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: खाकी पर पथराव की इनसाइड स्टोरी: पुलिसकर्मियों का किसने फोड़ा सिर, क्यों पथराव में उतरी भीड़, किसने तोड़े गाड़ियों के तोड़े, पढ़िए हाईवोल्टेज हंगामे की अनसुनी कहानी ?

पथराव की इनसाइड स्टोरी: पुलिसकर्मियों का किसने फोड़ा सिर, क्यों पथराव में उतरी भीड़, किसने तोड़े गाड़ियों के शीशे, पढ़िए हाईवोल्टेज हंगामे की अनसुनी कहानी ?

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प के कारणों को हर कोई जानना और समझना चाहता है. हर किसी के जहन में उन अनसुनी बातों को सुनने और जानने की जिज्ञासा है. हर किसी के मन में कुछ इस तरह के सवालात घूम रहे हैं. गरियाबंद में पुलिसकर्मियों का किसने फोड़ा सिर, क्यों पथराव में उतरी भीड़, किसने तोड़े गाड़ियों के शीशे, क्यों हुआ हाईवोल्टेज हंगामा, तो आइये पढ़िए गरियाबंद में पथराव की इनसाइड स्टोरी औऱ जानिए उन सवालों के जवाब ?

दरअसल, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प हो गई. बात धान खरीदी केंद्र की थी. सुबह से नेशनल हाइवे 130C जाम था. दोनों तरफ से गाड़ियों की कतार थी. इस चक्काजाम से हर कोई परेशान था. सड़क पर दोनों तरफ से भीड़. ग्रामीण भी हजार की तादाद में थे. प्रदर्शन से परेशानी को देखते हुए पुलिस पहुंची और समझाइश दी, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर डटे थे. क्या हैं इनकी मांगें ? दरअसल, पहले आदिम जाति सहकारी समिति कांडेकेला में संचालित थी, जिसे समिति ने सहमति से भेजीपदर गांव में संचालित करने को कहा. इसकी सहमति उस इलाके ग्रामीणों ने जगह नहीं होने के कारण दी थी. अब फिर उसी समिति को वापस कांडेलेका लाने की मांग की जा रही है, जबकि हैरानी की बात ये है कि धान खरीदी केंद्र को समिति के लोग ही जगह की कमी बताकर भेजीपदर में खुलवाए थे. अब वही लोग फिर से हंगामा कर दोबारा कांडेकेला में खोलने की मांग पर अड़े हैं. क्यों मचा बवाल ? ग्रामीणों के मुताबिक कांडेकेला में तत्काल आज ही धान खरीदी केंद्र खोला जाए. कलेक्टर यहां पहुंचकर घोषणा करे. वहीं मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक सप्ताह पहले ही प्रशासन को अवगत करा दिया था, जिसके बाद आज सुबह से ही प्रदर्शन में बैठ गए थे. बताया जा रहा है कि करीब एक हजार लोग थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पहले पुलिस ने लाठी चार्ज किया, जिसके बाद हम उग्र हुए. नहीं पहुंचे कलेक्टर तो मचा बवाल बताया जा रहा है कि इस धरना प्रदर्शन को कुछ बड़े चेहरे नेतृत्व कर रहे हैं, जो पार्टी में पदाधिकारी भी हैं. इस बीच प्रदर्शनकारियों के बीच कलेक्टर नहीं पहुंचे और सड़क जाम होने की वजह से पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटाने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. नेशनल हाइवे 130C पर चक्काजाम के दौरान पुलिस पर भीड़ ने पथराव किया. इसके बाद भीड़ थाने का घेराव की. कितने गाड़ियों के तोड़े गए शीशे ? बताया जा रहा है कि 10 से ज्यादा गाड़ियों के शीशे तोड़े गए हैं. मैनपुर पुलिस की गाड़ी को सड़क पर तोड़फोड़ की गई. गाड़ी को सड़क पर पलटाकर उल्टा कर दिया गया था, जिसे पुलिस ने सड़क से साइड कर खड़ी की. मिली जानकारी के मुताबिक धुरूवागूड़ी के पास चक्काजाम किया गया था. इस दौरान पुलिस पर लोगों ने जोरदार पथराव कर दिया. मैनपुर SI को पैर में चोटें आई हैं, जबकि इस हमले में 3 पुलिस जवान घायल हैं. बताया जा रहा है कि कंडेकेला सहकारी समिति के अधीन आने वाले 7 गांव के सैकड़ों लोग प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन में महिला किसान भी शामिल थीं. मौके पर राजस्व और पुलिस का अमला भी मौजूद था. इसी एक माह में 4 बार नेशनल हाइवे जाम किया जा चुका है. read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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