50-60 लाख में बिके CGPSC के पेपर ! : सरकारी गवाह बोला-मैरिज पैलेस में रातभर रटाए गए सवाल, बारनवापारा रिसॉर्ट में मेन्स का खेल, पढ़िए इनसाइड स्टोरी !
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से जुड़ा CGPSC Recruitment Scam अब प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में शुमार होता जा रहा है। CBI Investigation in CGPSC Scam के बीच सरकारी गवाह चंद्राकर के बयानों ने उस पूरे तंत्र की परतें खोल दी हैं, जिसमें सत्ता, अफसरशाही और पैसों का खतरनाक गठजोड़ सामने आया है।
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: गवाह के अनुसार, तत्कालीन चेयरमैन Taman Singh Sonwani, सचिव Jeevan Kishore Dhruv और उनके करीबी रसूखदारों ने पद का खुला दुरुपयोग कर अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा लोगों को सरकारी नौकरियां बांटीं।
50–60 लाख में फाइनल हुई थी डील, OSD का रसूख दिखाकर वसूली
सरकारी गवाह ने खुलासा किया कि वर्ष 2021–22 CGPSC Exam Fraud के दौरान उम्मीदवारों को पास कराने के लिए उत्कर्ष चंद्राकर ने अपने मौसा और तत्कालीन OSD KK Chandravanshi तथा OSD Chetan Bogharia का नाम लेकर 50 से 60 लाख रुपये की मांग की थी। यह रकम सीधे-सीधे Question Paper Leak Deal के तौर पर ली गई। डील फाइनल होते ही सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया।
मैरिज पैलेस में रात भर रटाए गए सवाल
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: गवाह के मुताबिक, परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 12 फरवरी 2022 को रायपुर के Siddhivinayak Marriage Palace Raipur में चयनित अभ्यर्थियों को ठहराया गया। यहां Printed Question Paper पहले ही उपलब्ध करा दिया गया था और पूरी रात उम्मीदवारों को वही सवाल रटवाए गए।
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: इस Paper Leak Training Session में रितेश चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, समीर चंद्राकर, माधुरी साहू, प्रवीण कुमार प्रसाद, सत्येन्द्र सिंह ठाकुर, पुल्कीत साहू और भारती वर्मा शामिल थे। नतीजा यह रहा कि सभी के सभी CGPSC Prelims Result में सफल घोषित हो गए।
मेन्स परीक्षा का खेल बारनवापारा रिसॉर्ट में
प्रीलिम्स के बाद भ्रष्टाचार का यह खेल CGPSC Mains Exam Scam तक पहुंचा। गवाह के अनुसार, बारनवापारा के एक रिसॉर्ट में फर्जी नामों से कमरे बुक कराए गए। कड़े पहरे में उम्मीदवारों को रखा गया। पेपर सॉल्व करवाने के लिए Solved Answer Writing Racket के तहत शिक्षकों को बुलाया गया। इस दौरान धर्मेन्द्र साहू और परितोष जैसे शिक्षकों ने उत्तर लिखवाने में भूमिका निभाई।
इस रिसॉर्ट गैंग में पहले से चयनित अभ्यर्थियों के अलावा ऋचा कौर, ज्योति सूर्यवंशी, दिव्यानी तिवारी, योगेश देवांगन, कृति सिंह, मनीष, निकिता, प्रतीक, विनोद सिंह, निवेदिता राजपूत, शास्वत सोनी, कवीश सिन्हा, सुषमा अग्रवाल, अर्चना, पूजा, भवानी पैंकरा, शशांक मिश्रा, निधि, पेमेन्द्र चंद्राकर, प्रकाश चंद्राकर और एक अन्य साहू युवक शामिल था।
चेयरमैन और सचिव ने अपने परिवार को दिलाई नौकरी
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: CBI Charge Sheet CGPSC में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने बेटे नितेश सोनवानी, भतीजे साहिल सोनवानी, भांजी सुनीता जोशी और बहुओं निशा कोसले व दीपा आदिल का चयन सुनिश्चित किया।
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: इसी तरह सचिव जीवन किशोर ध्रुव के बेटे सुमित ध्रुव, राज्यपाल के सचिव के बच्चे नेहा और निखिल खलखो तथा कांग्रेस नेताओं के करीबी प्रज्ञा नायक, प्रखर नायक, अनन्या अग्रवाल, शशांक गोयल और भूमिका कटियार भी Selection Manipulation के घेरे में हैं।
CBI की कार्रवाई तेज, बड़े नामों पर शिकंजा
सीबीआई ने अब टामन सोनवानी, श्रवण कुमार गोयल, शशांक गोयल, भूमिका कटियार, नितेश, साहिल, ललित गणवीर, जीवन किशोर ध्रुव, सुमित ध्रुव, आरती वाशनिक, निशा कोसले, दीपा आदिल और उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ Strict Legal Action शुरू कर दी है। यह मामला साफ तौर पर Systemic Corruption in PSC Exams को उजागर करता है।
मेहनती युवाओं के सपनों की हत्या
यह पूरा घोटाला उन हजारों युवाओं के लिए Brutal Injustice है, जिन्होंने वर्षों तक ईमानदारी से तैयारी की। एक तरफ उम्मीदवार कमरे में बंद होकर किताबों से जूझते रहे, दूसरी तरफ कुछ लोग Marriage Palace Route to Secretariat के रास्ते सीधे अफसर बन गए। यह Merit Killing Scam प्रदेश के युवाओं के भरोसे पर गहरा आघात है।
29 अयोग्य प्रिलिम्स में पास, अब जांच की मांग
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में 29 ऐसे अभ्यर्थी प्रिलिम्स परीक्षा में पास हुए, जो योग्यता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। कहा जा रहा है कि मेन्स में इनके साथ इसलिए “खेल” हो गया क्योंकि पैसे ऊपर तक नहीं पहुंच पाए।
CGPSC Recruitment Scam CBI Investigation Inside Story: सवाल यह है कि यदि ये 29 प्रिलिम्स में पास नहीं होते, तो कई योग्य उम्मीदवार अधिकारी बन सकते थे। अब Student Union CGPSC Scam Complaint के जरिए EOW Investigation Demand की तैयारी की जा रही है।
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