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रायपुर से मुंबई तक ED के एक्शन से हड़कंप : Rakesh Sarawagi के ठिकाने पर छापा, आनंद जैन पर 2,434 करोड़ के Money Laundering Case

MP CG Times / Fri, Dec 19, 2025

जय कॉर्प लिमिटेड (Jay Corp Limited) के निदेशक आनंद जयकुमार जैन से जुड़े ₹2,434 करोड़ के fraud और money laundering case में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने देशभर में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। ED search operation के तहत रायपुर, मुंबई, नासिक और बेंगलुरु समेत 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है। एजेंसी रियल एस्टेट से जुड़े financial documents, digital records और transaction trail की गहन जांच कर रही है।


रायपुर में बिल्डर के ऑफिस पर ED की दबिश

(ED Raid at Builder Premises in Raipur)

जानकारी के मुताबिक, रायपुर में एक नामी बिल्डर के ठिकानों पर ED की टीम ने छापा मारा। दो गाड़ियों में पहुंची टीम में करीब 5 ED अधिकारी और 5 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। टीम ने ऑफिस के भीतर दस्तावेजों की तलाशी ली और कर्मचारियों से questioning भी की। सूत्रों के अनुसार, यह रेड real estate investment laundering से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई है।


विदेशी कंपनियों में पैसा ट्रांसफर करने का शक

(Offshore Transactions Under Scanner)

ED को संदेह है कि रियल एस्टेट निवेश के नाम पर जुटाई गई भारी रकम को foreign companies, offshore accounts और shell companies के जरिए बाहर भेजा गया। एजेंसी संदिग्ध bank transactions, overseas fund transfer और layered money trail को जोड़ने में जुटी है। इस मामले में आगे चलकर कई अन्य कंपनियां और बड़े कारोबारी समूह भी ED investigation के दायरे में आ सकते हैं।


क्या है पूरा मामला?

(What is Jay Corp Scam Case?)

दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत CBI FIR से हुई थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आनंद जयकुमार जैन, उनकी कंपनी जय कॉर्प लिमिटेड, कारोबारी पराग शांतिलाल पारेख और अन्य सहयोगी कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आनंद जैन मशहूर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म Dream11 co-founder Harsh Jain के पिता हैं, जिस वजह से यह मामला high-profile corporate scam बन गया है।


बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

(Bombay High Court Intervention)

बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने इस केस में FIR दर्ज कर Special Investigation Team (SIT) का गठन किया। इससे पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को दिसंबर 2021 और अप्रैल 2023 में इस घोटाले से जुड़ी शिकायतें मिली थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।


2006-08 के बीच निवेशकों से जुटाए 2,434 करोड़

(Real Estate Investment Fraud)

FIR के अनुसार, मई 2006 से जून 2008 के बीच आरोपियों ने दो कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों के जरिए मुंबई और अन्य शहरों में real estate development projects के नाम पर निवेशकों से करीब ₹2,434 करोड़ जुटाए गए। निवेशकों को हाई रिटर्न का झांसा दिया गया, लेकिन पैसों का इस्तेमाल कथित तौर पर तय उद्देश्यों के बजाय अन्य वित्तीय गतिविधियों में किया गया।


बैंकों से हजारों करोड़ का कर्ज, दुरुपयोग का आरोप

(Bank Loan Misuse Allegations)

जांच में सामने आया है कि Navi Mumbai SEZ Pvt Ltd के नाम पर बैंकों से ₹3,252 करोड़ का loan लिया गया। इसके अलावा, Mumbai SEZ Limited के लिए पहले ही ₹686 करोड़ का बैंक कर्ज लिया जा चुका था। CBI का आरोप है कि इन loans का इस्तेमाल घोषित परियोजनाओं में न होकर diversion of funds के रूप में किया गया।


मॉरिशस और जर्सी तक पहुंची मनी ट्रेल

(Mauritius & Jersey Offshore Link)

CBI के मुताबिक, आपराधिक साजिश के तहत निवेशकों और बैंकों का पैसा Mauritius और Jersey (Channel Islands) में स्थित विदेशी कॉर्पोरेट कंपनियों को भेजा गया। FIR में यह भी आरोप है कि नवंबर 2007 के दौरान इस रकम का इस्तेमाल Reliance Petrochemicals futures trading में किया गया, जो नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।


विदेशी मुद्रा कर्ज और फ्यूचर ट्रेडिंग की जांच

(Forex Loan & Futures Trading Probe)

जांच एजेंसियों का दावा है कि बैंकों से लिया गया ₹98.83 करोड़ का foreign currency loan भी मॉरिशस में निवेश किया गया। इससे पूरे नेटवर्क के जरिए large-scale money laundering की आशंका और मजबूत हुई है। फिलहाल ED और CBI दोनों एजेंसियां offshore companies, investor money और money trail analysis पर फोकस कर रही हैं।


आगे क्या? गिरफ्तारी और कुर्की की आशंका

(ED Action May Intensify)

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, new arrests, asset attachment और property seizure की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। सूत्रों का मानना है कि यह मामला देश के सबसे बड़े corporate fraud और money laundering cases में से एक साबित हो सकता है, जिसमें आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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