लव मैरिज का बहिष्कार, पंचायत का फरमान : कहा- न पंडित पूजा कराएंगे, न दूधवाले-नाई आएंगे, 6 महीनों में 8 शादियों के बाद फैसला
MP CG Times / Mon, Jan 26, 2026
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचेवा में पंचायत की एक बैठक के बाद लव मैरिज करने वाले लड़के-लड़कियों और उनके परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय सामने आया है। इस फैसले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले छह महीनों में गांव के 7–8 युवक-युवतियों ने घर से भागकर शादी की है। इसी को लेकर तीन दिन पहले गांव में पंचों और ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई, जिसमें सामूहिक रूप से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई।

वीडियो में बहिष्कार के नियम पढ़कर सुनाए गए
सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति रजिस्टर लेकर पंचायत के फैसले के बिंदु पढ़ते हुए नजर आता है। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर उन परिवारों के नाम भी लिए गए हैं, जिनके बच्चों ने लव मैरिज की है, जिससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी बताई जा रही है।
पंचायत के कथित फैसले में क्या-क्या प्रतिबंध
बैठक में घोषित किए गए प्रतिबंधों में शामिल हैं:
लव मैरिज करने वाले युवक-युवती और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार
किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं
परिवार को मजदूरी या अन्य काम नहीं दिया जाएगा
दूध या अन्य सामान का लेन-देन बंद
खेत लीज पर नहीं दिए जाएंगे
पंडित, नाई या अन्य पारंपरिक सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी
विवाह में सहयोग करने वालों पर भी सामाजिक कार्रवाई
ऐसे दंपती को संरक्षण देने वालों का भी बहिष्कार
प्रशासन गांव पहुंचा, समझाइश दी
वीडियो सामने आने के बाद जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल ने पिपलौदा जनपद पंचायत के सीईओ ब्रह्म स्वरूप हंस को गांव भेजा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर ऐसे फैसलों के कानूनी पहलुओं को समझाया। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अब तक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कुछ ग्रामीणों ने फैसले को बताया संविधान विरोधी
गांव के कुछ लोगों ने इस फैसले का विरोध भी किया है। उनका कहना है कि किसी भी बालिग युवक-युवती को अपनी पसंद से शादी करने का कानूनी अधिकार है, और सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम संविधान की भावना के खिलाफ हैं। प्रभावित परिवार प्रशासन से शिकायत करने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई संभव
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यदि पंचायत द्वारा सामाजिक बहिष्कार जैसे अवैध दबाव की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन