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BJP मंत्री बोले-राहुल गांधी का शराब से पैर धोकर स्वागत करे कांग्रेस : 21 जून को छत्तीसगढ़ आ रहे राहुल, नए जिलाध्यक्षों को देंगे 'टारगेट शीट', 3 साल बाद दौरा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 21 जून को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के बाद यह पहला मौका है जब राहुल गांधी राज्य के दौरे पर होंगे। उनके इस दौरे को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। राहुल गांधी यहां कांग्रेस के विशेष संगठनात्मक अभियान के तहत नवनियुक्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने पहुंच रहे हैं।

राहुल गांधी के इस बहुप्रतीक्षित दौरे पर सत्ताधारी दल बीजेपी ने बेहद तीखा और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने भारी शराब घोटाला किया है। इसलिए कांग्रेसी अपने आका को खुश करने के लिए उनका पैर शराब से धोकर स्वागत करें।"

इससे पहले, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी चुटकी लेते हुए कहा था कि, "राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार (सफाया) हो जाता है। उन्हें एक-दो बार छत्तीसगढ़ का दौरा जरूर करना चाहिए, ताकि यहां भी कांग्रेस की बची-खुची स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।"

छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बूथ स्तर तक पुनर्जीवित करने के लिए अभनपुर में 20 से 29 जून तक एक भव्य और विस्तृत प्रशिक्षण शिविर (Training Camp) का आयोजन किया गया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि इस 9 दिवसीय शिविर में हाल ही में नियुक्त किए गए प्रदेश के 41 जिलाध्यक्षों को शामिल किया जा रहा है। राहुल गांधी खुद इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर नए कप्तानों को 'टारगेट शीट' और जमीनी स्तर पर काम करने के खास टिप्स देंगे।

ओडिशा के दिग्गज भी होंगे शामिल: हाईकमान की मंजूरी का इंतजार

कांग्रेस इस बार केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के संगठन को भी धार देने की तैयारी में है। रणनीतिक योजना के अनुसार, इस शिविर में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा के जिलाध्यक्षों को भी आमंत्रित करने का प्रस्ताव है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसका पूरा खाका तैयार कर दिल्ली हाईकमान को भेज दिया है, जिसकी अंतिम मंजूरी जल्द ही मिलने की उम्मीद है।

वन-टू-वन चर्चा: जिलाध्यक्षों से सीधे जिलों की रिपोर्ट लेंगे राहुल

इस ट्रेनिंग कैंप की सबसे खास बात यह होगी कि राहुल गांधी सभी जिलाध्यक्षों से 'वन-टू-वन' बातचीत करेंगे। वे हर जिले की सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों, स्थानीय चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर खुद फीडबैक लेंगे। इसके अलावा, जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों के बड़े मुद्दों की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपनी होगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

एजेंडा तय: सोशल मीडिया मैनेजमेंट और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तरीके

कांग्रेस का यह संगठन सृजन अभियान (2025-26) सीधे तौर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रेनिंग के दौरान दिग्गज एक्सपर्ट्स और नेताओं द्वारा जिलाध्यक्षों को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया जाएगा:

संगठनात्मक जवाबदेही: जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर पर संगठन का पुनर्गठन करना।

मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकार को घेरने और पार्टी की बात मजबूती से रखने की रणनीति।

आक्रामक विपक्ष की भूमिका: जनहित के मुद्दों को उठाना और सरकार की कमियों के खिलाफ प्रभावी विरोध प्रदर्शन के तरीके।

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