मेढ़की गांव में ‘चुगली’ पर 5 हजार जुर्माना : आपसी सौहार्द बनाए रखने को बनाया सख्त फैसला, शराब बेचने और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में पीकर जाने पर भी फाइन
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मेढ़की गांव में अब किसी के खिलाफ चुगली करना महंगा पड़ेगा। ग्राम समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ चुगली करते पाए जाने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कुछ सप्ताह पहले चुगली को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। चौक-चौराहों पर बैठकर की गई आपसी टिप्पणियों और एक-दूसरे के खिलाफ फैलाई गई बातों से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक बुलाकर समस्या का समाधान निकालने का निर्णय लिया।

चुगली बनी विवाद की वजह
बैठक में चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने माना कि गांव में फैल रही चुगली ही आपसी मनमुटाव और झगड़ों की मुख्य वजह है। ग्रामसभा ने सख्त रुख अपनाते हुए तय किया कि गांव के किसी भी सार्वजनिक स्थल, चौक-चौराहे, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रमों में किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
ग्राम समिति ने लिखित प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया कि नियम का उल्लंघन करने वाले पर 5 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला गांव में शांति, सौहार्द और आपसी सामंजस्य बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
शराब को लेकर पहले से सख्ती
मेढ़की गांव में शराब को लेकर पहले से ही सख्त नियम लागू हैं। गांव में शराब बेचने या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते पाए जाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही, ऐसी गतिविधि की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करने का भी निर्णय है।
इस बार की बैठक में यह भी तय किया गया कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पीकर शामिल होने वालों पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने से प्राप्त राशि जनहित के विकास कार्यों में खर्च की जाती है। ग्रामीण हर महीने बैठक कर नियमों की समीक्षा भी करते हैं।
गांव का माहौल खराब न हो, इसलिए फैसला
सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव का माहौल खराब न हो और भाईचारा बना रहे, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि कुछ लोग आपसी चुगली कर विवाद की स्थिति पैदा कर रहे थे, जिससे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा था।
प्रशासन ने क्या कहा
इस पहल पर अपर कलेक्टर अजय किशोर ने कहा कि ग्रामीणों ने गांव की बेहतरी और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया होगा। यह ग्राम समिति का आंतरिक फैसला है, इस पर प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
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