छत्तीसगढ़ में ISI के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ : पंजाब का संदिग्ध युवक पकड़ाया, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगाकर 'टारगेट किलिंग' का था प्लान!
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े एक बेहद संदिग्ध व्यक्ति को दबोचा है।
आरोपी पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने का संगीन आरोप है। यह बड़ी कामयाबी पुलिस को 21 जून को अकलतरा थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे रूटीन किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) अभियान के दौरान हाथ लगी।

पंजाब का रहने वाला है सेवक सिंह
जांजगीर-चांपा एसपी विजय कुमार पांडेय के सख्त निर्देश पर जिले में बाहरी राज्यों से आकर रहने वाले संदिग्धों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में कुछ बाहरी राज्यों के लोग बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराए पर रह रहे हैं।
जब पुलिस की टीम वहां औचक जांच करने पहुंची, तो पंजाब के तरन तारण जिले के पट्टी का रहने वाला सेवक सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। पूछताछ के दौरान हड़बड़ाने और संदिग्ध हरकतों के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पाकिस्तान और सऊदी अरब के नंबरों से लगातार चैट
शुरुआती पूछताछ में सेवक सिंह ने खुद को भारत-पाकिस्तान सीमा (इंटरनेशनल बॉर्डर) के पास का रहने वाला बताया, लेकिन वह छत्तीसगढ़ आने और अकलतरा में छिपकर रहने का कोई ठोस कारण नहीं बता सका। जब पुलिस का शक गहराया तो सायबर सेल की मदद से उसका मोबाइल फोन खंगाला गया।
मोबाइल देखते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। उसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब और कई अन्य खाड़ी देशों के संदिग्ध नंबर सक्रिय थे, जिनसे लगातार बातचीत की जा रही थी। इन्हीं पुख्ता डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने उस पर सीधे आईएसआई समर्थित नेटवर्क से जुड़े होने का मामला दर्ज किया।
संवेदनशील जगहों की फोटो-वीडियो और वाहनों के नंबर किए शेयर
पुलिस जांच में यह बात प्रमाणित हुई है कि आरोपी सेवक सिंह पिछले कुछ महीनों से सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। वह व्हाट्सऐप (WhatsApp), टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे कूटबद्ध (Encrypted) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए देश की आंतरिक खुफिया जानकारियां सरहद पार भेज रहा था।
आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के कुछ अति-महत्वपूर्ण व्यक्तियों (VIPs), संवेदनशील सरकारी ठिकानों, सुरक्षाबलों की लोकेशन, उनकी गाड़ियों के नंबर और अहम जगहों के फोटो-वीडियो पाकिस्तानी आकाओं से साझा किए हैं। पुलिस ने उसके मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए उसे फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया है।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगाकर 'टारगेट किलिंग' की थी तैयारी
इस मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ है कि सेवक सिंह केवल जासूसी नहीं कर रहा था, बल्कि वह किसी बड़े आतंकी हमले या 'टारगेट किलिंग' (Target Killing) के मॉड्यूल पर काम कर रहा था। आरोपी को पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन (Drone) के जरिए अत्याधुनिक हथियारों की डिलीवरी मिलने वाली थी।
हथियार मिलते ही उसे पाकिस्तान में बैठे आईएसआई आकाओं के इशारे पर भारत के किसी वीवीआईपी या भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थान को निशाना बनाने का टास्क दिया जाना था। हालांकि, समय रहते छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे दबोचकर इस बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
BNS की संगीन धाराओं में केस दर्ज
अकलतरा थाना पुलिस ने आरोपी सेवक सिंह के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना) और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर ले लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां (IB और NIA) भी इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस के संपर्क में हैं और आरोपी से लगातार कड़ाई से पूछताछ जारी है।
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