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: MP में बिजली कटौती का प्लान: 7 घंटे होगी बिजली की सप्लाई, अनूपपुर, डिंडोरी समेत कई जिले A से C कैटेगरी में बांटे गए, देखिए लिस्ट

MP CG Times / Sun, Sep 3, 2023

Power cut plan for farmers in MP: अगस्त में कम बारिश ने मध्य प्रदेश सरकार की टेंशन बढ़ा दी है. हाइड्रो पावर जेनरेशन यानी पानी से बिजली बनाने में कमी आई है. कम बारिश के कारण तालाब, बांध खाली हैं. सितंबर के पहले दिन ही बिजली की मांग साढ़े 14 हजार मेगावाट के पार पहुंच गयी है. ऐसे में ऊर्जा विभाग ने गैर रबी सीजन के लिए ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति में कटौती की योजना जारी की है.

प्रदेश में तीन श्रेणियों में बांटे गए जिलों में ग्रामीण इलाकों में सप्लाई सिर्फ 7 घंटे रहेगी. इन फीडरों पर 24 घंटे के अंतराल में 17 घंटे कटौती की जायेगी. अब तक बिजली कंपनियां ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली देती रही हैं, लेकिन बारिश के संकट के कारण बनी स्थिति को देखते हुए अब ग्रामीण फीडरों में 24 घंटे में सिर्फ 7 घंटे बिजली देने का निर्णय लिया गया है. ये योजनाएं दो सितंबर से दो-तीन दिन के लिए क्रियान्वयन के नाम पर जारी की गई हैं. जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया योजना के मुताबिक राज्य के सभी जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. इसमें ए, बी और सी श्रेणी बनाकर जिले तय किए गए हैं. विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए इन जिलों में ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली में कटौती की जायेगी. सबसे अधिक जिले B कैटेगरी में A कटेगरी: मंडला, पन्ना, रीवा, अनूपपुर, दमोह, भिंड, गुना, ग्वालियर, अशोक नगर, दतिया और मुरैना। B कैटेगरी: सिवनी, शहडोल, भोपाल शहर, शाजापुर, मंदसौर, बुरहानपुर, जबलपुर शहर, विदिशा, बालाघाट, सीधी, रायसेन, झाबुआ, रतलाम, छतरपुर, डिंडोरी, कटनी, राजगढ़, सीहोर, टीकमगढ़, नरसिंहगढ़ इंदौर शहर सागर सतना धार, बड़वानी, देवास , आगर, नीमच, उज्जैन, बैतूल, खंडवा, खरगोन, छिंदवाड़ा, श्योपुर, शिवपुरी होशंगाबाद, हरदा जिला और बुधनी विद्युत संभाग को शामिल किया गया है। C कैटेगरी: सिंगरौली और उमरिया. मांग बढ़ी है, लोग बाजार से बिजली खरीद रहे हैं ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजय दुबे ने बताया कि बारिश नहीं होने से गर्मी बढ़ी है. इससे राज्य में बिजली की मांग 14500 मेगावाट से अधिक हो गयी है. मांग बनाए रखने के लिए हम बाजार से बिजली भी खरीद रहे हैं. Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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