: निलंबित IAS रानू साहू को सुप्रीम कोर्ट से बेल: कारोबारी दीपेश को भी जमानत, जानिए फिर क्यों बढ़ी रानू सहित सौम्या और विश्नोई की मुश्किलें ?
New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में निलंबित आईएएस रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। रानू साहू एक साल और दीपेश करीब डेढ़ साल से जेल में बंद थे। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला घोटाला मामले में दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को 7 अगस्त तक जमानत मिली है।
New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: दूसरी ओर, ईओडब्ल्यू ने जेल में बंद निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई समेत निलंबित आईएएस रानू साहू के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। तीनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, नया मामला 2 जुलाई को ही दर्ज किया गया था। निलंबित आईएएस रानू साहू पर आपराधिक साजिश का आरोप New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya:ईओडब्ल्यू ने अपनी एफआईआर में बताया है कि रानू साहू जुलाई 2021 से जुलाई 2022 तक कलेक्टर कोरबा के पद पर पदस्थ थीं। उन्होंने लोकसेवक के रूप में काम करते हुए ये संपत्तियां अर्जित कीं। रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: कोयला ट्रांसपोर्टरों से डीओ और टीपी परमिट जारी करने के लिए 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली में सक्रिय सहयोग किया। रानू साहू जहां भी पदस्थ रहीं, किसी न किसी माध्यम से भ्रष्टाचार कर खुद को आर्थिक रूप से समृद्ध करती रहीं। New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: बताया जाता है कि रानू साहू ने सेवा में आने के बाद से 31.10.2022 तक करीब 92 लाख रुपए वेतन के रूप में प्राप्त किए हैं। जबकि अब तक बताया गया है कि उन्होंने रियल एस्टेट में करीब 3 करोड़ 93 लाख 91 हजार 949 रुपए का निवेश किया है। इसके अलावा रानू साहू ने रियल एस्टेट, बीमा, शेयर, एसआईपी में निवेश किया है। सौम्या चौरसिया ने एक साल में 9.20 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया वर्ष 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। सौम्या चौरसिया को राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद 31.10.2022 तक के कार्यकाल में वेतन और अन्य भत्ते के रूप में करीब 85 लाख 50 हजार रुपए मिले हैं। जबकि वर्ष 2021 से 2022 के बीच 9.20 करोड़ की अचल संपत्ति खरीदी गई। दो महीने पहले कारोबारी सुनील अग्रवाल को मिली थी जमानत New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: करीब दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोयला घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी सुनील अग्रवाल को जमानत दे दी थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने इंद्रमणि कोल ग्रुप के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ईडी ने 11 अक्टूबर 2022 को सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक कोयला परिवहन में कमीशन लिया गया है। सिंडिकेट बनाकर 570 करोड़ वसूले New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: छत्तीसगढ़ में अवैध कोयला लेवी वसूली का मामला ईडी की छापेमारी में सामने आया। दावा है कि कोयला परिवहन में कोयला कारोबारियों से वसूली के लिए ऑनलाइन मिले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया। New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: खनिज विभाग के तत्कालीन निदेशक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए एक सिंडिकेट बनाकर वसूली की गई। New FIR Filed Against Suspended IAS Sameer Vishnoi Ranu Sahu Samya: पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। व्यापारी ने 25 रुपए प्रति टन की दर से अवैध राशि सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा कराई। खनिज विभाग उसे ही पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह घोटाला कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई।ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 पर दर्ज है FIR
छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED के प्रतिवेदन पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, जिस पर अब ACB की टीम जांच तेज कर दी है।
| कोल मामले में इन आरोपियों पर FIR |
| 1. कवासी लखमा, विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री |
| 2. देवेंद्र यादव, विधायक |
| 3. अमरजीत भगत, पूर्व खाद्य मंत्री |
| 4. बृहस्पत सिंह, पूर्व विधायक |
| 5. गुलाब कमरो, पूर्व विधायक |
| 6. शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक |
| 7. चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व विधायक |
| 8. यूडी मिंज, पूर्व विधायक |
| 9. समीर विश्नोई, निलंबित IAS |
| 10. रानू साहू, निलंबित IAS |
| 11. सौम्या चौरसिया, पूर्व उप सचिव, सीएम कार्यालय |
| 12. संदीप कुमार नायक, सहायक खनिज अधिकारी |
| 13. शिवशंकर नाग, खनिज अधिकारी |
| 14. सूर्यकांत तिवारी, कोल कारोबारी |
| 15. मनीष उपाध्याय |
| 16. रौशन कुमार सिंह |
| 17. निखिल चंद्राकर |
| 18. राहुल सिंह |
| 19. पारिख कुर्रे |
| 20. मोइनुद्दीन कुरैशी |
| 21. वीरेंद्र जायसवाल |
| 22. रजनीकांत तिवारी |
| 23. हेमंत जायसवाल |
| 24. जोगिंदर सिंह |
| 25. नवनीत तिवारी |
| 26. दीपेश टांक |
| 27. देवेंद्र डडसेना |
| 28. राहुल मिश्रा |
| 29. रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, कांग्रेस |
| 30. राम प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रवक्ता कांग्रेस |
| 31. विनोद तिवारी, पीईपी |
| 32. इदरीश गांधी, पीईपी |
| 33. सुनील कुमार अग्रवाल |
| 34. जय |
| 35. चंद्रप्रकाश जायसवाल |
| 36. लक्ष्मीकांत तिवारी |
कोल केस में अब तक क्या हुआ
ED ने अब तक कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय में काम करने वाली अधिकारी सौम्या चौरसिया, IAS समीर विश्नोई समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
222 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है और इस पूरे मामले की जांच जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा इसे प्रदेश का बड़ा आर्थिक अपराध मानते हुए शिकायत प्रदेश की ACB से की थी।

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