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गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गई जान, बुझ गया घर का चिराग ₹20 लाख की फिरौती मांगी, जान से मारने की धमकी, 3 राज्यों के बदमाश गिरफ्तार कब्रों से निकले कंकाल, जहर परखने पहले कुत्ते को दिया, एक ही पैटर्न पर हो रही थीं मौतें, वजह हैरान कर देगी सिर पर 6 इंच गहरी चोट, खोपड़ी टूटी, आधी रात को बॉयफ्रेंड से मिलने गई थी, पुलिस ने उसी को उठाया गरियाबंद-ओडिशा बॉर्डर पर मिली अर्धनग्न लाश, पैर तोड़ दिए, शरीर पर कई जख्म बेटे ने अफेयर के शक में तड़पा-तड़पाकर मारा; अलग-अलग कमरों में शवों को लगाया ठिकाने दम घुटने से छात्रों की गई जान; रो पड़े डिप्टी सीएम, पल भर में 'कब्रिस्तान' बनी दो मंजिला इमारत 6 सांसदों ने थामा शिंदे का दामन; लोकसभा में 13 हुए 'कमांडो', शिंदे बोले- हम ही बालासाहेब के असली वारिस 5 दिन से लापता था 5 साल का मासूम, हत्यारों ने बेरहमी से की हत्या पंजाब का संदिग्ध युवक पकड़ाया, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगाकर 'टारगेट किलिंग' का था प्लान! गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गई जान, बुझ गया घर का चिराग ₹20 लाख की फिरौती मांगी, जान से मारने की धमकी, 3 राज्यों के बदमाश गिरफ्तार कब्रों से निकले कंकाल, जहर परखने पहले कुत्ते को दिया, एक ही पैटर्न पर हो रही थीं मौतें, वजह हैरान कर देगी सिर पर 6 इंच गहरी चोट, खोपड़ी टूटी, आधी रात को बॉयफ्रेंड से मिलने गई थी, पुलिस ने उसी को उठाया गरियाबंद-ओडिशा बॉर्डर पर मिली अर्धनग्न लाश, पैर तोड़ दिए, शरीर पर कई जख्म बेटे ने अफेयर के शक में तड़पा-तड़पाकर मारा; अलग-अलग कमरों में शवों को लगाया ठिकाने दम घुटने से छात्रों की गई जान; रो पड़े डिप्टी सीएम, पल भर में 'कब्रिस्तान' बनी दो मंजिला इमारत 6 सांसदों ने थामा शिंदे का दामन; लोकसभा में 13 हुए 'कमांडो', शिंदे बोले- हम ही बालासाहेब के असली वारिस 5 दिन से लापता था 5 साल का मासूम, हत्यारों ने बेरहमी से की हत्या पंजाब का संदिग्ध युवक पकड़ाया, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगाकर 'टारगेट किलिंग' का था प्लान!

: अनूपपुर में स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़: वाहन में ठूस-ठूस कर क्षमता से ज्यादा बैठा रहे बच्चे, जिम्मेदारों को ओवरलोडिंग से हादसे का इंतजार

MP Anuppur school vehicles children overloaded: एमपी के अनूपपुर मुख्यालय के स्कूल खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। स्कूली वाहन बच्चों की जान जोखिम में डालकर दौड़ रहे हैं। स्कूली वाहनों को रोकने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं है। निजी स्कूल संचालकों को किसी अधिकारी या कर्मचारी का भी डर नहीं है। अनूपपुर जिले में संचालित कई निजी स्कूल स्कूली बच्चों को वाहनों में ठूस-ठूस कर भरते हैं। जान जोखिम में डालकर चालक के बगल वाली सीट पर तीन से चार बच्चों को बैठाया जाता है। इसके साथ ही जहां पीछे 5 से 6 बच्चों के बैठने की जगह है, वहां 10 से 15 छोटे बच्चे बैठे रहते हैं। अनूपपुर में पत्नी को कुदाली से मार डाला: तुम ज्यादा रात तक कहां रहते हो कहने पर मर्डर, जानिए कत्लकांड की पूरी कहानी ? अभिभावक भी ओवरलोडिंग पर नहीं दे रहे ध्यान शहर में दौड़ रहे स्कूली वाहनों में न सिर्फ क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जा रहे हैं। बल्कि इनमें जरूरी सावधानियां भी नहीं बरती जा रही हैं। इसके बावजूद अभिभावक भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे भी अपनी जान जोखिम में डालकर लापरवाह चालकों के साथ बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। अनूपपुर में सड़क पर दौड़ी मौत की कार: जीजा और साली को मारी टक्कर, रोड़ पर बिछ गई लाश, मची चीख-पुकार यातायात प्रभारी बोलीं- करेंगे कार्रवाई इस पूरे मामले पर यातायात प्रभारी ज्योति दुबे ने बताया कि हमने पहले भी अभियान चलाकर क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है। एक बार फिर अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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