: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बोले- ED बिना सबूत के आरोप लगाती है: कहा- यह एक पैटर्न सा हो गया, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 2 दिन में सबूत पेश करें
आरोपी पक्ष की दलीलें
अरविंद सिंह के वकील ने कहा कि वह पहले ही 10 महीने हिरासत में रह चुके हैं। ईडी ने उनके खिलाफ एक मुख्य और 3 पूरक शिकायतें दर्ज की हैं, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है। मामले में 21 आरोपी, 25 हजार से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज और 150 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल हैं।
अब इस पर ईडी ने क्या कहा?
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने तर्क दिया- केवल सामग्री की मात्रा के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। इस तर्क को मान लिया जाए, तो पहले दिन ही जमानत मिल जाएगी। अरविंद सिंह की गिरफ्तारी को अभी एक साल भी नहीं हुआ है।
जस्टिस ओका ने स्पष्ट किया- जमानत के लिए एक साल की हिरासत कोई कानूनी मानक नहीं है।
ईडी की ओर से कहा गया- अरविंद सिंह घोटाले में प्रमुख भूमिका में है, वह सह-आरोपी अनवर ढेबर के करीबी थे। व्हाट्सएप चैट में नकली होलोग्राम, शराब नीति और सप्लायरों को लेकर बातचीत का हवाला दिया गया।
कोर्ट ने फिर पूछा- 40 करोड़ रुपए की कमाई से उनका सीधा संबंध कहां है?
ED की ओर से राजू ने बताया- यह रकम अरविंद सिंह और दुबई भाग चुके विकास अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से कमाई गई थी।
जस्टिस ओका ने पूछा- क्या अग्रवाल के खिलाफ भी कोई मामला दर्ज किया गया है?
राजू ने बताया- अभी उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है, जांच पूरी होने पर ही ऐसा किया जाएगा।
ED की दलील, 5 रुपए प्रति बोतल मुनाफा
ED की ओर से 'वेलकम डिस्टिलरीज' और 'अनुराग ट्रेडर्स' के बीच बैंक लेन-देन का हवाला दिया गया। कहा कि आरोपियों से जुड़ी कंपनियों ने बोतलों की आपूर्ति में 5 रुपए प्रति बोतल का मुनाफा कमाया। इससे कुल 900 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। सिंह को अमित सिंह का रिश्तेदार बताया गया, जिसे यह धन मिला।
इस पर राजू ने कहा कि, सिंह इन कंपनियों को चला रहे थे और विवरण पेश करने के लिए समय मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति कंपनी का प्रबंध निदेशक न होते हुए भी जिम्मेदार हो सकता है।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
Tags :
संबंधित ख़बरें
Gen Z and the Future of Democracy : Are Social Media Narratives Replacing Facts?
स्कूल की छत गिरने से 35 लोगों की मौत : दर्दनाक हादसे में 34 बच्चे और महिला टीचर ने भी गंवाई जान; 40 घायल, स्कूल मालिक गिरफ्तार
गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत : तेरहवीं के भोज में जा रहे थे सभी; एक ही परिवार की 7 बच्चियों ने गंवाई जान, 15 साल की चांदनी ने 2 की जान बचाई
खूनी झड़प…CISF जवान ने चलाईं अंधाधुंध गोलियां : असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 अफसरों-जवानों की मौत; विवाद के बाद AK-47 से दागीं 150 गोलियां
गर्लफ्रेंड की लाश गोद में लेकर बैठा रहा बॉयफ्रेंड : दिल्ली में कोचिंग का झूठा नाटक, CISF जवान संग लिव-इन में थी, परिजनों का आरोप- मर्डर कर फंदे पर लटकाया
IND vs AFG 3rd T20 LIVE Score : Abhishek Sharma का तूफानी शतक, Rohit Sharma का रिकॉर्ड तोड़ा; भारत ने Powerplay में बनाए 100 रन
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन