इंदौर में जहरीला पानी पीने से 17वीं मौत : बेटे से मिलने आए रिटायर्ड पुलिसकर्मी की गई जान, सरकार ने इलाके को एपिडेमिक माना,
MP CG Times / Mon, Jan 5, 2026
एमपी के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 17 पहुंच गई है। रविवार तक यह आंकड़ा 16 था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार ने भागीरथपुरा में महामारी जैसे हालात स्वीकार किए हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि क्षेत्र में एपिडेमिक कैसे फैला, इसकी जांच एम्स भोपाल और आईसीएमआर की टीम कर रही है। वहीं सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र को महामारी घोषित नहीं किया गया है, बल्कि डायरिया फैलने के कारण इसे एपिडेमिक यानी संक्रमित क्षेत्र
माना गया है।
2354 घरों का सर्वे, 20 नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग ने 4 जनवरी को प्रभावित क्षेत्र में 2354 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 9416 लोगों की जांच हुई, जिसमें 20 नए मरीज सामने आए। इसके अलावा 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप लिया गया। क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।
हर घर में ORS-जिंक और क्लीन वाटर किट
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक की गोलियां बांटी हैं। पानी शुद्ध करने के लिए क्लीन वाटर किट भी वितरित की गई। 17 टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं, जिनमें आशा, आंगनवाड़ी, एएनएम, सुपरवाइजर, एनजीओ और जन अभियान परिषद के सदस्य शामिल हैं। शासन मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा।
रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत से बढ़ी चिंता
69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा, जो धार के शिव विहार कॉलोनी के निवासी और रिटायर्ड पुलिसकर्मी थे, इस संक्रमण का शिकार हुए। वे अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। 1 जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में किडनी खराब होने की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू और बाद में वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
398 मरीज भर्ती, 142 का इलाज जारी
बॉम्बे हॉस्पिटल में 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 4 को वार्ड में शिफ्ट किया गया है। अब तक कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज चल रहा है।
एपिडेमिक और पैंडेमिक में अंतर समझिए
एम्स भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केतन मेहरा के अनुसार, जब कोई बीमारी सीमित क्षेत्र में तेजी से फैलती है तो उसे एपिडेमिक कहा जाता है, जबकि कई देशों या पूरी दुनिया में फैलने पर पैंडेमिक कहा जाता है। कोविड-19 पैंडेमिक का उदाहरण है, जबकि भागीरथपुरा की स्थिति एपिडेमिक की श्रेणी में आती है।
कोलकाता-दिल्ली से आई वैज्ञानिकों की टीम
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से विशेषज्ञ डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीमें क्षेत्र में जांच कर रही हैं। कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और डॉ. गौतम चौधरी पानी के सैंपल लेकर वैज्ञानिक जांच करेंगे।
तेजी से हो रही पाइपलाइन मरम्मत
भागीरथपुरा में पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से जारी है। बोरिंग में लीकेज की भी जांच की जा रही है। फिलहाल टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है और बिसलरी पानी से भरी गाड़ियां गलियों में घूम रही हैं।
महापौर का बयान- प्रशासन पूरी ताकत से जुटा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पूरा प्रशासन प्रभावित क्षेत्र में लगातार मौजूद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सभी जल लाइनों का सर्वे कराया जा रहा है और जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां 48 घंटे में सुधार किया जा रहा है।
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