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लव-जिहाद...मुस्लिम की 4 राज्यों में 4 हिंदू बीवियां : पिता ने ही बनाया ‘नेटवर्क’, बेटे डॉक्टर को दिया टारगेट, जांच बढ़ी तो पिता की भूमिका पर से उठा पर्दा
Sat, Jan 10, 2026
लखनऊ KGMU के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन से जुड़े धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके पिता सलीमुद्दीन की भूमिका को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सलीमुद्दीन ने 4 राज्यों में 4 निकाह किए थे और उसकी चारों पत्नियां पहले हिंदू थीं।
पुलिस का दावा है कि सलीमुद्दीन लंबे समय से कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल था। उसने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया।
बेटे को भी बनाया मिशन का हिस्सा
जांच में यह भी सामने आया है कि सलीमुद्दीन ने अपने बेटे डॉ. रमीजुद्दीन को भी इस कथित मिशन के लिए मोटिवेट किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिता ने बेटे को हिंदू लड़कियों को टारगेट करने के निर्देश दिए थे।
ठाकुरगंज से पिता-पत्नी की गिरफ्तारी
पुलिस ने 5 जनवरी को सलीमुद्दीन और उसकी पत्नी खतीजा को लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। दोनों मूल रूप से खटीमा, ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के निवासी हैं और लखनऊ में किराए के फ्लैट में रह रहे थे।
पहली पत्नी के रहते किया दूसरा निकाह
पुलिस के अनुसार, सलीमुद्दीन ने पहली पत्नी के रहते करीब 35 साल पहले खतीजा से दूसरा निकाह किया था। खतीजा पहले हिंदू थी। डॉ. रमीज पहली पत्नी का बेटा है, जो पंजाबी समुदाय से थी।
परिवार में विकसित की गई कट्टर सोच
जांच एजेंसियों का कहना है कि परिवार के भीतर हिंदू समाज के प्रति नफरत और उन्हें निशाना बनाने की मानसिकता को व्यवस्थित रूप से पोषित किया गया, जिसका असर बेटे की सोच और गतिविधियों में भी दिखा।
क्लिनिक बना संपर्क और प्रभाव का जरिया
सलीमुद्दीन उत्तराखंड के खटीमा में होम्योपैथिक क्लिनिक चलाता था। पुलिस के अनुसार, इलाज के बहाने वह महिलाओं से नजदीकियां बढ़ाता था। उसकी गतिविधियों से असहज होकर कई लोग उससे दूरी बनाने लगे थे।
पीलीभीत में भी सक्रिय रहा सलीमुद्दीन
स्थानीय विरोध बढ़ने के बाद सलीमुद्दीन अक्सर पीलीभीत के न्योरिया स्थित अपने पैतृक घर में रहने लगा। पुलिस को शक है कि वहां से भी वह अपने नेटवर्क को संचालित करता था।
बंद कमरों में होती थीं ‘दीनी तालीम’ की बैठकें
पुलिस का कहना है कि सलीमुद्दीन, उसका बेटा रमीज और काजी जाहिद हसन राना मिलकर बंद कमरों में दीनी तालीम के नाम पर बैठकें करते थे। इनमें कथित तौर पर कट्टर विचारधारा का प्रचार किया जाता था।
संगठित गिरोह खड़ा करने की साजिश
सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों का मकसद एक संगठित नेटवर्क तैयार करना था। पुलिस का आरोप है कि सलीमुद्दीन ने अपने बेटे को खुद से आगे बढ़कर काम करने का टारगेट दिया था।
डॉक्टर की पहचान से करता था शिकार
डॉ. रमीजुद्दीन पर आरोप है कि वह डॉक्टर होने की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज, मदद और भरोसे के जरिए महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था।
ठाकुरगंज से पकड़ा गया इनामी डॉक्टर
पुलिस ने 9 जनवरी को KGMU के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन को ठाकुरगंज से गिरफ्तार किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह 18 दिनों से फरार बताया जा रहा था।
चार राज्यों में चल रही थी तलाश
रमीज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में दबिश दे रही थीं। 7 जनवरी को लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा स्थित उसके ठिकानों पर कुर्की के नोटिस भी चिपकाए गए थे।
छात्रा की शिकायत से खुला मामला
यह मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब KGMU की एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने आरोप लगाया कि सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, गर्भपात और धर्म परिवर्तन का दबाव डाला।
गिरफ्तारी के बाद बदला रुख
गिरफ्तारी के बाद डॉ. रमीजुद्दीन पुलिस के सामने माफी मांगता नजर आया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उसके चेहरे पर पछतावे के स्पष्ट भाव नजर नहीं आए।
चारों निकाह और नेटवर्क की अलग-अलग जांच
पुलिस अब सलीमुद्दीन के चारों निकाह, उनकी पत्नियों की पृष्ठभूमि और कथित धर्मांतरण के मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
CM योगी से मिली थी पीड़िता
KGMU धर्मांतरण केस की पीड़िता ने 31 दिसंबर 2025 को अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम योगी ने आरोपी डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए थे।
पुलिस रिमांड की तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. रमीजुद्दीन को लेकर 48 घंटे की पुलिस रिमांड मांगी जा सकती है। इस दौरान मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश होगी।