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US Student Visa Policy : एजुकेशन लोन सेक्टर को तगड़ा झटका, 30-50 फीसदी तक की गिरावट, जानिए क्या है वजह ?

US Student Visa Policy: अमेरिका ने Student Visa Rules सख्त कर दिए हैं। इसका असर अब सिर्फ एजुकेशन का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Education Loan Sector भी बुरी तरह इफेक्टेड हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI Data) के आंकड़े बताते हैं कि विदेशों में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों में तेजी से गिरावट आई है। यही वजह है कि Education Loan Companies को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के फैसले से एजुकेशन लोन सेक्टर में Slowdown लौट पड़ी है।

कई छात्र अब अमेरिका जाने का मन बदल रहे हैं। छात्रों का सपना था कि वह अमेरिका की किसी अच्छी US University से पढ़ाई करें, लेकिन सख्त वीजा नियमों (Strict Visa Policy) के कारण उसने अब दूसरे देशों की ओर देखना शुरू कर दिया है।

छात्रों का कहना है कि आने वाले एक-दो सालों तक अमेरिका में पढ़ाई करना आसान नहीं दिख रहा। ऐसे हजारों छात्र हैं, जो अब UK, Germany, France और यूरोप के दूसरे देशों को Study Abroad Options के तौर पर देख रहे हैं।

वीजा सख्ती का सीधा असर Education Loan Market पर पड़ा है। अगस्त से शुरू होने वाले Fall Admission Season में विदेश पढ़ाई के लिए भेजे गए पैसे में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

यह रकम 416 मिलियन डॉलर से घटकर 319 मिलियन डॉलर रह गई। वहीं, जनवरी से शुरू होने वाले Spring Admission Season में भी करीब 18 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान पैसा 449 मिलियन डॉलर से घटकर 368 मिलियन डॉलर पर आ गया।

इन आंकड़ों में छात्रों की Tuition Fees के साथ रहने और खाने का खर्च भी शामिल है। एजुकेशन लोन देने वाली कंपनियों और NBFCs का कहना है कि साल 2025 में विदेशी पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले लोन में 30 से 50 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। इसका मतलब है कि Banking and Loan Business भी धीमा हो रहा है।

ज्ञानधन के CEO और को-फाउंडर अंकित मेहरा के मुताबिक, अमेरिका से जुड़े एजुकेशन लोन में करीब 60 फीसदी तक की गिरावट आई है। अमेरिका में वीजा को लेकर बनी Visa Uncertainty के कारण आने वाले Fall Season में हालात और बिगड़ सकते हैं।

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