Logo
Breaking News Exclusive
कहता था- तेरा कन्यादान मैं खुद करूंगा, कैप्टन बाबा पर 12 FIR, 150+ महिलाएं हो सकती हैं शिकार 254 मौतें, 1100+ जख्मी; Ceasefire के बीच सबसे बड़ा हमला, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ? Extra Marital Affair क्यों बढ़ रहे हैं, क्या Marriage System Fail हो रहा है? Sex Life अच्छी, फिर भी Couples Unhappy क्यों? Relationship का Hidden Truth पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया बेलन, मुंह में कपड़ा ठूंसा, हांथ-पैर बांधकर पीटा; जानिए क्रूरता की वजह ? 24 घंटे में 4 एक्सीडेंट, 10 लोगों की मौत, कहीं परिवार खत्म, तो कहीं पिता-बेटे की मौत कहता था- तेरा कन्यादान मैं खुद करूंगा, कैप्टन बाबा पर 12 FIR, 150+ महिलाएं हो सकती हैं शिकार 254 मौतें, 1100+ जख्मी; Ceasefire के बीच सबसे बड़ा हमला, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ? Extra Marital Affair क्यों बढ़ रहे हैं, क्या Marriage System Fail हो रहा है? Sex Life अच्छी, फिर भी Couples Unhappy क्यों? Relationship का Hidden Truth पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया बेलन, मुंह में कपड़ा ठूंसा, हांथ-पैर बांधकर पीटा; जानिए क्रूरता की वजह ? 24 घंटे में 4 एक्सीडेंट, 10 लोगों की मौत, कहीं परिवार खत्म, तो कहीं पिता-बेटे की मौत

: फर्जी SBI बैंक खोलने की पूरी कहानी: छत्तीसगढ़ के इस गांव को ही क्यों चुना गया, मैनेजर से लेकर कर्मचारी तक सभी फेक, जानिए कैसे खुला राज

Chhattisgarh Sakti Chhapora village fake SBI branch disclosure update: छत्तीसगढ़ के सक्ती इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां सिर्फ एक फर्जी अधिकारी या कंपनी नहीं बल्कि पूरा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ही फर्जी निकला. इस फर्जी बैंक में मैनेजर और कर्मचारी भी थे. हालांकि जब पूरा मामला उजागर हुआ तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने खुद पुलिस को इस बैंक की धोखाधड़ी की सूचना दी. मामले का खुलासा होने के बाद फर्जी बैंक का मैनेजर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस फरार मैनेजर की तलाश कर रही है. छपोरा इलाके में फर्जी SBI बैंक शाखा संचालित की जा रही थी. बदमाशों ने बड़ी प्लानिंग के साथ इस इलाके को अपने फ्रॉड के लिए चुना था. दरअसल छपोरा इलाका रायपुर से करीब 250 किलोमीटर दूर है. अंदरूनी इलाका होने की वजह से जालसाजों ने यहां फर्जी तरीके से बैंक शाखा खोल रखी थी. कहां तक ​​पहुंची पुलिस की कार्रवाई? फिलहाल सक्ती पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश कर रही है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बैंक में नौकरी के लिए किए गए सभी ट्रांजेक्शन यूपीआई के जरिए किए गए थे। अब इसे ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों के फोन नंबर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने जो पते दिए थे, वे सभी फर्जी थे। पहले जानिए कैसे हुई कर्मचारियों की नियुक्ति वैभवी कॉम्प्लेक्स में खुली इस कथित ब्रांच में 6 युवाओं को नियुक्ति दी गई। इन युवाओं से 2 लाख से लेकर 6 लाख रुपए तक लिए गए। देश के सबसे बड़े बैंक में नौकरी की चाहत में पैसे देने के लिए युवाओं ने कर्ज लिया और गहने तक गिरवी रखे। इन युवाओं को इंटरव्यू के जरिए चयनित किया गया। फिर ट्रेनिंग के नाम पर बुलाया गया और चयन के बाद कर्मचारियों को ऑफर लेटर भी दिए गए, जो देखने में असली जैसे थे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग जिले में नियुक्ति देने की बात कही गई। इन ऑफर लेटर के जरिए कथित ब्रांच में मैनेजर, मार्केटिंग ऑफिसर, कैशियर और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों पर कर्मचारियों को काम पर रखा गया था। फर्जी ब्रांच खुले 10 दिन ही हुआ था। इससे पहले की बड़ा घोटाला करते इसका भंडाफोड़ हो गया। जानिए कैसे पकड़ी गई SBI की फर्जी शाखा गांव में SBI ब्रांच खुलने से गांव के लोग बहुत खुश थे। कई तो वहां जाकर खाता खुलवाने और काम शुरू करने के लिए लोन की जानकारी लेने तक पहुंचने लगे थे। इनमें स्थानीय ग्रामीण अजय कुमार अग्रवाल भी थे। वह 27 सितंबर को ब्रांच में अपना खाता खुलवाने के लिए पहुंचे थे। उन्हें बताया गया कि, अभी सर्वर नहीं जुड़ा है। ऐसे में खाता नहीं खुल सकेगा। इस पर उन्होंने खाता खुलवाने के लिए दस्तावेज मांगे। उस पर ब्रांच कोड नहीं लिखा था। बाहर बोर्ड और अन्य जगह भी ब्रांच कोड नहीं था। इसके बाद वह डभरा स्थित ब्रांच पहुंचे और शिकायत की। इसी दिन डबरा ब्रांच मैनेजर शेखर राज छपोरा गांव पहुंच गए। उन्होंने बताया कि, रोजाना फील्ड पर रहना पड़ता है। यहां देखा कि SBI का बोर्ड लगा है। वहां पूछताछ करने के लिए पहुंचा तो कर्मचारी गोल-मोल जवाब देने लगे। इसके बाद अफसरों को इसकी सूचना दी। कैसे चल रहा था बैंक? छपोरा गांव में पूरे सेटअप के साथ फर्जी बैंक शाखा संचालित की जा रही थी। इस शाखा में 7 कर्मचारी मौजूद थे, जिनकी कथित तौर पर इंटरव्यू के जरिए भर्ती की गई थी। यहां तक ​​कि उन्हें ट्रेनिंग के लिए भी भेजा गया था। फर्जी शाखा का संचालन फर्जी बैंक मैनेजर कर रहा था। फिलहाल वह फरार हो गया है। ग्रामीणों ने इस संदिग्ध शाखा की गतिविधियों की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की थी। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल कथित बैंक का मैनेजर पंकज भाग निकला है। पुलिस ने इस मामले में पंकज, रेखा साहू, मंधीर दास के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहां से मिले कंप्यूटर सहित अन्य कागजात जब्त कर लिए हैं। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन