SIR में Anuppur में 40 हजार वोटर्स के नाम कटे : 4,047 अनमैप्ड लोगों को भेजे जाएंगे नोटिस, जानिए कहीं आपका भी नाम तो नहीं कटा ?
MP CG Times / Thu, Dec 25, 2025
अनूपपुर में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के निर्देश पर मतदाता सूची के Special Summary Revision (SSR / SIR) का अंतिम मसौदा जारी कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों से कुल 40,570 voters के नाम फोटो निर्वाचक नामावली (Electoral Roll) से हटाए गए हैं।
सत्यापन के बाद हटाए गए मतदाता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (Sub Divisional Election Officer) ने बताया कि गणना और सत्यापन अवधि के दौरान voter verification process के तहत मतदाता सूची का बारीकी से परीक्षण किया गया।
इस दौरान 9,010 voters मृत पाए गए, जिनके नाम सूची से विलोपित किए गए। पुनरीक्षण के दौरान 4,717 voters ऐसे मिले जो लंबे समय से अपने पते पर निवासरत नहीं थे। इन्हें Absent Voter Category में रखते हुए मतदाता सूची से हटाया गया है।
स्थानांतरित मतदाताओं के नाम कटे
अधिकारियों के अनुसार सबसे अधिक 25,051 voters ऐसे चिन्हित किए गए, जो जिला या विधानसभा क्षेत्र से बाहर permanently migrated हो चुके हैं। इनका नाम भी Voter List Deletion प्रक्रिया के तहत हटा दिया गया।
मतदाता सूची में 1,759 duplicate entries भी सामने आईं। जांच के बाद इन duplicate voter IDs को हटाकर सूची को शुद्ध किया गया।

अन्य कारणों से भी विलोपन
निर्वाचन विभाग (Election Department) ने बताया कि इसके अलावा 33 voters के नाम अन्य प्रशासनिक कारणों से मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
जिले में 4,047 unmapped voters की पहचान अब भी शेष है। इन मतदाताओं के पते और विवरण की पुष्टि के लिए संबंधित क्षेत्रों में official notices जारी किए जाएंगे।
22 जनवरी तक दर्ज होंगी Claims and Objections
मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार के claims and objections 22 जनवरी 2026 तक दर्ज कराए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद संशोधित सूची को 17 फरवरी 2026 तक अंतिम रूप दिया जाएगा।
21 फरवरी को प्रकाशित होगी Final Voter List
निर्वाचन आयोग की अनुशंसा के बाद 21 फरवरी 2026 को अनूपपुर जिले की Final Electoral Roll का प्रकाशन किया जाएगा।
मतदाताओं की सुविधा के लिए नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन और स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह online voter services से जोड़ा गया है। इसके लिए Voter Helpline App, Voter Portal और NVSP Portal के माध्यम से Form-6, Form-7 और Form-8 में आवेदन किया जा सकता है।
सिलसिलेवार जानिए सारे सवालों के जवाब
1. ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
लिस्ट जारी होने के बाद अब आप दो आसान तरीकों से अपना नाम जांच सकते हैं।
ऑनलाइन: चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) पर जाएं या अपने स्मार्टफोन में Voter Helpline App डाउनलोड करें। ऐप में 'Search in Electoral Roll' (मतदाता सूची में खोजें) विकल्प पर जाकर आप अपना नाम, पिता का नाम या अपनी वोटर आईडी (EPIC) नंबर डालकर स्थिति जांच सकते हैं।
ऑफलाइन: यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं तो आप अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर सकते हैं। उनके पास पूरे क्षेत्र की ड्राफ्ट सूची उपलब्ध होगी। इसके अलावा यह सूची आपके तहसील कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में भी निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।
2. मेरा नाम 2003 की लिस्ट में था, पर 2025 की ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है?
आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ड्राफ्ट लिस्ट अंतिम नहीं होती। यदि आपका नाम पुरानी सूची में था, लेकिन अब नहीं है तो इसका मतलब है कि सत्यापन के दौरान किसी कारण (जैसे पते पर न मिलना, डुप्लीकेसी या तकनीकी गलती) से आपका नाम हटा दिया गया है।
आप अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म-6 भरना होगा। यह फॉर्म आप ऑनलाइन Voter Helpline App के माध्यम से या ऑफलाइन अपने बीएलओ को जमा कर सकते हैं। 14 फरवरी 2026 तक का समय इसी काम के लिए दिया गया है।

3. ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बीएलओ (BLO) की क्या भूमिका होगी?
अब बीएलओ की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। वे तीन अहम काम करेंगे-
अपने-अपने मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाएंगे, जहां लोग आकर मदद ले सकते हैं।
नए नाम जोड़ने (फॉर्म-6), नाम हटाने पर आपत्ति (फॉर्म-7) या किसी जानकारी में सुधार (फॉर्म-8) के आवेदन लेंगे।
प्राप्त हुए सभी दावों और आपत्तियों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और अपनी रिपोर्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को सौंपेंगे।
4. नाम दोबारा जुड़वाने के लिए कौन-से दस्तावेज लगेंगे?
आपको अपनी नागरिकता और जन्मतिथि साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज देने होंगे। यह आपके जन्म की तारीख पर निर्भर करता है:
यदि आपका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ हो: आपको केवल अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए कोई एक दस्तावेज देना होगा।
यदि आपका जन्म 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ हो: आपको अपनी जन्मतिथि/स्थान का प्रमाण और साथ ही अपने माता या पिता में से किसी एक की भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना होगा।
यदि आपका जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ हो: आपको अपनी जन्मतिथि/स्थान का प्रमाण और साथ ही अपने माता और पिता दोनों की भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना होगा।
5. अगर मेरे मोहल्ले के कई लोगों के नाम गलत तरीके से काट दिए गए हैं, तो क्या करें?
यदि आपको लगता है कि किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय के नाम जानबूझकर या गलती से सामूहिक रूप से काट दिए गए हैं तो आप इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
आप फॉर्म-7 भरकर व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा आप एक लिखित शिकायत सीधे अपने जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) को भी दे सकते हैं। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना किसी नोटिस या भौतिक सत्यापन के किसी भी जीवित मतदाता का नाम नहीं काटा जा सकता।
6. एक ही पते पर 100 लोगों का नाम होने जैसी गलतियों का क्या होगा?
चुनाव आयोग अब 'लॉजिकल एरर' यानी तार्किक त्रुटियों पर बहुत सख्ती बरत रहा है। यदि एक ही घर के पते पर असामान्य रूप से अधिक संख्या में मतदाता पंजीकृत हैं तो बीएलओ के लिए इसका भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य है।
यदि सत्यापन में पाया जाता है कि वे लोग वहां नहीं रहते हैं तो उनके नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि कोई मतदाता अपना पता बदलवाना चाहता है तो उसे फॉर्म-8 भरकर आवेदन करना होगा।
7. क्या जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी कोई अलग सूची जारी होगी?
जी हां, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग यह प्रावधान रखता है। जब 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसके साथ एक हटाए गए नामों की सूची भी जारी की जाएगी। इस सूची में उन सभी लोगों के नाम और कारण होते हैं, जिनके नाम हटाए गए हैं। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाती है।
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