DSP पर लव ट्रैप का आरोप लगाने वाले कारोबारी की पिटाई : नग्नकर बेल्ट-थप्पड़ और लात-घूसों से पीटा गया, कई ठगी मामलों में पहले से आरोपी
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा पर लव ट्रैप का आरोप लगाने वाले कारोबारी दीपक टंडन का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में टंडन के साथ होटल वेलकम श्री के अंदर बेरहमी से मारपीट की जा रही है। कई लोग उसे थप्पड़, लात-घूंसे और बेल्ट से पीटते नजर आते हैं। इस दौरान उसके कपड़े भी उतरवा दिए गए थे।
जानकारी के मुताबिक यह वीडियो कुछ साल पुराना है और लेन-देन के विवाद से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि बकाया रकम नहीं चुकाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद 4–5 लोगों ने टंडन की पिटाई कर दी थी। हालांकि डीएसपी पर लगाए गए आरोपों के बाद यह वीडियो दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

सक्ती में 15 लाख रुपए की ठगी का आरोप
इस बीच दीपक टंडन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हाल ही में कोरबा कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके अलावा सक्ती जिले के एक कोयला कारोबारी ने भी उस पर 15 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। रायपुर में भी साल 2018 में टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

कोल ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी
पीड़ित व्यापारियों का आरोप है कि दीपक टंडन खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। कोयला व्यवसाय, सरकारी नौकरी की परीक्षा और कोल ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने के नाम पर उसने लाखों रुपए की ठगी की। सक्ती पुलिस सहित अन्य जिलों की पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अब जानिए कौन है कारोबारी दीपक टंडन
कारोबारी दीपक अंबेडकर टंडन का बचपन कोरबा की पुरानी बस्ती आदिल चौक के पास बीता है। उसने अपनी पढ़ाई भी कोरबा में ही की थी। नया बस स्टैंड के पास सड़क किनारे उसकी फोटो फ्रेमिंग की दुकान थी, जहां वह अपने भाइयों के साथ काम करता था। दीपक टंडन की फोटो फ्रेमिंग की दुकान आज भी वहीं है। उसके भतीजे डंडेश्वर टंडन के मुताबिक दीपक चार भाइयों में सबसे छोटा है। कोरबा में वह फोटो फ्रेमिंग का काम करता था। इसके साथ ही सतनामी समाज का कोषाध्यक्ष भी था।

अब जानिए DSP कल्पना वर्मा लव ट्रैप का क्या है मामला
दरअसल, DSP कल्पना वर्मा जब महासमुंद में पदस्थ थीं। 2021 में वह अपने कुछ साथियों के साथ टंडन के होटल पहुंची थी। कल्पना का एक बैच मेट और टंडन आपस में म्यूचुअल फ्रेंड थे। इसी ने टंडन और कल्पना की मुलाकात कराई। दोनों के बीच नंबर एक्सचेंज हुए।
मुलाकात के लगभग 2 दिन बाद कल्पना के नंबर से टंडन को कॉल आया। मिलने-बैठने की बात हुई। इस तरह चीजें आगे बढ़ी। जब भी कल्पना महासमुंद से आती दोनों के बीच मीटिंग होती थी। धीरे-धीरे साथ घूमने-फिरने और शॉर्ट टूर पर भी जाने लगे।
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