लिए जमीन का उपयोग किया जा रहा है। चीतों को बसाने के दौरान हमारे राजघराने का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया। कुल मिलाकर धोखे में रखा गया। हमें हमारी जमीन वापस चाहिए। 

बता दें कि पालपुर रियासत के वंशज शिवराज कुंवर, पुष्पराज सिंह, कृष्णराज सिंह, विक्रमराज सिंह, चंद्रप्रभा सिंह, विजयाकुमारी आदि 2010 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचे थे। याचिका (क्रमांक 4906/10) के तर्क सुनकर कहा था मामले को पहले सेशन में कोर्ट में सुना जाना चाहिए। 2013 में श्योपुर कलेक्टर के मार्फत इस मामले को विजयपुर सेशन कोर्ट में ले जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन 2013 से श्योपुर में पदस्थ कलेक्टर इस मामले को टालते रहे। आवेदकों ने 2019 में श्योपुर कलेक्टर के खिलाफ हाईकोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू की, तब तत्कालीन श्योपुर कलेक्टर ने मामले को विजयपुर सत्र न्यायालय में भेजा। याचिकाकर्ताओं का ये भी आरोप है कि कलेक्टर ने गलत जानकारी के साथ मामला पेश किया। 
 

विस्तार

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क की जमीन के मामले में विजयपुर सेशन कोर्ट में सुनवाई जारी है। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। सरकारी वकील की तबीयत बिगड़ने से वे कोर्ट नहीं पहुंचे थे, इसलिए सुनवाई 20 दिन के लिए आगे बढ़ा दी गई। अब इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।

जानकारी के अनुसार श्योपुर में पालपुर राजघराने की ओर से श्योपुर जिले के विजयपुर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना संबंधी याचिका दायर की गई है। जिसकी सुनवाई विजयपुर सेशन कोर्ट में चल रही है। राजघराने के वंशज कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया है कि जमीन गुजरात के शेरों को बसाने के नाम पर ली गई थी, पर अब चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम के लिए जमीन का उपयोग किया जा रहा है। चीतों को बसाने के दौरान हमारे राजघराने का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया। कुल मिलाकर धोखे में रखा गया। हमें हमारी जमीन वापस चाहिए। 

बता दें कि पालपुर रियासत के वंशज शिवराज कुंवर, पुष्पराज सिंह, कृष्णराज सिंह, विक्रमराज सिंह, चंद्रप्रभा सिंह, विजयाकुमारी आदि 2010 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचे थे। याचिका (क्रमांक 4906/10) के तर्क सुनकर कहा था मामले को पहले सेशन में कोर्ट में सुना जाना चाहिए। 2013 में श्योपुर कलेक्टर के मार्फत इस मामले को विजयपुर सेशन कोर्ट में ले जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन 2013 से श्योपुर में पदस्थ कलेक्टर इस मामले को टालते रहे। आवेदकों ने 2019 में श्योपुर कलेक्टर के खिलाफ हाईकोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू की, तब तत्कालीन श्योपुर कलेक्टर ने मामले को विजयपुर सत्र न्यायालय में भेजा। याचिकाकर्ताओं का ये भी आरोप है कि कलेक्टर ने गलत जानकारी के साथ मामला पेश किया। 
 


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