Logo
Breaking News Exclusive
BJP नेता समेत 3 की मौत, 30 मिनट तक कार में तड़पते रहे, कांच फोड़कर सिर बाहर आए 28 हजार महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, ‘उजास’ पत्रिका का विमोचन खेतों में बिछी सफेद चादर, किसानों की फसल चौपट, अब बीमारी का खतरा Heatwave में घर पर बनाएं Drinks & Snacks, जानिए Juices और Fresh Fruits के Healthy Recipes गर्मी में बढ़ा बिजली बिल, ये 7 Smart Tips अपनाकर करें आधा खर्च Weather Alert India, 17 राज्यों में बारिश- ओले बरस रहे; अब बढ़ेगी भीषण गर्मी ! गरियाबंद में 43 करोड़ बिजली बिल बकाया, जानिए कैसे और कौन करा सकते हैं माफ ? गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ? इमली के पेड़ के नीचे चला रहा था मोबाइल, कई जगह गिरे ओले, महुआ-आम की फसल बर्बाद 190 नशीली गोलियां भी भट्ठी में खाक, जानिए गरियाबंद टू रायपुर प्लांट की कहानी BJP नेता समेत 3 की मौत, 30 मिनट तक कार में तड़पते रहे, कांच फोड़कर सिर बाहर आए 28 हजार महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, ‘उजास’ पत्रिका का विमोचन खेतों में बिछी सफेद चादर, किसानों की फसल चौपट, अब बीमारी का खतरा Heatwave में घर पर बनाएं Drinks & Snacks, जानिए Juices और Fresh Fruits के Healthy Recipes गर्मी में बढ़ा बिजली बिल, ये 7 Smart Tips अपनाकर करें आधा खर्च Weather Alert India, 17 राज्यों में बारिश- ओले बरस रहे; अब बढ़ेगी भीषण गर्मी ! गरियाबंद में 43 करोड़ बिजली बिल बकाया, जानिए कैसे और कौन करा सकते हैं माफ ? गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ? इमली के पेड़ के नीचे चला रहा था मोबाइल, कई जगह गिरे ओले, महुआ-आम की फसल बर्बाद 190 नशीली गोलियां भी भट्ठी में खाक, जानिए गरियाबंद टू रायपुर प्लांट की कहानी

: MP News: भुरू के सामने चित हुआ 'पुष्पा', बुरहानपुर में दिवाली के अगले दिन भिड़े पाड़े

News Desk / Tue, Oct 25, 2022


मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के शाहपुर में अमरावती नदी के किनारे हर साल दीपावली के दूसरे दिन मेला लगता है। इसमें पाड़ों की लड़ाई होती है। मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र से भी लोग अपने-अपने पाड़े लेकर इस मेले में भाग लेते हैं। आम तौर पर सूखी रहने वाली नदी में इस साल पानी था और पाड़ों ने पानी में उतरकर भी युद्ध किया। 

बड़ी संख्या में लोग पहुंचे तमाशा देखने
इस साल भी बड़ी संख्या में लोग पाड़ों के इस पारंपरिक युद्ध का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने भी मेले में भाग लेकर स्थानीय लोगों का हौंसला बढ़ाया। इस दौरान सजे-धजे पाड़ों ने जब एक-दूसरे के खिलाफ हुंकार भरी तो देखने वाले लोग स्तब्ध रह गए। पाड़ों के मालिकों ने भी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया कि उनका ही पाड़ा जीते। एक पाड़े का नाम पुष्पा जैसा फिल्मी था तो किसी के नाम मुन्ना, राजू और भुरू।  

अनुमति नहीं, फिर भी मूक समर्थन
आम तौर पर इस मेले को प्रशासनिक अनुमति नहीं दी जाती। इसके बाद भी भीड़ को देखते हुए पुलिस इंतजाम किए गए थे। अमरावती नदी किनारे होने वाली पाड़ों की इस टक्कर को देखने हजारों की संख्या में लोग आते हैं। जीतने वाले पाड़ों के मालिकों को नगद पुरस्कार दिए जाते हैं। 
 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन