: Global Warming: ये छोटा सा कीड़ा दुनिया के महाविनाश का बनेगा कारण! स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
News Desk / Sat, Jan 7, 2023
मिशिगन यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक स्टडी की थी जिसमें दीमकों पर ग्लोबल वॉर्मिंग के असर का अध्य्यन किया गया था। इस स्टडी में एक चौंकाने वाली बात निकल कर सामने आई कि दीमक बढ़ते तापमान में तेजी से बढ़ती है। यानि कि इनकी संख्या दोगुनी तेजी से बढ़ने लगती है। वहीं, दूसरी ओर दीमक ऐसा जीव है जो लकड़ी को खाता है। इससे एक और खतरा ये भी बताया गया है कि लकड़ी को खाने के समय ऐसी प्रक्रिया होती है जिससे कार्बन डाइऑक्साइड व दूसरी गैसें भी निकलती हैं। यानि कि जो गैस ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण है, उसके उत्सर्जन में दीमक का भी बड़ा योगदान है और यह सीधे-सीधे थरती के तापमान को बढ़ा रहा है। स्टडी को साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
इसका अर्थ ये निकलता है कि दोनों चीजें एक दूसरे पर सीधा प्रभाव डाल रही हैं। जहां एक ओर बढ़ते तापमान से दीमकों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दीमकों से धरती का तापमान और ज्यादा बढ़ने में मदद मिल रही है। यह एक चक्र बन गया है जिसके घातक परिणाम आने के लिए वैज्ञानिक चिंतित हैं।
दीमक जब खराब लकड़ी (dead wood) को खाता है तो इससे कार्बन डाइऑक्साइड और मिथेन जैसी गैसें निकलती हैं। ये गैसें वायुमंडल में इकट्ठा होकर धरती का तापमान बढ़ाने में सहायक बन रही हैं। स्टडी में सामने आया है कि जब गर्म हालात होते हैं तो दीमक लकड़ी को ज्यादा तेजी से खाने लगते हैं। उदाहरण के लिए कहा गया है कि अगर 10 डिग्री तापमान बढ़ता है तो दीमक 7 गुना ज्यादा तेजी से लकड़ी को खाने लगते हैं जिससे और ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में पहुंचने लगती है।
क्लाइमेट चेंज में दीमक बड़ा कारक बन रहा है। इसके लिए वैज्ञानिकों के दीमकों पर दुनिया के अलग अलग हिस्सों में स्टडी की। डेड वूड यानि खराब लकड़ी खाने वाले दीमक कहां कहां पाए जाते हैं और वह किस तेजी से लकड़ी को खाते हैं इसके लिए वैज्ञानिकों ने उत्तरी क्वीन्सलैंड और सवाना के साथ 6 महाद्वीपों के क्षेत्रों की स्टडी की है।
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