: Corn Cultivation Detail: भुट्टे की खेती कैसे करें, क्या-क्या फायदें हैं, कितना आएगा खर्च ?
MP CG Times / Sun, Jun 16, 2024
Corn Cultivation Detail: भुट्टे की खेती भारत में एक प्रमुख फसल के रूप में जानी जाती है। सही समय पर खेती और उचित प्रबंधन के साथ यह काफी लाभदायक हो सकती है। इस गाइड में हम बताएंगे कि भुट्टे की खेती कब और कैसे करें, साथ ही इसमें कितना खर्च आएगा और कितना मुनाफा हो सकता है।
भुट्टे की खेती कब और कैसे करें
बुवाई का समय:
- वसंत बुवाई: वसंत ऋतु (फरवरी-मार्च) में बुवाई का सही समय होता है, जब मिट्टी का तापमान कम से कम 10°C हो।
- खरीफ बुवाई: खरीफ मौसम (जून-जुलाई) में भी बुवाई की जा सकती है, खासकर मानसून की शुरुआत में।
मिट्टी की तैयारी:
- मिट्टी का प्रकार: भुट्टे के लिए दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है।
- मिट्टी परीक्षण: बुवाई से पहले मिट्टी का परीक्षण कराएं ताकि पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सके।
बीज का चयन और बुवाई:
- बीज चयन: उच्च उपज और रोग प्रतिरोधक संकर (हाइब्रिड) बीजों का चयन करें।
- बुवाई गहराई: बीजों को 1.5 से 2 इंच गहराई में बोएं, पौधों के बीच 8-12 इंच और कतारों के बीच 30-36 इंच की दूरी रखें।
सिंचाई और उर्वरक:
- सिंचाई: मक्का की फसल को सप्ताह में 1-1.5 इंच पानी की आवश्यकता होती है। ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का उपयोग करें।
- उर्वरक: बुवाई के समय संतुलित उर्वरक (N-P-K अनुपात 10-10-10) का उपयोग करें और पौधों के घुटने तक ऊंचे होने पर नाइट्रोजन का साइड-ड्रेसिंग करें।
खरपतवार और कीट नियंत्रण:
- खरपतवार नियंत्रण: पूर्व उगाई वाले शाकनाशी (herbicides) और नियमित निराई-गुड़ाई से खरपतवारों को नियंत्रित करें।
- कीट नियंत्रण: मक्का बोरर और आर्मीवर्म जैसे कीटों पर नजर रखें। जैविक कीटनाशकों और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) तकनीकों का उपयोग करें।
फसल कटाई:
- समय: भुट्टे को तब काटें जब दाने पूरी तरह से विकसित हो जाएं, आमतौर पर बुवाई के 60-100 दिनों के बाद, किस्म के आधार पर।
- विधि: बड़े पैमाने पर खेती के लिए हार्वेस्टर का उपयोग करें या छोटे प्लॉट्स के लिए हाथ से कटाई करें।
खर्च और मुनाफे की जानकारी
खर्च का विवरण (प्रति एकड़):
| खर्च का प्रकार | अनुमानित खर्च (प्रति एकड़) | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| बीज | ₹4,000 - ₹6,000 | उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीज |
| मिट्टी की तैयारी | ₹2,000 - ₹4,000 | जुताई, निराई-गुड़ाई, मिट्टी परीक्षण |
| उर्वरक और खाद | ₹3,000 - ₹5,000 | संतुलित N-P-K उर्वरक |
| सिंचाई व्यवस्था | ₹5,000 - ₹8,000 | ड्रिप या स्प्रिंकलर प्रणाली |
| खरपतवार और कीट नियंत्रण | ₹2,000 - ₹3,000 | शाकनाशी, कीटनाशक, श्रम |
| मजदूरी | ₹3,000 - ₹5,000 | बुवाई, निराई, कटाई आदि |
| अन्य खर्च | ₹1,000 - ₹2,000 | परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग |
| कुल खर्च | ₹20,000 - ₹33,000 |
मुनाफे का विवरण (प्रति एकड़):
| मुनाफे का प्रकार | अनुमानित आय (प्रति एकड़) | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|
| उत्पादन (क्विंटल में) | 20 - 25 क्विंटल | औसत उत्पादन दर |
| बाजार मूल्य (प्रति क्विंटल) | ₹1,000 - ₹1,500 | बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव संभव |
| कुल आय | ₹20,000 - ₹37,500 | |
| कुल मुनाफा | ₹0 - ₹17,500 | कुल आय - कुल खर्च |
निष्कर्ष:
भुट्टे की खेती में सही समय पर बुवाई, उचित देखभाल और प्रबंधन के साथ अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। हालांकि खर्च और मुनाफा मौसम, बाजार की स्थिति और प्रबंधन के तरीकों पर निर्भर करता है, लेकिन सामान्यत: यह एक लाभदायक खेती साबित हो सकती है।Meta Description:
भुट्टे की खेती कब और कैसे करें, जानें खर्च और मुनाफे की डिटेल जानकारी। मक्का की खेती के सही तरीके और संभावित लाभों की पूरी गाइड।Additional Resources:
- भुट्टे से बने उत्पाद
- मक्का के उपयोग
- भुट्टे से क्या बनता है
- मकई से बने खाद्य पदार्थ
- मक्का के उत्पाद:
भुट्टे से बने उत्पाद:
खाद्य उत्पाद:
- भुने हुए भुट्टे (Roasted Corn):
- भुट्टे को सीधा आग पर भूनकर नमक और नींबू के साथ खाया जाता है। यह एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है।
- मकई का आटा (Corn Flour):
- मक्का को पीसकर मकई का आटा बनाया जाता है, जिसका उपयोग रोटी, टॉर्टिला, और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में किया जाता है।
- मकई का दलिया (Cornmeal):
- मक्का के दानों को दरदरा पीसकर मकई का दलिया बनाया जाता है, जो उपमा, पोरिज और अन्य पारंपरिक व्यंजनों में उपयोग होता है।
- पॉपकॉर्न:
- विशेष किस्म के मक्का के दानों को गर्म करके पॉपकॉर्न बनाया जाता है, जो एक लोकप्रिय स्नैक है।
- कॉर्नफ्लेक्स:
- मक्का के दानों को प्रोसेस करके कॉर्नफ्लेक्स बनाए जाते हैं, जो नाश्ते के रूप में उपयोग होते हैं।
- स्वीट कॉर्न:
- स्वीट कॉर्न के दानों को उबालकर या भूनकर सलाद, सूप और चाट में उपयोग किया जाता है।
- कॉर्न सिरप (Corn Syrup):
- मक्का के स्टार्च से कॉर्न सिरप बनाया जाता है, जिसका उपयोग मिठाइयों और बेकिंग में किया जाता है।
- मकई का तेल (Corn Oil):
- मक्का के बीजों से मकई का तेल निकाला जाता है, जो खाना पकाने में उपयोग होता है।
औद्योगिक और अन्य उपयोग:
- इथेनॉल:
- मक्का का उपयोग बायोफ्यूल इथेनॉल बनाने में किया जाता है, जो एक पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोत है।
- फीड (पशु आहार):
- मक्का का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है, जिससे दूध और मांस उत्पादन में मदद मिलती है।
- मक्का स्टार्च:
- मक्का से स्टार्च निकाला जाता है, जिसका उपयोग खाद्य उद्योग में गाढ़ा करने वाले एजेंट के रूप में और कागज, कपड़ा उद्योग में किया जाता है।
- कॉर्न प्लास्टिक (PLA):
- मक्का के स्टार्च से बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (पॉलीलैक्टिक एसिड - PLA) बनाया जाता है, जिसका उपयोग पैकेजिंग और अन्य उत्पादों में किया जाता है।
निष्कर्ष:
भुट्टे से बने विभिन्न उत्पाद न केवल खाद्य उद्योग में बल्कि औद्योगिक उपयोगों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बहुपयोगी गुणों के कारण भुट्टा एक बहुमूल्य फसल है। इन विभिन्न उपयोगों को जानकर, किसान और उद्योग दोनों ही मक्का की पूरी क्षमता का लाभ उठा सकते हैं।विज्ञापन
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