'शूटर' फिल्म देख रची मर्डर की साजिश : गर्लफ्रेंड को घर में घुसकर गोली मारी, शादी का दबाव बनाने पर पति-पत्नी ने 4 लाख में दी थी सुपारी
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम जोंगरा में हुए सनसनीखेज पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। प्यार, धोखा और खूनी साजिश की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। शादीशुदा बॉयफ्रेंड पर जब उसकी प्रेमिका ने शादी का दबाव बनाया, तो बॉयफ्रेंड ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
इसके लिए बकायदा झारखंड से शूटर बुलाए गए और ₹4 लाख की सुपारी दी गई। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड पति-पत्नी समेत कुल 9 आरोपियों को छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र से दबोच लिया है।

पत्नी ने तोड़ा पोस्ट ऑफिस का खाता, ₹2 लाख दिए एडवांस
पुलिस पूछताछ में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वो यह कि आरोपियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने का तरीका 'शूटर' फिल्म देखकर सीखा था। साजिश में बॉयफ्रेंड मुरलीशंकर चौहान की पत्नी चम्पा चौहान बराबर की हिस्सेदार थी।
चम्पा ने शूटरों को एडवांस रकम देने के लिए अपने पोस्ट ऑफिस का खाता तोड़कर पैसे निकाले। इस रकम में से ₹2 लाख आरोपियों को एडवांस के तौर पर दिए गए थे, जबकि बाकी पैसे काम होने के बाद देने का सौदा हुआ था।

दिनदहाड़े घर में घुसकर मारी थी 3 गोलियां
बता दें कि 26 जून की सुबह करीब 11 बजे बिना नंबर की बाइक पर सवार दो नकाबपोश युवक 25 वर्षीय पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम के घर पहुंचे थे। एक आरोपी ने घर के अंदर घुसकर पहले पूर्णिमा की पहचान की और फिर ताबड़तोड़ 3 गोलियां दाग दीं। सिर और शरीर में गोली लगने से पूर्णिमा की मौके पर ही मौत हो गई थी।
अफेयर से परेशान होकर रची खूनी साजिश
पुलिस जांच के मुताबिक, पूर्णिमा की शादी पहले रायगढ़ में हुई थी, लेकिन रिश्ता टूटने के बाद वह 2 साल से मायके में रह रही थी। इसी बीच उसका संपर्क रायगढ़ के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान से हुआ। दोनों आयुर्वेदिक दवाओं के प्रचार का काम करते थे और धीरे-धीरे दोनों में अफेयर हो गया।
जब मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा को इसका पता चला, तो घर में विवाद बढ़ने लगा। मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बनानी चाही, लेकिन पूर्णिमा लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी बात से तंग आकर पति-पत्नी ने उसे रास्ते से हटाने के लिए झारखंड के राजेंद्र महंत नाम के अपराधी से संपर्क किया।
सीडीआर और टावर डंप से दबोचे गए आरोपी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में फरार हो गए थे। सक्ती पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर डंप और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। जब आरोपियों की लोकेशन झारखंड के जमशेदपुर और महाराष्ट्र के पुणे में मिली, तो पुलिस टीमों ने दबिश देकर घेराबंदी की और सभी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला ?
वारदात में इस्तेमाल 1 पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस।
घटनास्थल से 3 खाली खोखे।
2 मोटरसाइकिल और 7 मोबाइल फोन।
आरोपियों के पास से ₹71,500 कैश और बैंक पासबुक।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी मुरलीशंकर चौहान, उसकी पत्नी चम्पा चौहान, सुपारी लेने वाले राजेंद्र महंत, सुनील महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, चंद्रशेखर महंत, राकेश महंत, गौरीशंकर सिदार और सुमित गबेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन