200 घरों में धर्मांतरण और चर्च खोलने की थी तैयारी : राजनांदगांव से ऑपरेट हो रहा था रैकेट, बच्चे-बच्चियों को आश्रम में रखा, विदेशी-फंडिंग का शक
छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम को ठिकाना बनाया था। यहीं से डिजिटल तरीके से नेटवर्क चलता था। आश्रम में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को भी रखा गया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक 200 घरों में धर्मांतरण की तैयारी थी। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर बड़ी संख्या में चर्च खोलने की साजिश थी। कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी बाजार में कीमत हजारों डॉलर में है। अवैध आश्रम और चर्च को डेविड चाको नाम का शख्स संचालित कर रहा था।
बताया जा रहा है कि धर्मापुर गांव के अवैध चर्च से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में धर्मांतरण को लेकर ऑर्डर जाते थे। डेविड चाको धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। डेविड चाको पुलिस की हिरासत में है। पूछताछ की जा रही है। विदेशी फंडिंग की भी जांच हो रही है।
पहले ये 3 तस्वीरें देखिए...

राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। इसी चर्च पर पुलिस ने छापेमारी की।

धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम में छापेमारी करने जाती हुई पुलिस की टीम।

ग्राम धर्मापुर के आश्रम से ये सामान बरामद किया गया है।
अब सिलसिलेवार पढ़िए धर्मांतरण नेटवर्क की पूरी कहानी
दरअसल, 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है। आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है। कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इसके बाद राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा की टीम एक्टिव हुई। SP और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन की टीम ने छापेमारी की। आश्रम से कांकेर के बच्चों को रेस्क्यू कर CWC (Child Welfare Committee) को सौंपा गया। इसके बाद CWC ने बच्चों परिजनों को सौंप दिया है।

ग्रामीणों को इस तरह के प्रेजेंटेशन दिखाए जाते थे।
प्रोजेक्टर लगाकर करते थे ब्रेनवॉश
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान आश्रम से सोलर-आधारित प्रोजेक्टर्स जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। इन प्रोजेक्टर्स का उपयोग विशेष रूप से उन सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता था, जहां बिजली की सुविधा नहीं है।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, धर्मांतरण से संबंधित डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन सामग्री, महत्वपूर्ण रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल हैं। डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था।

धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट करने वाले चाको की फाइल फोटो है।
अन्य जिलों में भी फैला नेटवर्क
राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा के मुताबिक शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। दस्तावेजों की जांच से पता चला है कि इस नेटवर्क की जड़ें छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिलों में भी फैली हुई हैं। बड़ी संख्या में लोग पुलिस के रडार पर हैं।
फंडिंग और वित्तीय स्रोतों की जांच होगी
SP अंकिता शर्मा ने बताया कि पुलिस का मुख्य फोकस अब नेटवर्क के 'फंडिंग सोर्स' पर है। इतने महंगे उपकरणों और बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे आश्रम के लिए धन कहां से आ रहा था। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस धन का स्रोत विदेशी है या किसी अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ा है।
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