Logo
Breaking News Exclusive
शिक्षा मंत्री ने पहनाया गोल्ड मेडल, तीन साल लगातार नेशनल स्पेस डे ग्रैंड फिनाले में चयन दिव्यांग बच्चों संग झूले झूलकर बिखेरी मुस्कान, त्रिवेणी संगम पर दिखी मानवीय तस्वीर अनूपपुर में 16 साल की लड़की ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत, शहडोल की रहने वाली थी डीएफओ बोलीं- पुलिस के संरक्षण में अवैध उत्खनन, 24 घंटे बाद दर्ज हुई FIR कई अस्पतालों में रेफर करने के बाद बिलासपुर ले जाते समय तोड़ा दम, रफ्तार बनी वजह आदिवासी परिवार से कैश और जेवर ठगे, जान से मारने की दी धमकी, 3 गिरफ्तार, 12 लाख का सामान बरामद धड़ से सिर गायब, 14 दिन से था लापता, दोस्तों को आखिरी बार फोन पर कहा- मैं भाग रहा हूं वैलेंटाइन वीक पर गर्लफ्रेंड ने घर में फांसी लगाई, बॉयफ्रेंड पेड़ पर फंदे से झूला, परिवार शादी में कर रहा था देरी गोद में शव, हाथ में सिगरेट…और सलमा का पसंदीदा गीत गा रहा था आरोपी, गवाह ने किया दावा 56% गांवों में BSNL का सिग्नल नहीं, जबकि 51% से अधिक 5G कवर हुआ, बीएसएनएल की पहुंच अभी भी अधूरी शिक्षा मंत्री ने पहनाया गोल्ड मेडल, तीन साल लगातार नेशनल स्पेस डे ग्रैंड फिनाले में चयन दिव्यांग बच्चों संग झूले झूलकर बिखेरी मुस्कान, त्रिवेणी संगम पर दिखी मानवीय तस्वीर अनूपपुर में 16 साल की लड़की ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत, शहडोल की रहने वाली थी डीएफओ बोलीं- पुलिस के संरक्षण में अवैध उत्खनन, 24 घंटे बाद दर्ज हुई FIR कई अस्पतालों में रेफर करने के बाद बिलासपुर ले जाते समय तोड़ा दम, रफ्तार बनी वजह आदिवासी परिवार से कैश और जेवर ठगे, जान से मारने की दी धमकी, 3 गिरफ्तार, 12 लाख का सामान बरामद धड़ से सिर गायब, 14 दिन से था लापता, दोस्तों को आखिरी बार फोन पर कहा- मैं भाग रहा हूं वैलेंटाइन वीक पर गर्लफ्रेंड ने घर में फांसी लगाई, बॉयफ्रेंड पेड़ पर फंदे से झूला, परिवार शादी में कर रहा था देरी गोद में शव, हाथ में सिगरेट…और सलमा का पसंदीदा गीत गा रहा था आरोपी, गवाह ने किया दावा 56% गांवों में BSNL का सिग्नल नहीं, जबकि 51% से अधिक 5G कवर हुआ, बीएसएनएल की पहुंच अभी भी अधूरी

: पराली ने की MP की फिजा जहरीली: मध्य प्रदेश ने तोड़ दिए रिकॉर्ड, जानिए कितने जिलों में धुआं-धुआं ?

Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताए जाने के बावजूद मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल इलाके समेत 9 जिलों के किसान सरकार के प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। अकेले मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल इलाके में पिछले सवा महीने में पराली जलाने के 697 मामले सामने आए हैं।

Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश में पराली जलाने के 1169 मामले सामने आए हैं। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। इस दौरान पंजाब में पराली जलाने के 1995 मामले दर्ज किए गए हैं। मध्य प्रदेश के इन जिलों में नहीं सुधर रहे हालात भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 1169 मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के 9 जिलों अशोकनगर, दतिया, गुना, शिवपुरी, भिंड, विदिशा, सागर, मुरैना, जबलपुर में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। राज्य के गुना जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। गुना में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच 380 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में पराली जलाने के 275 मामले सामने आए थे। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: अशोकनगर जिले में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 183 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में पराली जलाने के 109 मामले सामने आए थे। शिवपुरी जिले में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 97 मामले सामने आए। वर्ष 2023 में शिवपुरी में 51 मामले सामने आए। मुरैना जिले में इस साल पराली जलाने के 26 मामले सामने आए हैं। पिछले साल इनकी संख्या 37 थी। इस साल ग्वालियर जिले में पराली जलाने के सिर्फ 11 मामले सामने आए हैं। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: ग्वालियर चंबल क्षेत्र के अलावा विदिशा जिले में पराली जलाने के 55 मामले सामने आए हैं। साल 2023 में इस दौरान 63 मामले सामने आए। सागर जिले में पराली जलाने के 42 मामले दर्ज किए गए। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: इन जिलों में किसानों पर समझाइश का असर देखा गया। प्रदेश के ग्वालियर चंबल क्षेत्र के जिलों में जहां पराली जलाने के मामले बढ़े हैं, वहीं कई जिले ऐसे भी हैं जहां किसानों में जागरूकता आई है। सिवनी जिले में साल 2023 में पराली जलाने के 114 मामले सामने आए थे, लेकिन इस साल सिर्फ 29 मामले सामने आए। सीहोर जिले में पिछले साल पराली जलाने के 47 मामले सामने आए थे, जबकि इस साल 13 मामले सामने आए हरदा जिले में इस साल 7 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल 25 मामले सामने आए थे। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन