Logo
Breaking News Exclusive
राजस्थान के असली डॉक्टर की डिग्री चुराकर चाचा बना मेडिकल ऑफिसर, लोकायुक्त की कार्रवाई से खुला राज गांजा, 3 जिंदा कारतूस और कैश जब्त, पुलिस को देखते ही भागने लगी ग्रैंड विटारा, खदेड़कर पकड़ा ओवरटेक के चक्कर में स्कूटी सवार पिता-बेटे को रौंदा, मौके पर मौत; मां जिला अस्पताल में गंभीर 25 साल के सोने-चांदी का रिकॉर्ड गायब, ट्रस्ट का दावा- थाने में रखा; टीआई बोले- यहां कुछ भी नहीं नकाबपोश ने पहले हवाई फायर किया; विरोध पर सीने में दाग दीं 2 गोलियां, इलाके में दहशत के बीच नाकाबंदी भाई ने लगाई फांसी, श्मशान से लौटकर बहन ने दी जान, गांव में मातम और तरह-तरह की चर्चाएं खदान की माइंस के पास दिखा भयानक नजारा; आसपास दरारें, दहशत में ग्रामीण नर्मदा नदी से जुड़ी 21 हजार हेक्टेयर जमीन डूबी, 192 गांव उजड़े; सरदार सरोवर डील की इनसाइड स्टोरी गृहमंत्री की कुर्सी, इंटरनल सर्वे और IAS कनेक्शन; पढ़िए अंदरखाने की इनसाइड स्टोरी 116 स्कूलों से टॉयलेट गायब, 513 चपरासियों की भर्ती, 4 करोड़ के कर्ज में विभाग, कलेक्टर बोले- जो हो गया, सो हो गया राजस्थान के असली डॉक्टर की डिग्री चुराकर चाचा बना मेडिकल ऑफिसर, लोकायुक्त की कार्रवाई से खुला राज गांजा, 3 जिंदा कारतूस और कैश जब्त, पुलिस को देखते ही भागने लगी ग्रैंड विटारा, खदेड़कर पकड़ा ओवरटेक के चक्कर में स्कूटी सवार पिता-बेटे को रौंदा, मौके पर मौत; मां जिला अस्पताल में गंभीर 25 साल के सोने-चांदी का रिकॉर्ड गायब, ट्रस्ट का दावा- थाने में रखा; टीआई बोले- यहां कुछ भी नहीं नकाबपोश ने पहले हवाई फायर किया; विरोध पर सीने में दाग दीं 2 गोलियां, इलाके में दहशत के बीच नाकाबंदी भाई ने लगाई फांसी, श्मशान से लौटकर बहन ने दी जान, गांव में मातम और तरह-तरह की चर्चाएं खदान की माइंस के पास दिखा भयानक नजारा; आसपास दरारें, दहशत में ग्रामीण नर्मदा नदी से जुड़ी 21 हजार हेक्टेयर जमीन डूबी, 192 गांव उजड़े; सरदार सरोवर डील की इनसाइड स्टोरी गृहमंत्री की कुर्सी, इंटरनल सर्वे और IAS कनेक्शन; पढ़िए अंदरखाने की इनसाइड स्टोरी 116 स्कूलों से टॉयलेट गायब, 513 चपरासियों की भर्ती, 4 करोड़ के कर्ज में विभाग, कलेक्टर बोले- जो हो गया, सो हो गया

: PMGSY घोटाला: सरपंच-सचिव ने की नाली के पैसों में हाथ साफ, 15 साल पहले बनी नाली के नाम पर उठा लिये 30 लाख

गौरेला पेंड्रा मरवाही : प्रदेश के 28वें नवगठित जिले में 15 साल पुरानी नाली के नाम पर राशि निकासी (Withdrawal In The Name of 15 Year Old Drain) का मामला सामने आया है. यहां 14वीं और 15वीं वित्त की राशि से कागजों पर फर्जी निर्माण कार्य (Fake Construction Work) दिखाकर कई फर्मों को 30 लाख से ज्यादा की राशि का भुगतान कर दिया गया.

जब इस मामले की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की. अधिकारियों ने मामले की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. जबकि ग्रामीण जांच के नाम पर महज खानापूर्ति का आरोप लगा रहे हैं.

पिछले दिनों 5 सचिव हो चुके हैं निलंबित

पिछले दिनों 14वीं-15वीं वित्त की करोड़ों रुपये की राशि फर्जी तरीके से कई फर्मों को भुगतान करने के मामले में मरवाही जनपद पंचायत के 5 सचिवों को सस्पेंड करते हुए एफआईआर का निर्देश दिया गया है. जबकि मामले में जांच अभी भी जारी है. वहीं अब फिर गौरेला के कोरजा जनपद पंचायत में गांव के लोगों ने जिले की कलेक्टर से 14वीं-15वीं वित्त की 30 लाख से अधिक राशि का फर्जी भुगतान किये जाने की शिकायत की है.

इसे भी पढें: रूह कांपने वाली वारदात: शराबी पति को पीने से रोका तो कुल्हाड़ी से काट दी पत्नी की गर्दन, जानिए फिर क्या हुआ ?

जनसहयोग के कार्यों के बदले भी किया राशि का उठाव

गांव के लोगों ने आरोपी गांव की सरपंच सोमवती कोल और सचिव परवीन बानो पर आरोप लगाया है कि इन्होंने ग्राम पंचायत में जनसहयोग से हुए निर्माण कार्यों को भी पंचायत से किये जाने की बात कह राशि आहरित कर ली है. ऐसा ही एक काम गांव के स्कूल परिसर में बने रंगमंच का है. यह जन सहयोग से बनाया गया, लेकिन कागजों में उसे ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जाना दिखलाकर राशि आहरित कर ली गई. इस बाबत स्कूल के शिक्षक आनन्द कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने गांव के लोगों से सहयोग लेकर रंग मंच का निर्माण कार्य कराया था.

इसे भी पढें: रंगीन मिजाज अफसर: इस अधिकारी ने आरती बताकर Whatsapp ग्रुप में भेजा अश्लील वीडियो, फिर जो हुआ…

15 साल पहले बनी नाली के नाम पर उठाया पैसा

कोरजा गांव में ग्राम पंचायत सरपंच सोमवती कोल और सचिव परवीन बानो के हौसले यही कम नहीं हुए. उन्होंने कोरजा गांव के राठौर मोहल्ले में 15 साल पहले pmgsy के तहत सड़क किनारे बनी नाली के कार्य को भी ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जाना बताकर राशि का उठाव कर लिया. जहां नाली की जरूरत है, वहां आज भी नाली निर्माण नहीं किया गया है. इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है.

ग्रामीणों का आरोप-जांच के नाम पर खानापूर्ति

ग्रामीणों का कहना है कि मामले में जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. ग्रामीण जांच से संतुष्ट नहीं है. अगर निष्पक्ष जांच नहीं होगी तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे. इस मामले में जनपद पंचायत के सीईओ संजय शर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत उन तक पहुंची है. जांच की जा रही है. जांच के बाद दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मनोरंजन की खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन