एमपी में 56 बाघों की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट : 10 जनवरी से ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-2’ शुरू, करंट और फंदे पर रहेगी खास नजर
MP CG Times / Sun, Jan 4, 2026
मध्यप्रदेश में बाघों की लगातार हो रही मौतों के बाद वन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। प्रदेश में 56 बाघों की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अब सभी वन मंडल, टाइगर रिजर्व और वन विकास मंडलों में ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-2’ चलाने का फैसला किया गया है। यह अभियान 10 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा।
ऑपरेशन के दौरान फील्ड अफसरों को अपने-अपने क्षेत्रों में दिन-रात सघन गश्त करनी होगी। कहीं भी शिकार या अवैध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

हर मंडल में नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे
वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, हर वन मंडल, टाइगर रिजर्व और वन विकास मंडल में उपवन मंडल स्तर के एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। यह अधिकारी हर सप्ताह वन मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगा।
एक माह पांच दिन चलेगा ऑपरेशन
ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-2 कुल एक माह पांच दिन तक चलेगा।
इस दौरान सप्ताह में कम से कम तीन दिन परिक्षेत्र अधिकारी और अधीनस्थ अधिकारी गश्त करेंगे।
दो दिन वन मंडल अधिकारी और उप वन मंडल अधिकारी क्षेत्र में रहेंगे।
एक दिन क्षेत्र संचालक और मुख्य वन संरक्षक स्वयं गश्त करेंगे।
डॉग स्क्वाड, मेटल डिटेक्टर का होगा इस्तेमाल
प्रदेश में मौजूद 9 डॉग स्क्वाड, 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड और एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड को भी अभियान में लगाया जाएगा। संवेदनशील इलाकों, शिकारी गिरोहों और घुमक्कड़ समुदायों के डेरों की तलाशी ली जाएगी।
गश्त के दौरान मेटल डिटेक्टर का उपयोग भी किया जाएगा और वन सीमा से सटे इलाकों, बाड़ों व फेंसिंग की विशेष जांच होगी।
करंट और फंदे पर रहेगी खास नजर
वन भूमि या वन्य प्राणी क्षेत्र से गुजरने वाली बिजली लाइनों के आसपास नियमित गश्त के निर्देश दिए गए हैं। शिकार के लिए बिछाए गए करंट, तार या फंदे मिलने पर उन्हें जब्त कर प्रकरण दर्ज किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यदि किसी फंदे में वन्य प्राणी फंसा मिलता है, तो तत्काल रेस्क्यू स्क्वाड की मदद से उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
शिकार के पुराने आंकड़े चिंताजनक
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 तक शिकार से जुड़े 933 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें
322 जंगली सुअर
118 नीलगाय
101 तेंदुए
39 बाघ
36 भालू
17 राष्ट्रीय पक्षी मोर
शामिल हैं। ठंड के मौसम में शिकार की घटनाएं अधिक होती हैं। इसी वजह से पहले चलाए गए ऑपरेशन में 931 प्रकरण दर्ज कर 429 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
वन विभाग का कहना है कि ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-2 के जरिए शिकार की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन