: 12 करोड़ के 1600 iPhone की लूट: ट्रक ड्राइवर की आंखों पर पट्टी और हाथ-पैर बांधकर बनाया बंधक, टीआई-एएसआई लाइन अटैच
MP CG Times / Mon, Sep 2, 2024
Madhya Pradesh Sagar 1600 iPhones worth 12 crores stolen: मध्य प्रदेश के सागर जिले में लखनादौन-झांसी हाईवे पर बदमाशों ने 1600 आईफोन लूट लिए। इनकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपए है। आरोपियों ने कंटेनर चालक की आंखों पर पट्टी बांध दी। रस्सी से हाथ-पैर बांध दिए और पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी। घटना 15 अगस्त की है। शनिवार को तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कंटेनर चालक हरनाथ पुत्र लालता प्रसाद निवासी गोहानी बांगर (कानपुर), उत्तर प्रदेश ने बांदरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कंटेनर में मौजूद सिक्योरिटी गार्ड मोहम्मद वारिस पुत्र मुद्दीन निवासी पलवल, हरियाणा समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। चालक ने कहा- उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया।
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चालक हरनाथ ने बताया, '12 अगस्त को कंटेनर क्रमांक यूपी 14 पीटी 0103 चेन्नई स्थित आईफोन प्रोडक्शन यूनिट से माल लोड कर दिल्ली जा रहा था। कंटेनर में 1600 आईफोन थे। कंपनी ने उसके साथ गार्ड मोहम्मद वारिस पुत्र मुद्दीन निवासी मंगोरका पलवल को भी भेजा था। 14 अगस्त को गार्ड मोहम्मद वारिस ने बताया कि कंपनी का एक अन्य कर्मचारी भी आ रहा है। वह लखनादौन से मेरे साथ आएगा।
14 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे मोहम्मद वारिस ने लखनादौन के पास एक चाय की दुकान पर कार रोकी। वहां उसका दोस्त खड़ा था। गार्ड ने उसे कंपनी के कर्मचारियों से मिलवाया। उसे चाय पिलाई। इसके बाद वह युवक भी कार में बैठ गया। मैं चला गया। थोड़ी देर बाद मुझे नींद आने लगी।
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मोहम्मद वारिस ने सर्विस रोड पर कार खड़ी कर दी और मुझे सोने के लिए कहा। 15 अगस्त को सुबह जब मैं उठा तो मेरे हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। आंखों पर भी पट्टी बंधी थी। जैसे ही मैंने उठने की कोशिश की तो किसी ने मेरी पीठ पर पिस्तौल लगा दी। उसने कहा, 'अगर हिलने की कोशिश की तो गोली मार दूंगा।' मुझे केबिन के कोने में दबा दिया गया। डर के मारे मैं चुपचाप लेटा रहा।
मैं चिल्लाता रहा, किसी तरह उन्होंने रस्सी खोली
मैंने ध्यान से सुना तो केबिन से 2-3 लोगों की आवाजें आ रही थीं, जिसमें गार्ड मोहम्मद वारिस और उसका दोस्त भी शामिल था। एक व्यक्ति गाड़ी चला रहा था। बीच-बीच में गाड़ी रुकती रही। एक जगह उन्होंने गाड़ी रोकी। मुझे सुनसान जगह पर बांधकर छोड़ दिया और भाग गए। मैं काफी देर तक चिल्लाता रहा। मैं अपने हाथ छुड़ाने की कोशिश करता रहा। काफी प्रयास के बाद मेरे हाथ छूटे। मैंने आंखों पर बंधी पट्टी खोली। गाड़ी में अपना मोबाइल ढूंढा, लेकिन नहीं मिला। वारिस खान और उसका दोस्त भी गायब थे। मैंने गाड़ी से उतरकर देखा तो कंटेनर का गेट आधा खुला था। गेट की कुंडी कटी हुई थी। सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। डिब्बे खाली थे।
मैं बांदरी थाने पहुंचा। पुलिस को घटना की जानकारी दी। वहां से मुझे लखनादौन जाने को कहा गया और वहां से भेज दिया गया। लखनादौन थाने पहुंचे तो मुझे नरसिंहपुर जाने को कहकर भगा दिया गया। मैंने कंपनी के अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी। आशंका है कि आरोपियों ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर मुझे पिला दिया, जिससे मुझे नींद आने लगी। उन्होंने मेरे हाथ-पैर बांध दिए और मोबाइल लेकर भाग गए।
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आईजी से शिकायत, स्टाफ की लापरवाही
गुरुवार को मामले की शिकायत आईजी प्रमोद वर्मा को मिली। वे रात में थाने पहुंचे। उन्होंने पूछताछ की तो स्टाफ की लापरवाही सामने आई। इस पर उन्होंने शुक्रवार को बांदरी थाना प्रभारी भागचंद उइके, एएसआई राजेंद्र पांडे को लाइन अटैच कर दिया। वहीं हेड कांस्टेबल राजेश पांडे को सस्पेंड कर दिया।
शातिराना तरीके से किया वारदात को अंजाम
पुलिस का कहना है कि गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर भी लगा है। लॉक भी ऐसा था कि अगर कोई उसे खोलने की कोशिश करता तो कंपनी को मैसेज चला जाता। आरोपियों को इसकी जानकारी थी। इसी वजह से आरोपियों ने कंटेनर का लॉक नहीं तोड़ा, बल्कि उसकी कुंडी काटकर उसे खोला। उन्होंने एक-एक बॉक्स खोलकर उसमें रखे आईफोन निकाल लिए। इसके बाद वे सामान को दूसरी गाड़ी में भरकर भाग गए।
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कंपनी के अधिकारियों से भी पूछताछ
पुलिस ने कंपनी, गार्ड की कंपनी और अन्य जिम्मेदार लोगों को सागर बुलाया। उनसे अलग-अलग घटनाओं के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही गार्ड वारिस के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं। पुलिस की टीम आरोपी मोहम्मद वारिस के हरियाणा स्थित घर भी पहुंची, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। पुलिस हाईवे पर टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
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14 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे मोहम्मद वारिस ने लखनादौन के पास एक चाय की दुकान पर कार रोकी। वहां उसका दोस्त खड़ा था। गार्ड ने उसे कंपनी के कर्मचारियों से मिलवाया। उसे चाय पिलाई। इसके बाद वह युवक भी कार में बैठ गया। मैं चला गया। थोड़ी देर बाद मुझे नींद आने लगी।
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मोहम्मद वारिस ने सर्विस रोड पर कार खड़ी कर दी और मुझे सोने के लिए कहा। 15 अगस्त को सुबह जब मैं उठा तो मेरे हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। आंखों पर भी पट्टी बंधी थी। जैसे ही मैंने उठने की कोशिश की तो किसी ने मेरी पीठ पर पिस्तौल लगा दी। उसने कहा, 'अगर हिलने की कोशिश की तो गोली मार दूंगा।' मुझे केबिन के कोने में दबा दिया गया। डर के मारे मैं चुपचाप लेटा रहा।
मैं चिल्लाता रहा, किसी तरह उन्होंने रस्सी खोली
मैंने ध्यान से सुना तो केबिन से 2-3 लोगों की आवाजें आ रही थीं, जिसमें गार्ड मोहम्मद वारिस और उसका दोस्त भी शामिल था। एक व्यक्ति गाड़ी चला रहा था। बीच-बीच में गाड़ी रुकती रही। एक जगह उन्होंने गाड़ी रोकी। मुझे सुनसान जगह पर बांधकर छोड़ दिया और भाग गए। मैं काफी देर तक चिल्लाता रहा। मैं अपने हाथ छुड़ाने की कोशिश करता रहा। काफी प्रयास के बाद मेरे हाथ छूटे। मैंने आंखों पर बंधी पट्टी खोली। गाड़ी में अपना मोबाइल ढूंढा, लेकिन नहीं मिला। वारिस खान और उसका दोस्त भी गायब थे। मैंने गाड़ी से उतरकर देखा तो कंटेनर का गेट आधा खुला था। गेट की कुंडी कटी हुई थी। सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। डिब्बे खाली थे।
मैं बांदरी थाने पहुंचा। पुलिस को घटना की जानकारी दी। वहां से मुझे लखनादौन जाने को कहा गया और वहां से भेज दिया गया। लखनादौन थाने पहुंचे तो मुझे नरसिंहपुर जाने को कहकर भगा दिया गया। मैंने कंपनी के अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी। आशंका है कि आरोपियों ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर मुझे पिला दिया, जिससे मुझे नींद आने लगी। उन्होंने मेरे हाथ-पैर बांध दिए और मोबाइल लेकर भाग गए।
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आईजी से शिकायत, स्टाफ की लापरवाही
गुरुवार को मामले की शिकायत आईजी प्रमोद वर्मा को मिली। वे रात में थाने पहुंचे। उन्होंने पूछताछ की तो स्टाफ की लापरवाही सामने आई। इस पर उन्होंने शुक्रवार को बांदरी थाना प्रभारी भागचंद उइके, एएसआई राजेंद्र पांडे को लाइन अटैच कर दिया। वहीं हेड कांस्टेबल राजेश पांडे को सस्पेंड कर दिया।
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कंपनी के अधिकारियों से भी पूछताछ
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