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: 500 रुपए बकाया न देने पर युवक की हत्या: MP में तीन भाइयों ने लाठी-डंडों और तलवारों से मारा, 4 आरोपी गिरफ्तार

MP Jabalpur Youth murdered for not paying dues of Rs 500: मध्यप्रदेश के जबलपुर में तीन भाइयों और उनके दोस्त ने महज 500 रुपए के लिए एक युवक की हत्या कर दी। विवाद की वजह काम के लिए 500 रुपए कम देना था। इसी बात को लेकर तीनों आरोपी भाई इतनी रंजिश रखते थे कि बदला लेने के लिए काफी समय से इंतजार कर रहे थे। मौका मिलते ही उन्होंने युवक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना कटंगी बस स्टैंड के पास हुई। 16 फरवरी को अंकित नेमा (30) पर दिनदहाड़े लाठी-डंडों और तलवारों से हमला किया गया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। 9 दिन के इलाज के बाद 25 फरवरी की रात उसकी मौत हो गई। अंकित नेमा कटंगी बस स्टैंड पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था। पुलिस ने हत्याकांड के चारों आरोपियों को 25 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को सभी का जुलूस निकालकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। पेंटिंग कराई थी, खाते में 500 रुपए कम दिए अक्टूबर 2024 में आरोपी भूरा पटेल, साहेब पटेल और बाबा पटेल ने अंकित के घर पेंटिंग का काम कराया था। काम खत्म होने के बाद अंकित का भूरा से हिसाब को लेकर विवाद हो गया था। दरअसल, अंकित और उसका परिवार आरोपियों को 500 रुपए कम दे रहा था। भूरा अपने भाई साहेब पटेल के साथ एक सप्ताह तक अंकित के घर के चक्कर लगाता रहा, लेकिन फिर भी रुपए नहीं मिले। इसी बीच बस स्टैंड पर आरोपियों और अंकित के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद भी अंकित ने साफ मना कर दिया कि काम के हिसाब से जो रुपए देने थे, दे दिए। अब एक भी रुपए नहीं दिए जाएंगे। इससे भूरा और साहेब इतने परेशान हो गए कि सीधे उनके घर पहुंचे और बाबा पटेल से कहा कि उन्हें अंकित से बदला लेना होगा। विवाद से पहले थाने में दर्ज कराई शिकायत बाबा पटेल ने भूरा और साहेब को बहस करने से रोका और थाने चलने को कहा। दिसंबर 2024 में तीनों भाइयों ने अंकित के खिलाफ कटंगी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि उसने अपने घर की पुताई कराई है, लेकिन वह पैसे नहीं दे रहा है। पुलिस ने अंकित को थाने बुलाकर पैसे देने को कहा। इस पर अंकित ने कुछ समय मांगा। लेकिन, जब कई दिन बीत जाने के बाद भी अंकित ने पैसे नहीं दिए तो तीनों भाइयों ने अपने रिश्तेदार संदीप पटेल के साथ मिलकर अंकित पर हमला करने की योजना बनाई। अंकित दुकान जा रहा था, तभी उस पर हमला हुआ 16 फरवरी की शाम अंकित रोजाना की तरह ठेला लेकर अपनी दुकान लगाने जा रहा था। जैसे ही वह कटंगी बस स्टैंड के पास पहुंचा, भूरा, बाबा, साहब और संदीप उसके पास आए। उन्होंने बहस शुरू कर दी। कुछ देर बाद तीनों भाइयों और संदीप ने मिलकर उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में अंकित को गंभीर चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने अंकित के परिजनों को घटना की जानकारी दी। अंकित के परिजन उसे इलाज के लिए कटंगी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 23 फरवरी को उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 25 फरवरी को अंकित की मौत हो गई मौत से पहले जब अंकित को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया तो उसने बताया था कि हमले के समय उसके साथ भूरा, बाबा पटेल और साहब पटेल के अलावा दो और लोग थे, जिन्हें वह नहीं जानता। सभी ने उसे पीछे से पकड़ लिया और फिर तीनों भाइयों ने लाठी-डंडों और तलवारों से उस पर हमला कर दिया। चारों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए 16 फरवरी को हुए हमले के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। 20 फरवरी को डॉक्टर की रिपोर्ट में पाया गया कि घायल को गंभीर चोटें आई हैं। वह 16 फरवरी की रात से वेंटिलेटर पर है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तेजी से तलाश शुरू कर दी। 25 फरवरी को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार (26 फरवरी) को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया। भाई ने कहा- मेरी आंखों के सामने ही उसकी जान चली गई अंकित के भाई का कहना है कि वह वेंटिलेटर पर जरूर था, लेकिन जब भी उसे बुलाता तो वह आंखें खोलकर जरूर देखता। वह मेरी आंखों के सामने ही मर गया और मैं 'अंकू-अंकू' बोलता रहा। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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