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: पहचान छिपाकर रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार: आधार कार्ड और नाम निकला फर्जी, 2 साल से अवैध रूप से रह रही थी, मकान मालिक भी पकड़ाया

पहचान छिपाकर रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार: आधार कार्ड और नाम निकला फर्जी, 2 साल से अवैध रूप से रह रही थी, मकान मालिक भी पकड़ाया

Bangladeshi woman arrested for hiding her identity in Bhilai: छत्तीसगढ़ के भिलाई में एसआईटी (स्पेशल टास्क फोर्स) ने बुधवार को अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। पिछले 2 साल से वह अपनी पहचान छिपाकर किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने पर मकान मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में महिला का आधार कार्ड और नाम फर्जी पाया गया।

बताया जा रहा है कि महिला दूसरों के घरों में काम करती थी। वह IIMMO ऐप के जरिए परिवार के लोगों से बात करती थी। इस ऐप की खासियत यह है कि इसमें नंबर डिस्प्ले नहीं होते। यहां से कमाए गए पैसों को वह अपने परिचित के जरिए बांग्लादेश में अपने परिवार को भेजती थी। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि अवैध घुसपैठियों को पकड़ने के लिए भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। जांच में पता चला कि सुपेला नेहरू रोड स्थित सूरज साव का मकान बांग्लादेशी महिला ने किराए पर ले रखा है। उसने सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए दस्तावेज का इस्तेमाल किया तो पुलिस सतर्क हो गई। महिला से पूछताछ में पता चला कि उसका असली नाम पन्ना बीबी है, लेकिन वह अंजलि सिंह उर्फ ​​काकोली घोष के नाम से भिलाई में रह रही थी। उसने अपना फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया था।

पुलिस ने पन्ना बीबी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023, विदेशी अधिनियम 1946 और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम 1920 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने उसके मकान मालिक सूरज साव को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

धोखाधड़ी कर सीमा पार कर पहुंची भारत

पन्ना बीबी उर्फ ​​काकोली घोष ने पूछताछ में बताया कि उसने अवैध पासपोर्ट और वीजा बनवाया था और 8 साल पहले अवैध तरीके से बांग्लादेश से उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बनगांव पेट्रापोल जिले में स्थित बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत पहुंची थी।

5 साल सोनागाछी में रही, फिर भिलाई आ गई

भारत पहुंचने के बाद काकोली घोष 5 साल तक पश्चिम बंगाल के सोनागाछी में रही। इसके बाद वह दिल्ली आ गई। एक साल दिल्ली में रहने के बाद वह अपनी सहेली पूजा के साथ भिलाई आ गई। वह पिछले 2 साल से सूरज साव के घर में रह रही थी।

कोलकाता से घर भेजती थी पैसे

भिलाई में काम करने के बाद मिलने वाले पैसे को वह समय-समय पर बांग्लादेश स्थित अपने घर भेजती थी। इसके लिए वह सबसे पहले पैसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अपने परिचित को भेजती थी। इसके बाद युवक उस पैसे को उसके परिजनों को भेज देता था।

पुलिस पूरे मामले की जांच के लिए पत्र लिखेगी

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि काकोली बांग्लादेश से भारत कैसे पहुंची, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। उसका फर्जी आधार कार्ड किसने बनवाया। पुलिस इन सबकी जांच करेगी। इस पर कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को पत्र लिखा जाएगा।

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