Logo
Breaking News Exclusive
प्राइवेट एयरलाइन FLY91 से जुड़े; 2037 में होना था रिटायर्ड, अब उड़ाएंगे 70 सीटर यात्री विमान फार्मर ID बनवाने पहुंचे ग्रामीणों से की बदसलूकी; बोला- 'राजघराने से हूं, अफसर मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते' बोलीं- टीचरों की ऐप से निगरानी बंद करो, अफसरों के काम का भी ऑनलाइन हिसाब हो, DEO ने थमाया नोटिस बेकाबू स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, 3 सगे भाई-बहनों समेत 4 की मौत; गांव में एक साथ उठीं तीन अर्थियां 3 साल से पुल अधूरा, 20 फीट की सीढ़ी, सरिए और खाई के बीच हर पल हादसे का डर, PWD का सिस्टम फेल रात में डसा, सुबह तक झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, समय पर सही इलाज न मिलने से तड़पकर गई जान Former IPS Rajesh Pandey का नाम टॉप पर, 5585 आवेदन में 16 इंटरव्यू, जानिए कहानी ? MP समेत 14 राज्यों में ED की छापेमारी; टोल वसूली में Fake Receipt का खेल कैसे हुआ ? कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, फेफड़े में धंसी बुलेट, जेल में कैदी के हाथ कट्टा आया कैसे ? संजय शर्मा के ठिकानों पर ED की दस्तक, नरसिंहपुर में 3 जगह दस्तावेज खंगाले; क्यों हुई कार्रवाई ? प्राइवेट एयरलाइन FLY91 से जुड़े; 2037 में होना था रिटायर्ड, अब उड़ाएंगे 70 सीटर यात्री विमान फार्मर ID बनवाने पहुंचे ग्रामीणों से की बदसलूकी; बोला- 'राजघराने से हूं, अफसर मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते' बोलीं- टीचरों की ऐप से निगरानी बंद करो, अफसरों के काम का भी ऑनलाइन हिसाब हो, DEO ने थमाया नोटिस बेकाबू स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, 3 सगे भाई-बहनों समेत 4 की मौत; गांव में एक साथ उठीं तीन अर्थियां 3 साल से पुल अधूरा, 20 फीट की सीढ़ी, सरिए और खाई के बीच हर पल हादसे का डर, PWD का सिस्टम फेल रात में डसा, सुबह तक झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, समय पर सही इलाज न मिलने से तड़पकर गई जान Former IPS Rajesh Pandey का नाम टॉप पर, 5585 आवेदन में 16 इंटरव्यू, जानिए कहानी ? MP समेत 14 राज्यों में ED की छापेमारी; टोल वसूली में Fake Receipt का खेल कैसे हुआ ? कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, फेफड़े में धंसी बुलेट, जेल में कैदी के हाथ कट्टा आया कैसे ? संजय शर्मा के ठिकानों पर ED की दस्तक, नरसिंहपुर में 3 जगह दस्तावेज खंगाले; क्यों हुई कार्रवाई ?

: CRPF: 17 वर्ष बाद नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुआ ये इलाका, अब एशिया का बड़ा 'इमली' बाजार लेगा नई करवट

News Desk / Wed, Feb 1, 2023


CRPF: 165वीं बटालियन

CRPF: 165वीं बटालियन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय सुरक्षा बल 'सीआरपीएफ' की 165वीं बटालियन ने छत्तीसगढ़ पुलिस को साथ लेकर एक ऐसा मुश्किल कार्य, संभव कर दिखाया है जिसका इंतजार 2006 से हो रहा था। सफलता की इस दहलीज तक पहुंचने के लिए सीआरपीएफ को कई बड़े जोखिमों से गुजरना पड़ा है, नक्सलियों के अनेक हमलों को नाकाम किया गया। 17 वर्ष के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सैंकड़ों छोटे-बड़े ऑपरेशन किए गए। 2006 से पहले इमली मार्केट को लेकर जिस क्षेत्र की एशिया में तूती बोलती थी, नक्सलियों ने उसे बंद कर दिया था। सीआरपीएफ ने पुलिस के सहयोग से अब बीजापुर और दंतेवाड़ा को जोड़ने वाले व्यापार मार्ग को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त करा दिया है। इतना ही नहीं, महज तीस दिन के भीतर वहां पर दो फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) भी स्थापित कर दिए। ये एफओबी 'बेडरे' और 'कुंदर' में तैयार किए गए हैं। इसके चलते एशिया का सबसे बड़ा 'इमली' बाजार, अब एक नई करवट लेने की राह पर चल पड़ा है।

विकासात्मक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस को साथ लेकर माओवादियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीआरपीएफ और राज्य पुलिस द्वारा, नक्सलियों को खदेड़ कर वहां फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) स्थापित किए जा रहे हैं। ये बेस न केवल रणनीतिक तौर पर, अपितु आसपास के क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को भी पूरी तरह से खत्म करने में सहायक होंगे। इन कैंपों के जरिए स्थानीय निवासियों का भी आत्मविश्वास बढ़ जाता है। लंबे समय तक नक्सलियों के प्रभाव को झेल चुके स्थानीय लोग, अब विकास का नया सवेरा देखना चाहते हैं। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में वहां बहुप्रतीक्षित विकासात्मक गतिविधियों को भी अब रफ्तार मिलने लगी है।

नक्सलियों ने सड़कें खोदी तो नष्ट किए बिजली उपकरण

सीआरपीएफ की 165वीं बटालियन ने लोकल पुलिस को साथ लेकर इमली बाजार के रूट को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त कराने की रणनीति बनाई। 2006 के बाद जिला मुख्यालय बीजापुर और दंतेवाड़ा को जोड़ने वाला पुराना व्यापार मार्ग बाधित हो गया था। एशिया के सबसे बड़े इमली बाजार पर इसका व्यापक असर देखने को मिला। आंध्र प्रदेश, केरल व तमिलनाडु सहित कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी खत्म हो गई। माओवादियों ने एक रणनीति के तहत यहां की सड़कों को खोद दिया। उन्हें बीच से काट दिया। गहरी खाई खोदी गई। बिजली उपकरणों को नष्ट कर दिया गया। इस इलाके में नक्सलियों ने सरकारी योजनाओं का रास्ता रोक दिया। यहां तक कि कौन किसके साथ शादी करेगा, कुछ जगहों पर नक्सली इस हस्तक्षेप तक भी पहुंच गए थे। वे अपनी अघोषित सरकार चलाने लगे। सरकारी स्कीम के तहत कोई विकास कार्य जैसे तालाब खुदाई का कार्य होता तो उसमें से 20 फीसदी राशि ले लेते थे।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन