शहडोल में गांजा तस्करों पर मेहरबान SI सस्पेंड : 3.5 क्विंटल गांजे के साथ पकड़ाया पुराना 'फरार' आरोपी; तस्कर से 'यारी' या काम में लापरवाही?
MP CG Times / Thu, Jun 4, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस और नशा तस्करों के बीच कथित गठजोड़ या कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। शहडोल में ब्यौहारी थाने के उपनिरीक्षक (एसआई) वीरेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।, कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रति उदासीनता के कारण पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया है।
शहडोल पुलिस अधीक्षक (SP) ने ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक (SI) वीरेंद्र तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शहडोल में ब्यौहारी थाने के उपनिरीक्षक (एसआई) वीरेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।, कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रति उदासीनता के कारण पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने गांजा तस्करी के एक शातिर और पुराने आरोपी को गिरफ्तार करने में जानबूझकर ढील दी, जिसके कारण उसने क्षेत्र में साढ़े तीन क्विंटल (350 किलो) गांजे की एक और बड़ी खेप खपा दी। उन पर गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार न करने का आरोप है।
यह कार्रवाई तब हुई जब हाल ही में जयसिंहनगर में हुई गांजा जब्ती के एक बड़े मामले में उसी फरार आरोपी का नाम सामने आया। इस दौरान राहुल कुमार चर्मकार नामक आरोपी के पास से लगभग साढ़े तीन क्विंटल गांजा जब्त किया गया।

जयसिंहनगर में पकड़ाया 3.5 क्विंटल गांजा, तब खुला 'खाकी' का खेल
इस पूरे मामले का खुलासा बीते 30 मई को जयसिंहनगर थाना पुलिस की एक बड़ी रेड के बाद हुआ। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर राहुल कुमार चर्मकार नामक एक तस्कर को दबोचा था।
राहुल के कब्जे से लगभग साढ़े तीन क्विंटल अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो गाड़ियां (वाहन) जब्त की गईं।
पुलिस की छापेमारी के दौरान गाड़ियों में सवार तीन अन्य अंतर्राज्यीय तस्कर मौके से भागने में कामयाब रहे थे।
पूछताछ में उगला कन्हैयालाल का नाम, ब्यौहारी थाने की खुली पोल
जब पुलिस ने गिरफ्तार तस्कर राहुल कुमार चर्मकार को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने फरार साथियों की कुंडली खोल दी। उसने बताया कि इस पूरे काले कारोबार में उसके साथ कन्हैयालाल जायसवाल (निवासी ग्राम चंदेला, जयसिंहनगर) और दो अन्य लोग मुख्य रूप से शामिल थे। उसने कन्हैयालाल जायसवाल (निवासी ग्राम चंदेला, थाना जयसिंहनगर) सहित दो अन्य व्यक्तियों के नाम बताए, जो गांजा परिवहन में उसके साथ शामिल थे।
जब जयसिंहनगर पुलिस ने कन्हैयालाल जायसवाल का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला, तो ब्यौहारी पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई।
केस डायरी दबाकर बैठे थे SI
पता चला कि कन्हैयालाल ब्यौहारी थाने में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने केस में पहले से ही रिकॉर्ड पर फरार चल रहा था। जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल ब्यौहारी थाने में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में पहले से ही फरार था।
उस पुराने केस की डायरी और विवेचना (जांच) की जिम्मेदारी ब्यौहारी थाने के सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र तिवारी के पास थी। आरोप है कि वीरेंद्र तिवारी ने आरोपी को पकड़ने या उसकी कुर्की करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे वह खुलेआम घूमता रहा और दोबारा नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे वह लंबे समय तक फरार रहा।
एसपी का कड़ा रुख: "समय पर अरेस्ट होता, तो दोबारा नहीं होती तस्करी"
जयसिंहनगर के नए मामले में फरार कन्हैयालाल का नाम दोबारा आने के बाद जब पुलिस मुख्यालय स्तर पर समीक्षा की गई, तो सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र तिवारी की घोर लापरवाही और उदासीनता साफ तौर पर उजागर हो गई।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर ब्यौहारी के विवेचना अधिकारी ने समय रहते तस्कर को जेल भेज दिया होता, तो जिले में साढ़े तीन क्विंटल गांजे की यह नई खेप नहीं पहुंचती। कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण एसपी ने एसआई को सस्पेंड कर विभागीय जांच (Departmental Enquiry) शुरू करवा दी है।
कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रति उदासीनता के कारण पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया है।, इस मामले की विभागीय जांच जारी है]। वहीं, कन्हैयालाल समेत फरार बाकी तीनों तस्करों की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल और पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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