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: छत्तीसगढ़ में 3 बच्चों की मौत: मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान तोड़ा दम, जापानी बुखार और निमोनिया की आशंका

3 children died in Chhattisgarh Jagdalpur Medical College: ठंड बढ़ने के साथ ही बस्तर के मासूम बच्चों पर निमोनिया और जापानी बुखार का खतरा मंडराने लगा है. निमोनिया, मलेरिया और जापानी बुखार से अब तक तीन बच्चों की मौत हो चुकी है. छत्तीसगढ़ के बस्तर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई. बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जा रहा है कि हालत गंभीर होने के कारण तीनों मासूम बच्चों को दंतेवाड़ा और बीजापुर से बस्तर के डिमरापाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तीनों बच्चियों की मौत इनमें से एक बच्ची को निमोनिया की शिकायत थी. वहीं 2 मासूम बच्चे मलेरिया और जापानी बुखार से पीड़ित थे. तीनों मासूम बच्चों की 1-2 दिसंबर की दरम्यानी रात इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतकों में आरुषि डेढ़ साल की निवासी कुआकोंडा जिला दंतेवाड़ा, अनिता 4 साल की निवासी नकुलनार जिला दंतेवाड़ा और मल्लिका अनमोल 2 महीने की निवासी बीजापुर थी. मृतकों में एक बच्ची को सर्दी-खांसी निमोनिया की शिकायत थी. वहीं 2 बच्चियां मलेरिया और जापानी बुखार से पीड़ित थीं। सभी बच्चों की हालत खराब थी। उन्हें डिमरापाल अस्पताल में भर्ती कराकर आवश्यक बेहतर उपचार दिया गया। लेकिन उनकी मौत हो गई- डॉ. डीआर मंडावी, शिशु रोग विशेषज्ञ बदलता मौसम बढ़ा रहा खतरा आपको बता दें कि बदलते मौसम के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। बस्तर क्षेत्र में जापानी बुखार और मलेरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिसे देखते हुए एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्र में बने चक्रवात के कारण बस्तर के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 3 दिनों से बस्तर में काले बादल छाए हुए हैं। बस्तर के अलग-अलग इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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