: कार समेत नहर में बहा परिवार: मां-बेटी की मौत, पिता ने किसी तरह जान बचाई, नर्मदा परिक्रमा कर मायके जा रहे थे
MP CG Times / Sun, Nov 26, 2023
Khargone family along with their car drowned in canal mother and daughter died: मध्यप्रदेश के खरगोन के बड़वाह में एक परिवार कार समेत नहर में बह गया। इस हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि पिता ने किसी तरह अपनी जान बचाई। यह परिवार ओंकारेश्वर जा रहा था। हादसा शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बड़वाह में पंचवटी के पास हुआ।
बताया जा रहा है कि बड़वाह के जमनिया निवासी आकाश ठाकुर (30 वर्ष) अपनी पत्नी पूजा (28 वर्ष) और बेटी माही (3.5 वर्ष) के साथ ओंकारेश्वर के लिए निकले थे। उसने मुख्य रास्ता छोड़कर शॉर्टकट रास्ता अपनाया।
कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी
ये लोग पंचवटी के सामने नहर किनारे से जा रहे थे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। पानी का बहाव बहुत तेज था, जिससे कार तैरने लगी। इस दौरान आकाश ने दरवाजा खोला और तैरकर बाहर आ गया, लेकिन पत्नी पूजा और बेटी माही कार में ही रह गईं।
अपने मायके परिवार से मिलने ओंकारेश्वर जा रहे थे
परिचितों ने बताया कि आकाश भैंस खरीदने और बेचने का काम करता था। वह अपने पिता के माध्यम से यूपी से भैंस लाकर सनावद के बाजार में बेचता था। सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार अपने परिवार के साथ जमनिया में बिताते थे। उसके पास एक कार थी। जिसके चलते वह नर्मदा परिक्रमा यात्रा के दौरान ओंकारेश्वर पहुंचे अपने सास-ससुर से मिलने जा रहे थे।
मां ने अपनी बेटी को गोद में ले रखा
गोताखोर प्रदीप केवट ने बताया कि नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। इससे कार नहर के अंदर आगे की ओर बहती चली गई। किसी तरह रस्सी के सहारे उसे रोका गया। पानी के अंदर जैसे ही मैंने कार का दरवाजा खोला तो ड्राइवर सीट पर एक महिला नजर आई। उसने उसे खींचा तो उसकी बेटी भी खिंच गई। इसे देखकर ऐसा लग रहा था मानों मां ने अपनी बेटी को गोद में उठा रखा हो।
Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
बताया जा रहा है कि बड़वाह के जमनिया निवासी आकाश ठाकुर (30 वर्ष) अपनी पत्नी पूजा (28 वर्ष) और बेटी माही (3.5 वर्ष) के साथ ओंकारेश्वर के लिए निकले थे। उसने मुख्य रास्ता छोड़कर शॉर्टकट रास्ता अपनाया।
कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी
ये लोग पंचवटी के सामने नहर किनारे से जा रहे थे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। पानी का बहाव बहुत तेज था, जिससे कार तैरने लगी। इस दौरान आकाश ने दरवाजा खोला और तैरकर बाहर आ गया, लेकिन पत्नी पूजा और बेटी माही कार में ही रह गईं।
अपने मायके परिवार से मिलने ओंकारेश्वर जा रहे थे
परिचितों ने बताया कि आकाश भैंस खरीदने और बेचने का काम करता था। वह अपने पिता के माध्यम से यूपी से भैंस लाकर सनावद के बाजार में बेचता था। सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार अपने परिवार के साथ जमनिया में बिताते थे। उसके पास एक कार थी। जिसके चलते वह नर्मदा परिक्रमा यात्रा के दौरान ओंकारेश्वर पहुंचे अपने सास-ससुर से मिलने जा रहे थे।
मां ने अपनी बेटी को गोद में ले रखा
गोताखोर प्रदीप केवट ने बताया कि नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। इससे कार नहर के अंदर आगे की ओर बहती चली गई। किसी तरह रस्सी के सहारे उसे रोका गया। पानी के अंदर जैसे ही मैंने कार का दरवाजा खोला तो ड्राइवर सीट पर एक महिला नजर आई। उसने उसे खींचा तो उसकी बेटी भी खिंच गई। इसे देखकर ऐसा लग रहा था मानों मां ने अपनी बेटी को गोद में उठा रखा हो।
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