भारत का बांग्लादेश दौरा हो सकता है रद्द : राजनीतिक तनाव के चलते 6 मैचों की सीरीज रद्द होने के आसार, KKR से मुस्तफिजुर रहमान निकाले गए
MP CG Times / Sun, Jan 4, 2026
भारत का आगामी बांग्लादेश दौरा रद्द हो सकता है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रहे राजनीतिक तनाव के कारण यह सीरीज फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, BCCI इस बार भी भारतीय टीम को बांग्लादेश भेजने के मूड में नहीं है।
BCB ने की थी 6 मैचों की सीरीज की घोषणा
शुक्रवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सितंबर में भारत के खिलाफ 6 मैचों की व्हाइट बॉल सीरीज का ऐलान किया था। इसमें 3 वनडे और 3 टी20 मैच शामिल थे। BCB का दावा था कि शेड्यूल तय करने से पहले BCCI से बातचीत हुई है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय टीम 28 अगस्त को बांग्लादेश पहुंचती और 1, 3 व 6 सितंबर को वनडे, जबकि 9, 12 और 13 सितंबर को टी20 मुकाबले खेले जाते।

BCCI की सहमति नहीं, BCB ने बुलाई अर्जेंट मीटिंग
हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से अब तक इस दौरे को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। BCCI के मना करने के बाद BCB ने एक अर्जेंट मीटिंग बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
सुरक्षा हालात BCCI की सबसे बड़ी चिंता
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में पिछले छह महीनों से जारी राजनीतिक हिंसा और अस्थिरता BCCI की सबसे बड़ी चिंता है। इससे पहले भी सुरक्षा कारणों के चलते भारत अपना बांग्लादेश दौरा टाल चुका है। यहां तक कि BCCI प्रतिनिधियों ने ढाका में हुई एशियन क्रिकेट काउंसिल की बैठक में शामिल होने से भी इनकार कर दिया था।
IPL से मिला सख्ती का संकेत
BCCI के सख्त रुख का संकेत IPL से भी मिला। बोर्ड के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया। रहमान को KKR ने IPL मिनी ऑक्शन में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वे IPL इतिहास के सबसे महंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी बने थे।
भारत-पाकिस्तान जैसी स्थिति बनने की आशंका
अगर हालात और बिगड़ते हैं तो भारत-बांग्लादेश संबंध भी भारत-पाकिस्तान जैसी स्थिति में पहुंच सकते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते खराब होने के बाद दोनों टीमें केवल ICC टूर्नामेंट में, वह भी न्यूट्रल वेन्यू पर ही खेलती हैं।
शेख हसीना प्रकरण के बाद बढ़ी तल्खी
भारत-बांग्लादेश रिश्तों में तल्खी पिछले साल अगस्त में तब बढ़ी, जब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और वे भारत आ गईं। छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामलों में उन्हें एक ट्रिब्यूनल ने अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है।
इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर भी तनाव देखने को मिला और बांग्लादेश की विदेश नीति में भी बड़ा बदलाव आया।
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