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शहडोल में टीकाकरण के बाद 3 महीने की बच्ची की मौत : परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, एक साथ दो टीके और तीन खुराक दवा देने का दावा

एमपी के शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में टीकाकरण के बाद तीन माह की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने आंगनबाड़ी केंद्र सूखा में टीकाकरण के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।

मृत बच्ची के पिता सुनील कुमार पाल ने बताया कि उनकी बेटी प्रियांशी को आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण के लिए ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को एक साथ दो टीके लगाए गए और तीन खुराक दवा पिलाई गई, जिसके कुछ घंटों बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

रात भर रोती रही बच्ची, सुबह मिली मृत

परिजनों के अनुसार, टीकाकरण के बाद बच्ची रात भर लगातार रोती रही। मां ने उसे दूध पिलाया, लेकिन जब देर रात करीब तीन बजे माता-पिता की नींद खुली, तो बच्ची में कोई हलचल नहीं थी। जांच करने पर उसकी सांसें थम चुकी थीं।

पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कर शव सौंपा

घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने ब्यौहारी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश

रविवार को इस घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का कहना है कि गलत तरीके से टीकाकरण किए जाने के कारण बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हुई। पिता सुनील पाल ने साफ कहा कि टीका लगने से पहले बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी।

स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील स्थापक ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और टीका लगने से किसी बच्चे की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी आंगनबाड़ी केंद्र में अन्य बच्चों को भी टीके लगाए गए थे और वे सभी स्वस्थ हैं।

डॉक्टर ने जताई दूसरी वजह की आशंका

डॉ. स्थापक ने आशंका जताई कि संभव है दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने के कारण बच्ची को समस्या हुई हो। फिलहाल मामले की पुलिस जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।

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