गरियाबंद में धान तस्करी का सीक्रेट रूट : पुलिस के एक्शन से तस्करों में दहशत, जानिए ट्रक में भरा 500 कट्टा धान कैसे पकड़ाया ?
गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान खरीदी के सीज़न के दौरान पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। बीते दिन (09 दिसंबर 2025) थाना देवभोग की टीम ने उड़ीसा से आए एक ट्रक को उरमाल के पास रोका, जिसमें 500 कट्टा अवैध धान (Illegal Paddy) लोड था। पुलिस को शक है कि इस धान को छत्तीसगढ़ के अंदर खपाने की कोशिश हो रही थी।
सरकार के स्पष्ट निर्देश (Govt Instructions)
प्रदेश सरकार ने इस समय धान खरीदी को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। समर्थन मूल्य पर खरीदी केवल पंजीकृत किसानों से, तय खरीद केंद्रों में और पूरी दस्तावेजी प्रक्रिया (Proper Documents) के साथ ही हो सकती है। इसके उलट किसी भी तरह का अवैध परिवहन या स्टोरेज कानून का उल्लंघन माना जाता है।

देवभोग पुलिस की निगरानी (Strict Monitoring)
देवभोग थाना लगातार सीमा क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहा है। पुलिस मुखबिरों और स्थानीय सूचना तंत्र को एक्टिव रखकर ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि उड़ीसा से एक ट्रक धान लेकर अंदर घुसने वाला है। सूचना मिलते ही देवभोग थाना की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
ट्रक रोका, दस्तावेज मांगे, कुछ नहीं मिला (No Valid Documents)
उरमाल के पास संदिग्ध ट्रक (CG 04 SH 9374) को रोका गया और वाहन चालक से कागज़ मांगे गए। लेकिन धान परिवहन से जुड़े किसी भी दस्तावेज को पेश नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही धान की मात्रा चेक की, जिसमें कुल 500 कट्टे पाए गए।

स्पष्ट हुआ अवैध परिवहन (Illegal Transportation)
दस्तावेजों की अनुपस्थिति और हालात को देखते हुए साफ दिखाई दिया कि धान को उड़ीसा से लाकर छत्तीसगढ़ में बेचने की योजना बनाई गई थी। यह अंतर-राज्यीय अवैध धान परिवहन का मामला (Inter-State Crime) माना गया है। फिलहाल पुलिस ने ट्रक सहित धान को जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जब्ती का विवरण (Seizure Details)
जप्त धान – 500 कट्टा
जप्त वाहन – ट्रक CG 04 SH 9374
स्थान – उरमाल, थाना देवभोग

ऐसे मामलों में पिछले कुछ वर्षों से लगातार वृद्धि देखी जा रही है, खासकर खरीदी सीज़न (Procurement Season) में। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से सीमा इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि राज्य में अवैध धान का प्रवाह कम किया जा सके।
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