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: नेता प्रतिपक्ष ने फेंका माइक: चिरमिरी नगर निगम में हंगागा, सभापति के सामने धरने पर बैठे भाजपा पार्षद

News Desk / Sun, Nov 27, 2022


चिरमिरी नगर निगम की बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने फेंका माइक।

चिरमिरी नगर निगम की बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने फेंका माइक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ में चिरमिरी-मनेंद्रगढ़-भरतपुर जिले के चिरमिरी नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने बीच सभा में माइक फेंक दिया। भाजपा पार्षद हंगामा करते हुए सभापति के सामने धरने पर बैठ गए। मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी तरह से सभापति ने उन्हें समझाकर शांत कराया। भाजपा पार्षद मेयर विभिन्न मुद्दों सहित महापौर की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज थे। इस पूरे हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। 

दरअसल, चिरमिरी नगर निगम में सोमवार को सामान्य सभा चल रही थी। इस दौरान भाजपा पार्षद और नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने वार्ड-16 में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का नाम बदले जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लेकर सभापति से सवाल पूछा। इस पर एमआईसी सदस्य शिवांश जैन ने विरोध किया और इस सवाल को ब्राह्मण विरोधी बताया। इस पर भाजपा पार्षद भड़क गए। 

नेता प्रतिपक्ष पहले सभापति के सामने आकर चिल्लाने लगे। यह देख अन्य भाजपा पार्षद भी पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। नारेबाजी के बीच माहौल इतना गर्म हो गया कि नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने हाथ में लिया माइक फेंक दिया। काफी देर तक नारेबाजी चलती रही। इस बीच सभापति ने उन्हें आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद सभी पार्षद धरने से उठे और अपनी-अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। 

नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने कहा कि, सामुदायिक भवन का नाम बदलकर महर्षि किया गया है। इस बारे में जब भी अफसरों से पूछा जाता वे गोल-मोल जवाब देते। अब सदन में सवाल किया गया तो एमआईसी मेंबर ने आपत्ति जताते हुए ब्राह्मण समाज पर अनर्गल आरोप की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर ने अपनी मर्जी से किया। नाम बदलने से पहले न तो एमआईसी की बैठक हुई और न प्रस्ताव लाया गया। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ में चिरमिरी-मनेंद्रगढ़-भरतपुर जिले के चिरमिरी नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने बीच सभा में माइक फेंक दिया। भाजपा पार्षद हंगामा करते हुए सभापति के सामने धरने पर बैठ गए। मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी तरह से सभापति ने उन्हें समझाकर शांत कराया। भाजपा पार्षद मेयर विभिन्न मुद्दों सहित महापौर की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज थे। इस पूरे हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। 

दरअसल, चिरमिरी नगर निगम में सोमवार को सामान्य सभा चल रही थी। इस दौरान भाजपा पार्षद और नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने वार्ड-16 में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का नाम बदले जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लेकर सभापति से सवाल पूछा। इस पर एमआईसी सदस्य शिवांश जैन ने विरोध किया और इस सवाल को ब्राह्मण विरोधी बताया। इस पर भाजपा पार्षद भड़क गए। 

नेता प्रतिपक्ष पहले सभापति के सामने आकर चिल्लाने लगे। यह देख अन्य भाजपा पार्षद भी पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। नारेबाजी के बीच माहौल इतना गर्म हो गया कि नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने हाथ में लिया माइक फेंक दिया। काफी देर तक नारेबाजी चलती रही। इस बीच सभापति ने उन्हें आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद सभी पार्षद धरने से उठे और अपनी-अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। 

नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह ने कहा कि, सामुदायिक भवन का नाम बदलकर महर्षि किया गया है। इस बारे में जब भी अफसरों से पूछा जाता वे गोल-मोल जवाब देते। अब सदन में सवाल किया गया तो एमआईसी मेंबर ने आपत्ति जताते हुए ब्राह्मण समाज पर अनर्गल आरोप की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर ने अपनी मर्जी से किया। नाम बदलने से पहले न तो एमआईसी की बैठक हुई और न प्रस्ताव लाया गया। 


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