: 1 अक्टूबर से रेत खनन पर हटेगा प्रतिबंध: जिलों में खनन कब शुरू होगा, कलेक्टर तय करेंगे; सरकार नहीं जारी करेगी आदेश
MP CG Times / Sun, Sep 29, 2024
Madhya Pradesh Ban on sand mining will be lifted from October 1: मध्यप्रदेश में 30 सितंबर तक रेत खनन पर रोक लगाने का आदेश एक अक्टूबर से निष्प्रभावी हो जाएगा। कलेक्टर तय करेंगे कि वे अपने जिलों में रेत खनन पर प्रतिबंध कब हटाना चाहते हैं। राज्य खनिज निगम और खनिज विभाग ने इसके लिए कलेक्टरों को अधिकार दे दिए हैं। इसके चलते मानसून की विदाई के अनुसार अगले सप्ताह से रेत खनन पर प्रतिबंध हटाने का काम शुरू हो जाएगा।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर हर साल 15 जून से 30 सितंबर के बीच रेत खनन पर प्रतिबंध लगाया जाता है। खनिज संसाधन विभाग हर साल कलेक्टरों को रेत खनन पर रोक लगाने के आदेश देता है, जिसके आधार पर कलेक्टर कार्रवाई करते हैं।
इस साल भी राज्य सरकार ने रेत खनन को लेकर केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर रेत खनन रोकने के निर्देश दिए थे। इसमें मौसम विज्ञान केंद्र नागपुर द्वारा मध्य प्रदेश में मानसून की अवधि 15 जून से 1 अक्टूबर तक तय की गई है।
MP में मंदिर Vs मस्जिद विवाद की कहानी: क्या फिर ‘कारसेवक’ की तैयारी, क्या वाकई मंदिर की जमीन पर मस्जिद है ?
कलेक्टर हटा सकते हैं प्रतिबंध
राज्य खनिज निगम के एमडी और खनिज संसाधन विभाग के निदेशक अनुराग चौधरी का कहना है कि हालांकि आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर के बाद रेत खनन शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन कई जिलों में इस तिथि के बाद भी मानसून सक्रिय है।
कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मानसून की विदाई के आधार पर अपने जिले में रेत खनन पर प्रतिबंध हटाने के आदेश जारी कर सकते हैं। कई जिले ऐसे हैं, जहां 10 अक्टूबर तक मानसून की हलचल जारी रहने की उम्मीद है। प्रदेश के 55 में से 44 जिले ऐसे हैं, जहां बड़े पैमाने पर रेत खनन होता है और सरकार इन जिलों में रेत खनन के लिए ठेके भी देती रही है।
यात्रीगढ़ कृपया ध्यान दें! नवरात्रि-दशहरा से पहले 26 ट्रेनें रद्द, 30 सितंबर से 12 अक्टूबर तक नहीं चलेंगी ये ट्रेनें, MP-CG और UP के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सक्रिय मानसून के दौरान भंडारण से बिक्री
रेत खनन वाले जिलों में रेत वे ही बेच सकते हैं, जिन्होंने तय सीमा के भीतर रेत का भंडारण किया है। अवैध भंडारण की स्थिति में कलेक्टरों को रेत जब्त करने का अधिकार है और इस पर कार्रवाई भी होती है। हालांकि इस दौरान भी अवैध खनन और परिवहन के मामले सामने आते रहते हैं।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
इस साल भी राज्य सरकार ने रेत खनन को लेकर केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर रेत खनन रोकने के निर्देश दिए थे। इसमें मौसम विज्ञान केंद्र नागपुर द्वारा मध्य प्रदेश में मानसून की अवधि 15 जून से 1 अक्टूबर तक तय की गई है।
MP में मंदिर Vs मस्जिद विवाद की कहानी: क्या फिर ‘कारसेवक’ की तैयारी, क्या वाकई मंदिर की जमीन पर मस्जिद है ?
कलेक्टर हटा सकते हैं प्रतिबंध
राज्य खनिज निगम के एमडी और खनिज संसाधन विभाग के निदेशक अनुराग चौधरी का कहना है कि हालांकि आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर के बाद रेत खनन शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन कई जिलों में इस तिथि के बाद भी मानसून सक्रिय है।
कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मानसून की विदाई के आधार पर अपने जिले में रेत खनन पर प्रतिबंध हटाने के आदेश जारी कर सकते हैं। कई जिले ऐसे हैं, जहां 10 अक्टूबर तक मानसून की हलचल जारी रहने की उम्मीद है। प्रदेश के 55 में से 44 जिले ऐसे हैं, जहां बड़े पैमाने पर रेत खनन होता है और सरकार इन जिलों में रेत खनन के लिए ठेके भी देती रही है।
यात्रीगढ़ कृपया ध्यान दें! नवरात्रि-दशहरा से पहले 26 ट्रेनें रद्द, 30 सितंबर से 12 अक्टूबर तक नहीं चलेंगी ये ट्रेनें, MP-CG और UP के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सक्रिय मानसून के दौरान भंडारण से बिक्री
रेत खनन वाले जिलों में रेत वे ही बेच सकते हैं, जिन्होंने तय सीमा के भीतर रेत का भंडारण किया है। अवैध भंडारण की स्थिति में कलेक्टरों को रेत जब्त करने का अधिकार है और इस पर कार्रवाई भी होती है। हालांकि इस दौरान भी अवैध खनन और परिवहन के मामले सामने आते रहते हैं।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन