आखिर कहां गायब हो गए 2 खूंखार तेंदुए ? : गरियाबंद वन विभाग का पिंजरा खाली, आदमखोर को बकरी नहीं बच्चे पसंद; खौफ से घरों में कैद हुए गांव
गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मुख्यालय से लगे बारूका सर्किल के पंटोरा और खट्टी गांव में तेंदुए का आतंक (leopard terror in Gariaband) थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीन मासूम बच्चों पर हमला कर दहशत फैलाने वाला यह मानव-वन्यजीव संघर्ष (human wildlife conflict) का मामला पांच दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरा ऑपरेशन (trap camera monitoring), पिंजरे और जिंदा बकरे को चारे के रूप में लगाया है, लेकिन अब तक तेंदुआ पिंजरे के आसपास तक नहीं पहुंचा।
तेंदुए के बढ़ते मूवमेंट के बाद पिछले एक सप्ताह से फॉरेस्ट डिपार्टमेंट रेस्क्यू ऑपरेशन (forest rescue operation India) लगातार चलाया जा रहा है। संभावित विचरण क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और अलग-अलग स्थानों पर पिंजरों में जिंदा बकरे बांधकर निगरानी की जा रही है। अब तक चार अलग-अलग लोकेशन पर leopard tracking operation चलाया गया है, लेकिन तेंदुआ न कैमरों में स्पष्ट दिखा है और न ही bait trap (चारे वाले पिंजरे) के पास पहुंचा है।

गांवों में अब भी दहशत, कुत्तों के भौंकने से लग रहा तेंदुए की मौजूदगी का अंदेशा
हालांकि पिछले कुछ दिनों से तेंदुए का सीधा मूवमेंट नजर नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार night wildlife activity (रात में वन्यजीव गतिविधि) अभी भी महसूस की जा रही है। रात के समय कुत्तों के लगातार भौंकने से leopard presence suspicion बना हुआ है।
इसी कारण पंटोरा, खट्टी और आसपास के गांवों में wildlife alert situation कायम है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए लगातार गश्त बढ़ा दी है। गांवों में मुनादी कराई जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए forest helpline alert system भी जारी किया गया है।

धान कटाई के बाद से गांव में सक्रिय है तेंदुआ
ग्रामीण पन्ना लाल के अनुसार धान कटाई के बाद से इस इलाके में leopard movement pattern change साफ देखा गया है। शुरुआत में यह तेंदुआ गांव में घूमने वाले आवारा कुत्तों का शिकार करता था, जिसे ग्रामीण सामान्य wild animal behavior मान रहे थे।
इसके बाद उसने मुर्गियों और पालतू जानवरों को निशाना बनाना शुरू किया। लेकिन मई महीने में हालात तब गंभीर हो गए, जब उसने छोटे बच्चों पर हमला करना शुरू कर दिया, जिससे पूरा क्षेत्र high risk human leopard conflict zone में बदल गया।

शाम होते ही सिमट जाती है गांव की जिंदगी
पंटोरा गांव के किराना दुकान संचालक प्रभुलाल बताते हैं कि अब गांव की दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है। पहले जहां दुकानें देर रात तक खुलती थीं, अब शाम 5–6 बजे के बाद ही village shutdown due to leopard fear शुरू हो जाता है।
बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। रात में कुत्तों के भौंकने पर ग्रामीण तुरंत सतर्क हो जाते हैं, जो leopard fear psychology in rural areas को दर्शाता है। सुबह निस्तार और जंगल से वनोपज संग्रह का समय भी बदल गया है और लोग अब group movement for safety कर रहे हैं।

जानिए कब-कब हुआ बच्चों पर हमला
21 मई: 10 वर्षीय धनेश पर हमला
21 मई की शाम करीब 7 बजे पंटोरा गांव की कमार बस्ती में 10 वर्षीय धनेश पर अचानक leopard attack on child हुआ। वह टीवी देखकर लौट रहा था, तभी तेंदुए ने झपट्टा मार दिया और गर्दन पकड़कर घसीटने लगा।
परिजनों और कुत्ते के शोर के बीच यह मामला human rescue from leopard attack में बदल गया और मां ने साहस दिखाकर बच्चे को बचा लिया।

22 मई: 6 साल की कुनिका पर हमला
अगले ही दिन 22 मई को चट्टानपारा में 6 वर्षीय बच्ची पर फिर repeat leopard attack incident हुआ। तेंदुआ बच्ची को खींचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता से जान बच गई।
24 मई: खट्टी गांव में तीसरा हमला
24 मई को खट्टी गांव में 5 वर्षीय लक्ष्मी पर भी third consecutive leopard attack pattern सामने आया। बच्ची को घसीटने की कोशिश हुई लेकिन परिजनों ने संघर्ष कर बचा लिया।
तीनों मामलों में बच्चे घायल हुए और उनका इलाज गरियाबंद जिला अस्पताल में कराया गया। अब वे खतरे से बाहर हैं।
वन विभाग का दावा- इलाके में एक नहीं, दो तेंदुए सक्रिय
वन विभाग के अनुसार ट्रैप कैमरों से मिले डेटा में multiple leopard presence evidence सामने आया है। एसडीओ मनोज चंद्राकर ने बताया कि पंटोरा और खट्टी क्षेत्र में दो अलग-अलग तेंदुओं की गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
यह मामला अब double leopard tracking challenge बन गया है, जिससे ऑपरेशन और जटिल हो गया है।
30 से ज्यादा अफसर-कर्मियों की टीम कर रही निगरानी
वन विभाग ने इस पूरे क्षेत्र को high alert wildlife zone घोषित कर दिया है। 30 से अधिक कर्मचारियों की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। यह पूरा ऑपरेशन अब एक multi-team forest surveillance mission में बदल चुका है, जिसमें ट्रैप कैमरे, पिंजरे और ग्राउंड पेट्रोलिंग शामिल है।
सबसे बड़ा सवाल- आखिर कहां गायब हो गया तेंदुआ?
तीन बच्चों पर हमले के बाद यह तेंदुआ अब तक untraceable leopard movement case बन गया है। न वह कैमरे में आ रहा है, न पिंजरे के पास जा रहा है और न ही चारे में रुचि दिखा रहा है।
वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि यह missing leopard search operation आखिर कब तक सफल होगा और ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी। तब तक पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहेगा।
MPCGTIMES.COM के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करें
mpcgtimes.com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029VbBZa8X7oQhbYZtacr2U
छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नौकरी की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Tags :
Gariaband leopard attack news leopard terror in village India human wildlife conflict Chhattisgarh forest department rescue operation failed missing leopard case India trap camera wildlife monitoring wild animal attack on children MP Chhattisgarh forest news leopard in village panic situation wildlife alert India 2026 Pantoora Khatti village news forest department tracking leopard dangerous leopard sightings India rural India wildlife attack story trending wildlife news Indiaसंबंधित ख़बरें
Gen Z and the Future of Democracy : Are Social Media Narratives Replacing Facts?
नवरात्रि के दौरान गायों के कटे सिर मिले : मांस बेचने के लिए की थी हत्या; मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी-बेटी समेत 11 गिरफ्तार, कोर्ट के बाहर भीड़ ने आरोपियों को पीटा
छत्तीसगढ़ में पहली बार सांप की इतनी बड़ी सर्जरी : अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, अंबिकापुर से 250 KM दूर बिलासपुर लाकर बचाई जान, ड्रिप पर रखा गया
अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस टीम से मारपीट : युवक ने उतारे कपड़े; महिला ने जड़ा थप्पड़, बोतलें लेकर भागी, SDOP बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी
गरबा ड्रेस में सिगरेट पीने और गन कल्चर दिखाने पर बवाल : लड़कियों ने पासेस के प्रचार के लिए बनाया वीडियो, बजरंग दल पहुंचा SP दफ़्तर, कार्रवाई की मांग
PM के बर्थडे पर माइनिंग अफसरों का सेवा कांड ? : मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन