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एक रात, दो लाशें और 6 रहस्यमयी चेहरे : अनूपपुर में अंधेरे में आए कातिल, धारदार हथियार से किसान और नौकरानी का कत्ल, पत्नी लहूलुहान मिली

अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में एक घर में किसान और उसकी नौकरानी की लाशें मिलीं। किसान की पत्नी की हालत गंभीर थी। तीनों के सिर और चेहरे पर चोटें आई थीं।किसान के बेटे ने सबसे पहले खून से लथपथ लाशें देखीं और फिर उसने पुलिस को बताया। यह घटना बुधवार सुबह लखनपुर गांव में हुई।

दरअसल, मरने वालों की पहचान राजेंद्र उर्फ ​​बबलू पटेल (40) और सीमा बैगा (25) के तौर पर हुई है। राजेंद्र पटेल की पत्नी रूपा पटेल (38) गंभीर रूप से घायल हैं। सीमा राजेंद्र के घर पर काम करती थी।

दो गाड़ियों में छह संदिग्ध लोग देखे गए

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को गांव के पास दो गाड़ियों में छह लोग देखे गए। ऐसा लगता है कि उन्होंने अपनी गाड़ियां गांव से 2-3 किलोमीटर दूर पार्क की थीं। फिर वे राजेंद्र के घर के पीछे खेतों से होते हुए चले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी रास्ते से वापस लौट गए, जिससे वे गए थे।

जब बेटा खेत से लौटा, तो उसने लाशें देखीं

राजेंद्र के बेटे आलोक पटेल ने बताया कि, हमारा परिवार खेती करता है। मैं मंगलवार रात 11 बजे ट्रैक्टर लेकर घर से निकला और खेत पर चला गया। हम पक्का घर बना रहे हैं, इसलिए सब लोग खुले बरामदे में सो रहे हैं। आज सुबह जब मैं घर पहुंचा तो मेरे पिता बरामदे के पिलर पर खून से लथपथ पड़े थे। नौकरानी सीमा की लाश उसके बिस्तर पर थी, उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था।

मेरी मां की हालत गंभीर है और वह बोल नहीं पा रही हैं। उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। तीनों एक ही बरामदे में सो रहे थे। आलोक ने कहा कि, तुम्हारा छोटा भाई आयुष पटेल (8) घर के अंदर सो रहा था। उसे किसी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

गांव वालों ने कहा- परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं

गांव वालों का कहना है कि, राजेंद्र का परिवार काफी अमीर है। उनके पास दो ट्रैक्टर और खेती के कई मशीन हैं, जिन्हें परिवार किराए पर देता है। उनके पास कई एकड़ सिंचाई वाली जमीन है। गांव में उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।

गांव वालों ने बताया कि राजेंद्र ने दो शादियां की थीं। उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। उससे उसका एक बेटा आलोक है। उसकी दूसरी पत्नी रूपा पटेल पर हमला हुआ था। उसका बेटा आयुष पटेल रूपा पटेल से है।

पड़ोसियों ने बताया कि, राजेंद्र असल में पिपरिया का रहने वाला था। लखनपुर में भी उसकी पुश्तैनी ज़मीन थी। वह करीब पांच साल पहले अनूपपुर आ गया था। करीब चार दिन पहले, दो-तीन लोग देर रात राजेंद्र पटेल के घर आए। उनका इरादा घर के बाहर रखे धान को चुराने का था। तब से राजेंद्र धान की रखवाली के लिए घर के बाहर सो रहा था।

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