: कांग्रेस के पूर्व मंत्री आरिफ अकील का निधन: हमेशा हवाई चप्पल पहनते थे, मंच पर देखकर राहुल गांधी भी चौंक गए थे
MP CG Times / Mon, Jul 29, 2024
Former Congress minister Arif Aqeel dies: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री आरिफ अकील का सोमवार सुबह भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके विधायक बेटे आतिफ अकील ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायत के बाद रविवार शाम को उन्हें अपोलो सेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था।
दोपहर 3.30 बजे पूर्व मंत्री आरिफ अकील का जनाजा उनके लक्ष्मी टॉकीज सराय स्थित आवास से निकला। बाल विहार रोड पर नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। उन्हें बड़े बाग स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूर्व मंत्री के निधन पर भोपाल के पुराने शहर का बाजार बंद रहा।
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6 बार विधायक, दो बार मंत्री
आरिफ अकील 1990 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद वे 1998, 2003, 2008, 2013 और 2018 में भोपाल उत्तर सीट से विधायक चुने गए।
उन्हें 1998 में पहली बार पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। दूसरी बार 2018 में उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभागों का मंत्री बनाया गया।
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पिछले साल हुई थी हार्ट सर्जरी
साल 2023 की शुरुआत में आरिफ की तबीयत खराब हो गई थी। जांच में उनके हार्ट में ब्लॉकेज पाए गए थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने जब बेटे आतिफ को भोपाल उत्तर से उम्मीदवार बनाया तो वे जीप और व्हीलचेयर पर बैठकर वोट मांगने निकल पड़े।
आरिफ अकील को 'शेर-ए-भोपाल' कहा जाता है
आरिफ अकील को 'शेर-ए-भोपाल' कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि दो दशक तक तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा उनके अभेद्य किले भोपाल उत्तर को ध्वस्त नहीं कर पाई। लोग कहते हैं, 'आरिफ भाई काम में भेदभाव नहीं करते थे। उनका मानना था कि जो मेरे पास आया, वह मेरा है।'
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उन्हें 1998 में पहली बार पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। दूसरी बार 2018 में उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभागों का मंत्री बनाया गया।
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आरिफ अकील को 'शेर-ए-भोपाल' कहा जाता है
आरिफ अकील को 'शेर-ए-भोपाल' कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि दो दशक तक तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा उनके अभेद्य किले भोपाल उत्तर को ध्वस्त नहीं कर पाई। लोग कहते हैं, 'आरिफ भाई काम में भेदभाव नहीं करते थे। उनका मानना था कि जो मेरे पास आया, वह मेरा है।'
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