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: कौन हुआ साजिश का शिकार: 1 साल से बंद पड़ी थी अस्पताल की लिफ्ट, सफाई करने के लिए खोला तो उड़ गए होश, फिर...

MP CG Times / Sat, Sep 4, 2021

रीवा। शहर में स्थित संजय गांधी अस्पताल (Sanjay Gandhi Hospital) में शनिवार को कुछ ऐसा हुआ कि अब ये देश भर में चर्चा का विषय बन गया है. जानकारी के अनुसार संजय गांधी अस्पताल में शनिवार को कलेक्टर का दौरा प्रस्तावित था. उनके इस दौरे से पहले अस्पताल के हालात ठीक ठाक करने की कवायद शुरू हुई. इस दौरान हॉस्पिटल की एक साल से खराब पड़ी लिफ्ट (broken elevator) का भी नंबर आ गया. इस लिफ्ट को जैसे ही खोला (skeleton in elevator) गया सभी लोगों के होश उड़ गए. लिफ्ट में एक कंकाल पड़ा था. हालांकि अब ये कंकाल किसका है इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. कंकाल की खबर मिलने के साथ ही जिला प्रशासन (District Administration), अस्पताल प्रबंधन (hospital management) और पुलिस सकते में आ गई और तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी गई. गौरतलब है कि रीवा में स्थित संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है. इसमें 12 लिफ्ट हैं. लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि उनमें से केवल दो ही लिफ्ट काम कर रही हैं. बाकि सभी खराब पड़ी हैं. एक और कमाल ये है कि किसी को भी ये सही से नहीं पता है कि लिफ्ट कब से खराब हैं. अब जब एक लिफ्ट को ठीक करने व साफ सफाई के लिए खोला गया तो उसमें कंकाल मिल गया. इसके बाद बताया गया कि ये लिफ्ट एक साल से खराब थी. कंकाल की पहचान मुश्किल सफाई कर्मचारियों का कहना है लाश पूरी तरह सूखकर कंकाल में बदल चुकी है. इसलिए ये बता पाना तो दूर की बात है कि ये किसकी है, ये तक नहीं पता चल रहा कि ये किसी पुरुष की है या महिला की. कंकाल मिलने के साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस अब मामले की जांच हर पहलू से कर रही है. साथ ही मृतक की पहचान करने में भी पुलिस जुट गई है. एक के बाद एक खड़े हुए सवाल लेकिन… अस्पताल की लिफ्ट में कंकाल मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर एक के बाद एक सवाल उठ रहे हैं लेकिन इन सवालों का जवाब किसी के पास भी नहीं है. सवाल जो अब अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ा रहे हैं- जब अस्पताल की लिफ्ट इतने समय से खराब थी तो उसे सही क्यों नहीं करवाया गया. जब लिफ्ट खराब हुई थी तो उसे चैक क्यों नहीं किया गया कि कहीं उसमें कोई फंसा तो नहीं है. लिफ्ट में फंसकर किसी मरीज या उसके परिजन की मौत हुई है या फिर किसी ने हत्या कर लाश को यहां पर ठिकाने लगा दिया है. जिस व्यक्ति कि ये लाश है क्या उसके परिजन ने उसे खोजने का प्रयास नहीं किया. इसी के साथ एक और बड़ा सवाल कि क्या एक साल से अस्पताल की साफ सफाई भी कोरोना काल होते हुए भी ठीक से नहीं की गई, जो इस कंकाल के बारे में अब पता चला.  

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