: अब केंद्र सरकार के निशाने पर आया इस्लामिक फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु
News Desk / Wed, Oct 5, 2022
अब केंद्र सरकार के निशाने पर आया इस्लामिक फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु (Photo Credit: File Photo)
नई दिल्ली:
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक नए इस्लामिक संगठन 'इस्लामिक फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु' पर कार्रवाई तेज कर दी है. बताया जाता है कि इस संगठन को अभी हाल ही में 1 अक्टूबर को कोयंबटूर में लॉन्च किया गया था. इस संगठन में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक शाखा, इस्लामिक लॉ रिसर्च काउंसिल और कुछ अन्य समान विचारधारा वाले प्रतिनिधि शामिल हैं. संगठन ने एम. रहमतुल्लाह को अंतरिम समन्वयक के रूप में चुना है.
ये है इस संगठन का उद्देश्य
एक एनजीओ के रूप में पंजीकृत संगठन के पांच उद्देश्य है, जिसमें सभी को शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना. दूसरा वक्फ बोर्ड से संबंधित और अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराना, शादी से जुड़े मुद्दों का सामना करने वाले मुसलमानों के लिए मध्यस्थता, एक बैंक बनाना, जो बिना ब्याज के ऋण प्रदान करता है और एक लॉ विश्वविद्यालय की स्थापना करना.
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संगठन ने पीएफआई से संबंध होने से किया इनकार
संगठन के समन्वयक एम. रहमतुल्लाह ने साफ कर दिया है पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के साथ किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है. संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा बन चुके खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि उन्होंने नए आंदोलन पर नजर रखी हुई है.
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कोयंबटूर में पहले भी हो चुकी है आतंकी घटना
गौरतलब है कि यहां 14 फरवरी, 1998 को बम विस्फोटों की एक श्रृंखला में 58 लोग मारे गए थे. सीरियल बम विस्फोट के जरिए निशाने पर देश के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी थे. इस केस में अब्दुल नासिर मदनी और अल उम्मा के एसए बाशा सहित कई इस्लामी नेताओं को विस्फोटों के बाद गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया था.
PFI से संबंध नहीं, लेकिन रहेंगे एजेंसियों के रडार पर
केंद्रीय एजेंसियों के सूत्र ये तो मानते है कि नए संगठन का पीएफआई या अन्य प्रतिबंधित संगठनों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन संगठन निश्चित रूप से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में रहेगा. पहले से ही ऐसी खबरें थीं कि कई संगठन मुस्लिम हितों के साथ और गैर सरकारी संगठनों और मानवाधिकार संगठनों की आड़ में उभरेंगे.
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First Published : 06 Oct 2022, 12:02:40 AM
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